नई दिल्ली। भारतीय जीवन बीमा निगम यानी एलआईसी देश की सबसे बड़ी बीमा कंपनी है। हर साल यह लाखों बीमा पॉलिसी जारी करती है। एलआईसी के पास वक्त हजारों बीमा योजनाएं है, लेकिन हर योजना हर एक के लिए सही नहीं है। ऐसे में यह तय करना काफी कठिन है कि कौन सा बीमा प्लान लिया जाए। इस दिक्कत से बचने के लिए लोगों के पास एलआईसी का सिंगल प्रीमियम प्लान लेने का विकल्प होता है। ऐसे बीमा प्लान में सिर्फ एक बार ही प्रीमियम देना होता है और जीवन भर बीमा पॉलिसी का लाभ मिलता रहता है। यह बीमा पॉलिसी 90 दिन के बच्चे से लेकर 65 साल तक की उम्र का कोई भी व्यक्ति ले सकता है। आइये जानते हैं कि एलआईसी के सिंगल प्रीमियम प्लान टेबल 817 की क्या खूबिया हैं।
इस सिंगल प्रीमियम प्लान की खूबियां
-सिंगल प्रीमियम प्लान लेने की न्यूनतम उम्र 90 दिन
-सिंगल प्रीमियम प्लान लेने की अधिकतम आयु 65 वर्ष
-सिंगल प्रीमियम प्लान की मैच्यूरिटी के लिए न्यूनतम आयु 18 वर्ष
-सिंगल प्रीमियम प्लान की मैच्योरिटी के लिए अधिकतम आयु 75 वर्ष
-सिंगल प्रीमियम प्लान न्यूनतम 10 वर्ष से लेकर अधिकतम 25 वर्ष के लिए लिया जा सकता है
-सिंगल प्रीमियम प्लान की न्यूनतम बीमा राशि 50,000 रुपये
-सिंगल प्रीमियम प्लान में अधिकतम बीमा राशि की कोई सीमा नहीं
-इस सिंगल प्रीमियम प्लान के अगेंस्ट में लोन ले सकते हैं
सिंगल प्रीमियम प्लान पॉलिसी की मैच्योरिटी के समय (बीमा लेने वाले की पॉलिसी अवधि के दौरान मृत्यु नहीं होने पर) पॉलिसी धारक को बीमा राशि के अलावा बोनस और अंतिम अतिरिक्त बोनस का लाभ मिलता है। इस अंतिम अतिरिक्त बोनस या वार्षिक बोनस की घोषणा एलआईसी हर साल करती है। यह बोनस पॉलिसी में जुड़ता जाता है और इसका भुगतान पॉलिसी अवधि की समाप्ति पर मिलती है।
मान लीजिए आपके पास 10 लाख रुपये का बीमा है, और LIC आपकी सिंगल प्रीमियम प्लान के लिए 40 रुपये प्रति 1,000 रुपये का बोनस घोषित करती है। ऐसे में आपको 40,000 रुपये का बोनस मिलेगा। लेकिन यह बोनस हर साल नहीं बल्कि पालिसी के पूरा होने पर एक साथ दिया जाता है। यह बोनस आपकी पॉलिसी में हर साल जुड़ता जाता है। एलआईसी हर साल बोनस की घोषणा करती है, लेकिन हर साल बोनस मिलने की गारंटी नहीं होती है।
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सिंगल प्रीमियम प्लान अवधि के दौरान अगर पालिसी धारक की मृत्यु हो जाती है, तो उसे पूरी बीमा राशि दी जाती है। इसके अलावा निहित साधारण प्रत्यावर्ती बोनस और अंतिम अतिरिक्त बोनस का भी लाभ दिया जाता है।
बीमा पर इनकम टैक्स छूट के नियम जानें
ज्यादातर लोगों को यह जानकारी नहीं है कि हर बीमा प्लान में निवेश करके इनकम टैक्स की छूट नहीं ली जा सकती है। इनकम टैक्स की यह छूट सेक्शन 80सी के तहत मिलती है। इसके तहत अगर प्रीमियम बीमा राशि के 10 फीसदी से ज्यादा है, तो आपको मेच्योरिटी पर मिलने वाली राशि पर भी इनकम टैक्स देना होगा।
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