नई दिल्ली। देश के पूर्व मुख्य न्यायाधीश आर एम लोढ़ा (Former Chief Justice RM Lodha) 1 लाख रुपये की ऑनलाइन धोखाधड़ी (Online fraud) के शिकार हो गए हैं। पुलिस में दर्ज कराई एफआईआर (FIR) के अनुसार उनके एक दोस्त का ई-मेल हैक (E-mail hack) कर जस्टिस लोढ़ा से अचानक आई जरूरत के लिए 1 लाख रुपये मांगा गया। इस मेल में हैक करने वाले ने यह भी लिखा कि उनका फोन भी इस समय काम नहीं कर रहा। इस मेल के मिलने के बाद जस्टिस लोढ़ा (Justice Lodha) ने अपने दोस्त के बताए बैंक (bank) में 1 लाख रुपये डाल दिए, लेकिन जैसे ही उनके दोस्त का मेल फिर चला तो उन्होंने अपने सभी दोस्तों को मेल कर इस बात की जानकारी दी। लेकिन तब तक जस्टिस लोढ़ा के साथ फ्रॉड हो चुका था। ऐसे हालात सिर्फ जस्टिस लोढ़ा के साथ ही नहीं किसी के साथ भी कभी बन सकते हैं, इसलिए जरूरी है कि कुछ सावधानियां वरती जाएं, जिससे इस तहर के फ्रॉड से बचा जा सके।
पहले जानें कैसे हुआ जस्टिस लोढ़ा के साथ फ्रॉड
जस्टिस लोढ़ा के अनुसार उनके पुराने दोस्त जस्टिस बीपी सिंह की ई-मेल आईडी (E-Mail ID) से एक मेल आया। यह मेल 19 मई को रात में आया। जस्टिस लोढ़ा के अनुसार उनके दोस्त ने मुझसे आपातकाल मदद मांगी। इस मेल में दोस्त ने बताया था कि उनका चचेरा भाई लिंफोब्लास्टिक ल्युकेमिया से जूझ रहा है और उसे कुछ पैसों की सख्त जरूरत है। मुझसे दोस्त ने आग्रह किया कि मैं आरटीजीएस (RTGS) के जरिए 95000 रुपये या एक लाख रुपये दे दूं। बाद में जस्टिस लोढ़ा ने ई-मेल पर दिए गए बैंक अकाउंट (Bank account) में दो बार में 1 लाख रुपये डाल दिया। बाद में 30 मई को जस्टिस लोढ़ा को उनके दोस्त का एक ई-मेल मिला। इस ई-मेल में उनके दोस्त ने बताया कि शायद उनका मेल हैक हुआ था। इसके बाद जस्टिस लोढ़ा को महसूस हुआ कि उनके साथ फर्जीवाड़ा हुआ है। इसके बाद उन्होंने मालवीय नगर पुलिस स्टेशन में इसकी शिकायत दर्ज करा दी है।
ऐसा मेल या मैसेस आपके पास भी आ सकता है। कई बार किसी बहुत ही नजदीकी का मेल हैक कर फर्जीवाड़ा करने वाले आपको भी ऐसा ही संदेश भेज सकते हैं। ऐसे में सबसे पहले मेल या मैसेज की सत्यता की पुष्टि जरूर करें। यह न सोचें कि मदद मांगने वाले को इस पूछताछ से बुरा लगेगा। जब तक अपने मित्र या रिश्तेदार से मैसेज की सत्यता की पुष्टि न कर लें, पैसा बताए गए बैंक खाते में कतई ट्रांसफर न करें। अगर ऐसा करते हैं तो आप भी धोखाधड़ी का शिकार हो सकते हैं।
ऐसा नहीं है कि जैसा हादसा जस्टिस लोढ़ा के साथ हुआ है, वैसे ही कोई आपको भी लूटने की कोशिश करें। ऐसे में जरूरी है कि आप ज्यादा सावधानी रखें। आइये जानते हैं कौन कौन सी सावधानियां आपको वित्तीय फ्रॉड (Financial fraud) से बचा सकती हैं।
फिशिंग ईमेल (Phishing E-Mail) आपको झांसे में लाने के लिए भेजी जाती है। यह बैंक या किसी शॉपिंग वेबसाइट या बड़े कारोबारी संस्थान से लेकर आपके जानने वाले के ई-मेल को हैक कर भी भेजी जा सकती है। इसके माध्यम से आपकी व्यक्तिगत जानकारी मांगी जाती है। अक्सर इस फिशिंग ई-मेल में लिंक भी दिया जाता है। यह लिंक फर्जी वेबसाइट (Fake website) खोल देता है, ऐसे में उसका पता ध्यान से पढ़े तो इस बात को आसानी से पकड़ा जा सकता है। जैसे ही आप इस नकली वेबसाइट (Fake website) पर अपना यूजर आईडी और पासवर्ड (User ID and password) डालते हैं, आपका मोबाइल नंबर (mobile number), लॉग-इन आइडी, पासवर्ड, डेबिट/क्रेडिट कार्ड संबंधी जानकारी, सीवीवी, जन्मदिन जैसी जानकारी मांग कर चोरी कर ली जाती है। बाद में इसी का इस्तेमाल कर आपके साथ धोखाधड़ी की जाती है।
ऑनलाइन ट्रांजेक्शन करने से पहले वेबसाइट का पता जरूरी चेक (check the website address) करें। ब्राउजर स्टेटस पर लॉक आइकॉन या 'https' यूआरएल, जहां 'एस' उसके सुरक्षित होने की पहचान है।
कोई भी वित्तीय ट्रांजेक्शन करने से पहले सुनिश्चित करें कि आपका इंटरनेट कनेक्शन पासवर्ड सुरक्षित है या नहीं (Use Safe Network Only)। साइबर कैफे या फ्री वाई-फाई (Cyber cafe or free Wi-Fi) से इंटरनेट बैंकिंग या ऑनलाइन ट्रांजेक्शन (Cyber cafe or free Wi-Fi) करने से नुकसान हो सकता है। ज्यादातर ऑनलाइन बैंकिंग (online banking) लोग घर से या फिर ऑफिस से ही करते हैं। ऐसे में जरूरी है कि कंप्यूटर लॉग-ऑफ जरूर करें और कैशे मेमरी को क्लियर जरूर रहें। इस तरीके से आपकी कोई भी जानकारी सिस्टम में नहीं रहेगी और इस तरह आप की सुरक्षा बढ़ जाएगी।
कई बार लोग अपना मोबाइल नंबर या पता बदल लेते हैं, लेकिन इसकी जानकारी अपने बैंक को नहीं देते हैं। यह सही तरीका नहीं है। इसलिए अगर ऐसा या अन्य कोई बदलाव हुआ है तो इस बात की जानकारी अपने बैंक को जरूर दें। यही नहीं यह भी चेक करें कि आपकी जानकारी अपडेट हो गई है या नहीं। इसके अलावा लोगों को हफ्ते में एक बार बैंक अकाउंट और क्रेडिट कार्ड अकाउंट जरूर चेक कर लेना चाहिए। इसके अलावा बैंक अकाउंट में अलर्ट एसएएएस की सुविधा भी लेनी चाहिए (Take advantage of alert SMS in bank account)। इससे आपके अकाउंट में हर ट्रांजेक्शन की जानकारी आपको रियल टाइम पर दी जाती है। ऐसे में अगर गलत ट्रांजेक्शन होते ही आप एलर्ट हो सकते हैं।
ज्यादातर लोग शॉपिंग करते वक्त बार-बार कार्ड नंबर भरने से बचने के लिए अपना कार्ड नंबर और एक्सपायरी डेट जैसी जानकारी बेवसाइट पर सेव कर देते हैं। ऐसा करना अक्सर बड़ी भूल साबित होता है। इसीलिए जानकारों का मानना है कि कार्ड की डीटेल शॉपिंग/ट्रांजेक्शन बेवसाइट पर हर बार डालने में दिक्कत हो सकती है, लेकिन जानकारी को सुरक्षित रखने का अच्छा तरीका है।
वित्तीय लेनदेन (Financial transaction) के लिए हरदम कठिन पासवर्ड बनाना चाहिए। पासवर्ड अंक और अक्षर के अलावा सिंबल का अच्छा मिक्स करके बनाना चाहिए। पासवर्ड जितना मजबूत होगा आप उतना ही ऑनलाइन फ्रॉड से सुरक्षित रहेंगे।
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