मुंबई। भारत में 10 में से 7 लोग बैंकों (bank) या बीमा कंपनियों (Insurance company) को अपने स्थान व जीवन-पद्धति से संबंधित जानकारी (personal information) साझा करते हैं। एसेंचर (Accenture) की ताजा रिपोर्ट में बताया गया कि भारत में 10 में से 7 लोग कम कीमतों के उत्पादों और सेवाओं के लिए बैंकों (bank) और बीमाकर्ताओं (Insurance company) से अपनी निजी जानकारी साझा करते हैं। हालांकि, 5 में से 4 (81 फीसदी) उपभोक्ताओं (consumer) का कहना है कि वे अपने निजी डाटा (Personal data) की निजता को लेकर काफी सतर्क रहते हैं।
भारत में डाटा सुरक्षा में सेंधमारी (Burglary in Data Protection) बड़ी चिंता का विषय
सर्वेक्षण के नतीजों के अनुसार, भारत में डाटा सुरक्षा में सेंधमारी (Burglary in Data Protection) उपभोक्ताओं के लिए दूसरी सबसे बड़ी चिंता है और उनका मानना है कि उनकी शिकायतों को जिस ढंग से लिया जाता है वह स्वीकार्य नहीं है। एसेंचर के प्रबंध निदेशक ऋषि अरोड़ा ने कहा, "बड़ी तादाद में लोग बेहतर कीमतों पर अधिक सक्षम सेवाओं के लिए अधिक निजी डाटा (Personal data) साझा करने के इच्छुक हैं, जो भारत में वित्तीय सेवाओं के वितरण में डिजिटल प्रौद्योगिकी की भूमिका को दर्शाता है।"
सतर्क रहने की जरूरत
आमतौर पर लोग बैंक (bank) और बीमा कंपनियों (Insurance company) पर भरोसा करके अपनी निजी जानकारी (Personal data) साझा कर देते हैं। लेकिन आगे जाकर साझा की गई जानकारियों के दुरप्रयोग की आशंका बनी रहती है। ऐसे में सबसे जरूरी है कि बैंक (bank) और बीमा कंपनियों (Insurance company) से जब भी जानकारी साझा करनी हो तो इस बात को ध्यान में जरूर रखें कि वह जानकारी आपको देनी चाहिए या नहीं। बैंक और बीमा कंपनियों निहायत ही निजी जानकारी (Personal data) देने के लिए बाध्य नहीं कर सकती हैं।
यह भी पढ़ें : Bank जीरो बैलेंस में भी खोलते हैं बच्चों के नाम अकाउंट, जानें फीचर्स
More Articles
- भारी बारिश का अलर्ट: बाढ़ में डूबी कार को स्टार्ट न करें, क्लेम पाने का सही तरीका जानें
- Manipal Health IPO: ₹9,275 करोड़ का बड़ा दांव, क्या आपको अप्लाई करना चाहिए?
- ITR फाइल करने का आज आखिरी मौका: क्या आज के बाद लगेगा जुर्माना? जानें बचने का तरीका
- US Fed का फैसला आज रात: क्या भारतीय बाजार में आएगी बड़ी हलचल? जानें ट्रेडर्स के लिए खास रणनीति
- GST QRMP स्कीम: PMT-06 पेमेंट में 35% चालान चुनें या सेल्फ-असेसमेंट? ब्याज से बचने का पूरा गणित
- ITR फाइलिंग की डेडलाइन: 31 जुलाई से पहले निपटा लें ये जरूरी काम, वरना होगा नुकसान