नई दिल्ली : शादी से पहले युवाओं पर अधिक जिम्मेदारी नहीं होती। यह बात भी सच हैं कि शादी के बाद चीजों को मैनेज करने में कभी-कभी बहुत दिक्कतें होती है। इसका सबसे बड़ा कारण यह हैं कि इससे पहले आप बैचलर थे और आपके ऊपर कोई जिम्मेदारी नहीं थी। लेकिन शादी के बाद से ही आपके ऊपर काफी जिम्मेदारी बढ़ जाती है। ऐसे में अक्सर देखा गया हैं कि लोग financial crisis में फँस जाते है।
वहीं कुछ लोग ऐसे भी होते हैं जो शादी के बाद कमाई के साथ बचत पर भी ध्यान देना शुरू कर देते है। जो कि सही मायने में बहुत ही जरूरी भी है। इतना ही नहीं शादी के बाद आपको नए सिरे से सोचना भी चाहिए। इसलिए आज हम आपको बतायेंगे कि शादी के बाद आने वाली financial जिम्मेदारियों को हैंडल कैसे करें। इतना ही नहीं अपनी नई शादीशुदा जीवन को किस तरह से अपने पार्टनर की मदद से बेहतर बनाया जा सकता है।
अपने साथी के साथ बैठें और अपनी जिम्मेदारियां तय करें। अपनी आय और अन्य जिम्मेदारियों के आधार पर, आप अपने घरेलू खर्च को पूर्व-निर्धारित अनुपात में बांट सकते हैं। और यह सिर्फ आपके खर्चों पर ही नहीं, बल्कि आपके बजट और निवेश पर भी लागू होता है। इसके साथ ही आपको अपनी earning का कितना भाग बचाना है व कितना खर्च करना है उस विषय में आपकी व आपके लाइफ पार्टनर की एक राय होनी चाहिए | भले ही कोई व्यक्ति आपका लाइफ पार्टनर हो पर उसका भी अपना नजरिया हो सकता है इसलिए दोनों की समझ से ही अपनी financial planning करें। इससे निकट भविष्य में भी आपके फाइनेंस को लेकर कोई मतभेद नहीं होंगे।
एक बार जब आप अपनी भूमिकाओं को तय कर लेते हैं, तो अपने लक्ष्यों को पाने के लिए तैयार हो जाएं। अपने लक्ष्यों को छोटे-छोटे भागों में बांट लें और उसी के अनुसार अपने वित्त की योजना बनाएं। अपने लक्ष्यों को पूरा करने के लिए वित्तीय परिसंपत्तियों को अपनी आय, निवेश के कार्यकाल और जोखिम के आधार पर चुनें। इस बात का भी ध्यान दें कि आपको अपनी सेविंग्स का कहाँ उपयोग करना है यह भी सोच लें। अगर आप चाहें तो अपने करियर को आगे बढ़ाने के लिए अपनी एजुकेशन में भी निवेश केर सकते है। अपनी लाइफ के लक्ष्य तय करना व यह प्लान करना कि आपको कौन सी चीज कब लेनी है आपके लिए आपकी सेविंग्स और financial planning को इजी कर देगी।
चुकी अब आपकी शादी हो चुकी है, इसलिए आपकी संयुक्त वित्तीय जिम्मेदारियां हैं। किसी कारणवश किसी व्यक्ति की असामयिक निधन पर आपको दूसरे सदस्य के लिए वित्तीय रूप से सुरक्षित रखने पर विचार करना चाहिए। यदि आपके पास पहले से ही एक लाइफ कवर है, तो जांचें कि क्या कवरेज आपके सभी निकट और प्रिय लोगों की देखभाल करने के लिए पर्याप्त है। यदि नहीं है तो सभी के लिए उसे सुलभ बनाने पर सोचें।
इस बात से भी आपको अवगत करा दूं कि सिर्फ बचत करना ही काफी नहीं है। आपको अपने पैसों का सही जगह निवेश करना होगा। आप चाहें तो किसी एक्सपर्ट की सलाह भी ले सकते है, और शेयर्स में निवेश कर सकते है। लेकिन सबसे पहले अपने लाइफ पार्टनर की सलाह लेना जरूरी है। आपके निवेश कितने जोखिम भरें हो इस पर भी विचार के लें जैसे शेयर अधिक जोखिम भरें निवेश होते है जबकि भूमि या प्रॉपर्टी में निवेश कम जोखिम भरा होता है।
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