नई दिल्ली: बात अगर फाइनेंशियल लेन-देन की की जाए तो इन दिनों क्रेडिट कार्ड ज्यादातर लोगों के लिए लाइफलाइन है। जी हां क्रेडिट कार्ड आज बहुत से लोगों की जरूरत बन गई है। कई बार क्रेडिट कार्ड हमारे बुरे वक्त का सहारा भी बनता है। जब आपके पास बैलेंस ना हो और आपको पैसों की बेहद जरूरत है ऐसे में क्रेडिट कार्ड काफी काम आता है। चाहे रिटेल आउटलेट से खरीदारी करनी हो, औनलाइन शौपिंग करनी हो, टेलीफोन या इलेक्ट्रिसिटी बिल जमा करना हो या एयर टिकट और होटल बुक करना हो। देश भर में क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल बड़े पैमाने पर किया जाता है। वहीं इस बात का भी ध्यान देना चाहिए कि क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल सोच समझ के करना जरुरी है। क्रेडिट कार्ड का यूज आपकी क्रेडिट हिस्ट्री और क्रेडिट स्कोर को बड़े पैमाने पर प्रभावित करता है।
बाजार में कई तरह के क्रेडिट कार्ड्स हैं। जरूरी है कि अपनी जरूरतों को जान कर, परख कर हम सही कार्ड का चुनाव करें। कई बार इसकी जानकारी के अभाव में क्रेडिट कार्ड से हमें नुकसान भी होता है। आम तौर पर लोग जो खरीदारी के काफी शौकीन होते हैं, हाई लिमिट वाला कार्ड लेते हैं पर ये एक बुरा विकल्प है। ये गलती आपको कर्ज में डाल सकती है।
जब भी आप क्रेडिट कार्ड का चुनाव करें, जरूरी है कि अपनी भुगतान क्षमता को अच्छे से जाने, इसमें लापरवाही आपका नुकसान करती है। इस खबर में हम आपको कुछ जरूरी टिप्स बताने वाले हैं जिन्हें ध्यान में रखने से आप अपने लिए बेहतर कार्ड का चुनाव कर सकेंगी।
क्रेडिट कार्ड से एटीएम के जरिए कैश निकाल सकते हैं। पर इस पर कुछ शुल्क और ब्याज देना होता है। ऐसे में कार्ड का चुनाव करते वक्त ध्यान रखें कि कार्ड आपको कितना शुल्क और ब्याज दर दे रही है। कार्ड से पेमेंट या कहें तो खर्च के हिसाब से बैंक अपने ग्राहकों को रिवार्ड प्वाइंट्स देती है। इन्हें मौनिटरी और नौन मौनिटरी गिफ्ट्स में बदला जा सकता है। कार्ड के प्रकार पर प्लाइंट्स निर्भर करते हैं।
अकसर ग्राहकों को क्रेडिट कार्ड से शौपिंग, खरीदारी करने के लिए प्रोत्साहित करने के लिए बैंक तरह तरह के औफर्स देते हैं। इन औफर्स में शौपिंग पर कैशबैक, मूवी टिकट पर कैशबैक जैसे औफर्स होते हैं। ऐसे में कार्ड का चुनाव करने से पहले इस तरह की पूरी जाकारी रख लें। क्रेडिट कार्ट लेने से पहले बैंक की कस्टमर केयर सुविधाओं के बारे में पहले ही सुनिश्चित हो लें। अगर भविष्य में इससे जुड़ी समस्या आती है तो आप इसे कस्टमर केयर से बात कर के सुलझा सकती हैं।
क्रेडिट कार्ड कंपनियां ज्वाइनिंग फी के साथ साथ सलाना फी भी वसूलती हैं। वहीं बहुत सी कंपनियां पहले साल की फी नहीं वसूलती। ऐसे में ऐसे कार्ड का चुनाव करें जो कम ज्वाइनिंग फी और सलाना फी वसूलते हैं। क्रेडिट लिमिट से सापेक्ष लोन की सुविधा आपको कभी भी पैसे की जरूरत आ सकती है। ऐसे में क्रेडिट कार्ड आपको सापेक्ष लोन लेने की सुविधा देता है। इस लोन को आप ईएमआई पर चुका सकती हैं। इस पर ब्याज दर भी देना होता है, ऐसे में उसी कार्ड का चुनाव करें जो कम ब्याज दर लेती हो।
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