नई दिल्ली। अगर आपका घरेलू वाई-फाई (Wi-Fi) बिस्तर पर लेटे-लेटे आपको ऑनलाईन ट्रांजेक्शन (Online transaction), दफ्तर के काम और व्यक्तिगत और संवेदनशील जानकारी साझा करने में सहूलियत और सुरक्षा प्रदान करता है तो आपको बहुत सतर्क रहने की आवश्यकता है। आपको यह जानकार शायद आश्चर्य होगा कि आपके घर के इंटरनेट सेवा प्रदाता (आईएसपी) द्वारा उपलब्ध कराए गए राउटर (Router) को बड़ी आसानी से हैक (Hack) किया जा सकता है। ऐसा होने से आपको भारी आर्थिक नुकसान (Financial loss) भी हो सकता है।
हैकर्स (Hackers) कुछ मिनट में जान लेते हैं पासवर्ड
फिनिश साइबर सिक्योरिटी फर्म एफ-सिक्योर के अनुसार, चंद पैसों में हैकर्स (Hackers) क्लाउड इनेबल्ड कंप्यूटर के जरिए कुछ ही मिनटों में आपके इंटरनेट का पासवर्ड (Password) जान सकते हैं। हाल ही में यूएस कंप्यूटर एमरजेंसी रेडीनेस टीम ने रूस से संचालित होने वाले हैकर्स टीम को लेकर अलर्ट जारी किया है। इस हैकर्स टीम ने अमेरिका में बड़ी संख्या में घरेलू राउटर्स को हैक किया है।
क्वीक हील टेक्नोलॉजी के संयुक्त प्रबंध निदेशक एवं सीटीओ संजय काटकर के अनुसार, साइबर अपराधी पैसे देकर आसानी से घरेलू वाई-फाई (Wi-Fi) से जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। काटकर ने बताया कि एक बार मालवेयर से प्रभावित होने के बाद राउटर (Router) ठीक से काम नहीं कर पाता है। कई बार बैंक के साइट्स और इ-कामर्स साइट पर जाने के दौरान खुद ब खुद ही नकली वेबसाइट्स खुल जाते हैं। हैकर्स कई बार राउटर को हैक करने के पश्चात गैर-कानूनी गतिविधियों को भी अंजाम देने से नहीं हिचकते हैं। काटकर ने यह भी चेतावनी दी कि कई बार व्यक्तिगत और वित्तीय जानकारी चुराने के बाद साइबर अपराधी आपके वाई-फाई से जुड़े अन्य स्मार्ट डिवाइस को भी बर्बाद कर सकते हैं।
एफ-सिक्योर के अनुसार आपको राउटर (Router) लेने से पहले थोड़ा दिमाग लगाने की आवश्यकता है कि आप कैसा राउटर ले रहे हैं। साइबर सिक्योरिटी फर्म के अनुसार, वो राउटर जो इंटरनेट कनेक्शन के साथ मिलते हैं या फिर अमेजन जैसे साइट्स पर उपलब्ध प्रसिद्ध राउटर के हैक होने का खतरा ज्यादा रहता है, क्योंकि उनकी प्रसिद्धि ही हैकिंग की बड़ी वजह बनती है।
चुपचाप हो जाता है राउटर हैक
यह मुमकिन है कि आपके राउटर (Router) की हैक होने की जानकारी से आप अनभिज्ञ हों। डीएनएस हाईजैकिंग डिवाइस का प्रयोग कर हैकर्स आपके घरेलू वाई-फाई की सुरक्षा में सेंध लगा सकते हैं। एफ- सिक्योर ने बताया कि हैकर्स आपके ट्रैफिक को किसी भी वेबसाइट पर सीधे तौर पर जोड़ सकते हैं, क्योंकि अनजाने में आप उन्हें अपना फेसबुक और क्रेडिट कार्ड की जानकारी दे चुके होते हैं। अगर आपने अपने वाई-फाई के लिए कमजोर पासवर्ड चुना है तो वह और भी आसानी से टूट सकता है।
काटकर ने सुझाव देते हुए कहा कि ग्राहकों को इस समस्या के समाधान करने की दिशा में विचार करने की आवश्यकता है, ताकि ऐसे मालवेयर को रोकने के साथ ही सभी डिवाइसों जैसे लैपटॉप/डेस्कटॉप, स्मार्टफोन, स्मार्ट टीवी आदि को सुरक्षित रखा जा सके, जो घरेलू वाई-फाई से जुड़े हों। घरेलू वाई-फाई को सुरक्षित रखने का एक रास्ता यह भी है कि आप ऐसे राउटर की मांग करें, जो नवीनतम वाई-फाई सुरक्षा प्रणाली (Wi-Fi security system) डबल्यूपीए को सपोर्ट करता हो। इस प्रणाली की घोषणा हाल-फिलहाल लाभ-निरपेक्ष वाई-फाई गठबंधन द्वारा की गई है जो तकनीक और तकनीक के प्रमाणपत्र को प्रोत्साहित करता है।
मेहमानों के लिए पासवर्ड बनाएं
इसके साथ ही आप अपने अतिथियों के लिए अलग नेटवर्क के साथ अलग पासवर्ड (Password) बनाएं, ताकि उनके डिवाइस के जरिए होने वाली हैकिंग से आपकी व्यक्तिगत जानकारी सुरक्षित रह सके।
More Articles
- भारी बारिश का अलर्ट: बाढ़ में डूबी कार को स्टार्ट न करें, क्लेम पाने का सही तरीका जानें
- Manipal Health IPO: ₹9,275 करोड़ का बड़ा दांव, क्या आपको अप्लाई करना चाहिए?
- ITR फाइल करने का आज आखिरी मौका: क्या आज के बाद लगेगा जुर्माना? जानें बचने का तरीका
- US Fed का फैसला आज रात: क्या भारतीय बाजार में आएगी बड़ी हलचल? जानें ट्रेडर्स के लिए खास रणनीति
- GST QRMP स्कीम: PMT-06 पेमेंट में 35% चालान चुनें या सेल्फ-असेसमेंट? ब्याज से बचने का पूरा गणित
- ITR फाइलिंग की डेडलाइन: 31 जुलाई से पहले निपटा लें ये जरूरी काम, वरना होगा नुकसान