भारतीय संस्कृति में सोने का अलग महत्व है। हम सभी अपने घर में सोना रखते हैं ताकि वो मुश्किल समय में काम आ सके। बहुत से लोग सोना रखने के शौकीन होते हैं और उसका इस्तेमाल तमाम अवसरों पर करते हैं। घर में रखे सोने की कीमत समय के साथ बढ़ तो सकती है लेकिन आपको अतिरिक्त बेनेफिट नहीं दिला सकती है।
अगर आपके घर में सोना (Gold) रखा है और आपको इस बात का डर है कि सोना चोरी न हो जाए तो आप परेशान न हों। आप न केवल अपने सोने को सेफ रख सकते हैं, बल्कि उससे अच्छी खासी कमाई भी कर सकते हैं। आज हम आपको ऐसी ही एक स्कीम के बारे में बता रहे हैं।
ऐसी स्कीम को Gold Deposit Scheme कहा जाता है। स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) द्वारा ऐसी एक स्कीम चलाई जा रही है, जिसका नाम रिवैम्प्ड गोल्ड डिपॉजिट स्कीम (R-GDS) है। आप इस स्कीम में घर में बेकार पड़े सोने को जमा कर सकते हैं। इस तरह आप अपने सोने की सुरक्षा सुनिश्चित कर सकते हैं। दूसरा, इस पर आपको ब्याज मिलेगा। इस स्कीम का मकसद घर में बेकार पड़े सोने का इस्तेमाल करना है।
ऐसे कर सकते हैं जमा
आपको इस बात की जानकारी दें कि ग्राहक सोने के सिक्के, बार, ज्वैलरी आदि को इस स्कीम में बैंक के पास जमा कर सकते हैं। इसके लिए आपको एक फॉर्म भरना होगा। फॉर्म के साथ आईडी प्रूफ, पते का प्रूफ और इनवेंट्री फॉर्म जमा करना होगा।
बता दें कि R-GDS में ग्राहकों के लिए तीन विकल्प उपलब्ध हैं। कितने साल के लिए डिपॉजिट?
- शॉर्ट टर्म बैंक डिपॉजिट (STBD)- 1 से 3 साल के लिए जमा कर सकते हैं सोना।
-मीडियम टर्म गवर्नमेंट डिपॉजिट (MTGD)- 5 से 7 साल के लिए कर सकते हैं निवेश। सरकार की तरफ से बैंक ये सोना अपने पास जमा करेगा।
-लॉन्ग टर्म गवर्नमेंट डिपॉजिट (LTGD)- 12 से 15 साल के लिए कर सकते हैं निवेश। सरकार की तरफ से बैंक ये सोना अपने पास जमा करेगा।
1- कोई भी व्यक्ति अकेले या संयुक्त रूप से इस स्कीम में सोना जमा कर सकता है
2- प्रॉपराइटरशिप और पार्टनरशिप फर्म
3- ट्रस्ट जिसमें म्यूचुअल फंड और एक्सचेंज ट्रेडेड फंड शामिल हैं।
4- कंपनियां
कितना सोना जमा किया जा सकता है?
इस स्कीम के तहत कम से कम 30 ग्राम सोना जमा करना होगा। जमा करने के लिए कोई अधिकतम सीमा तय नहीं की गई है।
इस स्कीम में गोल्ड डिपॉजिट कर 2.25-2.50 फीसदी तक का ब्याज कमाया जा सकता है। रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने इस साल जनवरी में गोल्ड मॉनेटाइजेशन स्कीम (GMS) से जुड़े नियम में बदलाव किया है। उसने इसमें चैरिटेबल इंस्टीट्यूशंस, केंद्र, राज्यों की कंपनियों को निवेश करने की अनुमति दी है।
इन सब के बीच हम आपको इस बात से भी अवगत कराना चाहेंगे कि अगर आप गोल्ड ईटीएफ में निवेश करते हैं तो आपको क्या फायदा होगा। जी हां गोल्ड ईटीएफ में निवेश के ये हैं 10 फायदे पढ़ें।
1- इसमें शेयरों की तरह गोल्ड ईटीएफ यूनिट्स खरीद सकते हैं।
2-फिजिकल गोल्ड में डिलीवरी का विकल्प भी मिलता है।
3-गोल्ड ईटीएफ का भाव रियल टाइम होने से काफी पारदर्शी भी है।
4- आप छोटी मात्रा में सोने में निवेश कर सकते हैं।
5-आपका पोर्टफोलियो भी डायवर्सिफाइड बनता है।
6-स्टोरेज की लागत बचती है यानी बैंक लॉकर बगैरह का खर्च बचता है।
7-सोने की शुद्धता को लेकर चिंता करने की जरूरत नहीं पड़ती है।
8-इसमें आप एक यूनिट में भी निवेश कर सकते हैं।
9-इसमें किसी तरह का वेल्थ टैक्स नहीं चुकाना होता है।
10-टैक्स के मामले में ये फिजिकल गोल्ड से सस्ते पड़ते हैं।
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