हाल ही में, केंद्र सरकार ने पीपीएफ और जीपीएफ दरों में वृद्धि की थी। अक्टूबर-दिसंबर तिमाही के लिए जीपीएफ और अन्य संबंधित योजनाओं की दर पिछले महीने 0.4 प्रतिशत अंक बढ़कर 8% हो गई थी। तो वहीं 2018-19 की जुलाई-सितंबर तिमाही के लिए जीपीएफ पर ब्याज दर 7.6% थी। तो आइए अब आपको जीपीएफ यानी जनरल प्रोविडेंट फंड के बारे में थोड़ा विस्तार से समझाते हैं।
जीपीएफ या जनरल प्रोविडेंट फंड अकाउंट सरकारी कर्मचारियों के लिए होता है। एक सरकारी कर्मचारी अपनी सैलरी का एक निश्चित हिस्सा योगदान के रूप में देकर इसका सदस्य बन सकता है। इस फंड में जमा राशि सरकारी कर्मचारी को सेवानिवृत्ति या रिटायरमेंट के समय मिल जाती है।
सरकारी कर्मचारी जो भारत के नागरिक हैं वे जनरल प्रोविडेंट फंड अकाउंट के लिए पात्र हैं। सरकार के कुछ सैलरी वर्ग के कर्मचारियों के लिए यह अनिवार्य होता है। प्राइवेट कर्मचारी इस अकाउंट के लिए पात्र नहीं होते हैं।
जनरल प्रोविडेंट फंड सरकारी कर्मचारियों के लिए एक बचत का माध्यम है। इस अकाउंट में खाताधारक अपनी सैलरी का एक निश्चित हिस्सा एक निश्चित समय के लिए जमा करवाता है। रिटायरमेंट के समय फंड की राशि कर्मचारी को दे दी जाती है। खाताधारक खाता खोलते समय किसी को नॉमिनी भी बना सकता है। यदि खाताधारक के साथ कुछ हो जाता है तो नॉमिनी वह राशि और लाभ प्राप्त करता है।
जीपीएफ में GPF एडवांस फीचर होता है जो कि एक ब्याज रहित लोन होता है। उधार लिया हुआ यह पैसा नियमित मासिक किश्तों में चुकाया जा सकता है। जीपीएफ़ एडवांस कैश पर कोई ब्याज नहीं दिया जाता है। आवश्यकतानुसार कितनी बार भी जीपीएफ़ एडवांस लिया जा सकता है।
जीपीएफ परिभाषित लाभ और परिभाषित योगदान दोनों अवधारणाओं को जोड़कर डिजाइन किया गया है। इसके तहत सरकारी कर्मचारी अपने मासिक वेतन के 3% -15% (3% का अनिवार्य योगदान, और 1-12% से स्वैच्छिक योगदान) योगदान देंगे और कर्मचारी के योगदान के रूप में फंड को भेज देंगे।
धन प्रत्येक सदस्य के व्यक्तिगत खाते में जमा किया जाएगा और नियमों के अनुसार निवेश किया जाएगा। सदस्यता के अंत में, एक सदस्य को दो भागों का धन प्राप्त होगा। पहला भाग सरकार से पुरानी परिभाषित लाभ योजना के तहत पेंशन या ग्रेच्युटी है। दूसरा भाग जीपीएफ से सेवानिवृत्ति बचत की प्रतिपूर्ति है। उन लोगों के लिए जो पुरानी योजना के तहत पेंशन या ग्रेच्युटी प्राप्त करने के अधिकार के बिना सरकारी सेवा से रिटायर होते हैं, उन्हें जीपीएफ से लाभ सहित, उनकी निजी बचत की केवल प्रतिपूर्ति ही प्राप्त होगी।
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