आप कई प्रकार की योजना में निवेश तो करते हैं पर उनसे जुड़ी शब्दावली के बारे में ज्यादा नहीं जानते हैं। जैसी कि एक खास टर्म है डिविडेंड। डिविडेंड क्या है इस पर कैसे टैक्स लगता है आज आपको यहां पर बताएंगे। दरअसल डिविडेंड का सरल शब्द है लाभांश जो कि विभिन्न कंपनियों पर भारत सरकार यह टैक्स लगाती है। तो आइए जानते हैं कि इस पर टैक्स कैसे लगता है:
अपने शेयरधारकों को डिविडेंड देने से पहले भारतीय कंपनियों को 15 प्रतिशत डिविडेंड डिस्ट्रीब्यूशन टैक्स (DDT) देना पड़ता है। कंपनियों पर भारत सरकार यह टैक्स लगाती है।
किसी वित्ती वर्ष में घरेलू कंपनी से मिले 10 लाख रुपए तक के डिविडेंड पर टैक्स से छूट मिलती है। यानी निवेशक को इस पर टैक्स नहीं देना पड़ता है।
किसी विदेशी कंपनी को अपने शेयरधारकों को दिए गए डिविडेंड डिस्ट्रीब्यूशन टैक्स का भुगतान करने से छूट दी जाती है।
तो वहीं विदेशी कंपनी से प्राप्त डिविडेंड निवेशकों के लिए टैक्सेबल होता है। इसके अन्य स्त्रोतों से आय के तहत लिया जाता है। इस पर लागू दरों के अनुसार टैक्स वसूला जाता है।
म्यूचुअल फंडों से मिला डिविडेंड निवेशकों के लिए टैक्स फ्री है, लेकिन उन्हें डेट फंडों के लिए 25 प्रतिशत की दर से डिविडेंड डिस्ट्रीब्यूशन टैक्स 29.12 प्रतिशत सरचार्ज और सेस के साथ देना पड़ता है। तो वहीं इक्विटी फंडों के लिए यह 10 प्रतिशत 11.64 प्रतिशत सरचार्ज और सेस सहित है।
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