रिकरिंग डिपॉजिट (आरडी) खाता आजकल लोगों के बीच काफी पापुलर हो रहा है। यह निवेशकों के बीच बचत का एक लोकप्रिय तरीका है। RD के तहत हर महीने एक निश्चित अवधि के लिए एक निश्चित तय राशि को जमा करना पड़ता है। डिपॉजिट की परिपक्वता अवधि खत्म होने पर जमा की गई राशि ग्राहक को वापस ब्याज के साथ मिलती है। इसमें निवेश की मूल राशि और उस पर कमाया गया ब्याज शामिल होता है। तो वहीं इस तरह के भी आरडी होते हैं जिनमें अलग-अलग राशि जमा की जा सकती है लेकिन ज्यादतर मामलों में हर महीने एक निश्चित राशि ही जमा की जाती है।
आरडी उस वक्त मददगार साबित होता है जब किसी के पास छोटी अवधि के लक्ष्यों की खातिर बचत करने के लिए एकमुश्त राशि नहीं होती है, तो आरडी मददगार साबित होता है। इसका कारण यह है कि यह हर महीने कुछ राशि बचत करने में मदद करता है। सुनिश्चित रिटर्न की चाहत रखने वाले जो निवेशक बिल्कुल भी जोखिम नहीं ले सकते हैं, उनके लिए आरडी अच्छा विकल्प है। इसमें एक साल के लक्ष्यों को पूरा करने के लिए निवेश किया जा सकता है।
बता दें कि रिकरिंग डिपॉजिट खाता बैंक या डाकघर में खोला जा सकता है। निवेश की न्यूनतम राशि अलग-अलग बैंकों में अलग हो सकती है। यह न्यूनतम राशि 500 रुपए या 1000 रुपए होती है। डिपॉजिट की अवधि आमतौर पर 6 महीने से लेकर 10 साल तक होती है। कुछ बैंकों में ऑनलाइन आरडी के लिए न्यूनतम अवधि 12 महीने की हो सकती है। पोस्ट ऑफिस में आरडी के लिए निवेश की न्यूनतम राशि 10 रुपए प्रति माह तक होती है लेकिन पांच साल तक निवेश करना पड़ता है।
यदि आप इंटरनेट बैंकिंग का इस्तेमाल करते हैं और जाने माने बैंकों के ग्राहक हैं तो आप लॉगइन और पासवर्ड से अपना खाता खोल सकते हैं। ऑनलाइन आरडी खोलने के लिए सुबह 8 बजे से रात 8 बजे के बीच खोला जा सकता है। नए जेनरेट किए गए आरडी खाते के ऑपरेशन व शाखा का नाम और मोड उस बचत खाते जैसे होंगे, जिससे आरडी खाते में पैसा जाएगा।
जब आप आरडी खाते के लिए रिक्वेस्ट करेंगे उस समय आपसे पूछा जाएगा कि आप किस अवधि तक के लिए खाते में कितनी राशि हर महीने डालना चाहते हैं। बता दें कि कुछ बैंक आरडी किस्तों को ऑफलाइन जमा करने की अनुमति दे सकते हैं। फिलहाल पहली किस्त ऑनलाइन ही जमा करनी होती है।
यदि आप चाहे इंटरनेट के माध्यम से अपने आरडी खाते से जुड़े कुछ चीजों में बदलाव कर सकते हैं। जैसे की पूर्व में सेट किए गए इंस्ट्रक्शन को कैंसिल कर सकते हैं। इसके अलावा परिपक्वता से पहले ही आरडी बंद कर सकते हैं। आपको बता दें कि केवल वहीं आरडी खाते ऑनलाइन बंद हो सकते हैं जिन्हें ऑनलाइन खोला गया था। तो वहीं जमा की गई राशि को परिपक्वता से पहले निकालने पर ब्याज की गणना उस अवधि के लिए की जाएगी जब डिपॉजिट बैंक में थे।
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