नीजी क्षेत्र के आईसीआईसीआई बैंक और कोटक महिंद्रा बैंक ने भी मार्जिनल कॉस्ट लेंडिंग रेट बढ़ा दिया है। यही वजह हैं कि इन बैंकों के होम लोन, कार लोन और पर्सनल लोन महंगे हो गए हैं। मार्जिनल कॉस्ट लेंडिंग रेट वास्तव में बैंकों के लिए लोन की ब्याज दर का बेंचमार्क है। बता दें कि आपको कि जब एमसीएलआर बढ़ता है तो उससे जुड़े सभी लोन की ब्याज दरें बढ़ जाती हैं।
आईसीआईसीआई बैंक का एमसीएलआर 0.20 फीसदी बढ़ गया है। इस वजह से इससे जुड़े लोन की ब्याज दर 8.3 फीसदी से बढ़कर 8.5 फीसदी हो गई है।
कोटक महिंद्रा बैंक निजी क्षेत्र के महत्वपूर्ण बैंकों में से एक और प्रमुख बैंक ने एमसीएलआर में 0.05 फीसदी वृद्धि की है। बैंक की नई दरें एमसीएलआर से जुड़े नए और पुराने सभी तरह के लोन पर लागू होंगी। अगर आप अभी होम, कार या पर्सनल लोन लेना चाहते हैं तो नए लोन आपको अब महंगी दरों पर मिलेंगे। ब्याज दरों में वृद्धि से पुराने लोन की मासिक किस्त (ईएमआई) की अवधि बढ़ जाएगी।
वहीं बीते शनिवार को ही देश के सबसे बड़े बैंक भारतीय स्टेट बैंक ने एमसीएलआर में 0.20 फीसदी वृद्धि की थी। जिससे एसबीआई के लोन की ब्याज दरें अब 8.45 फीसदी से बढ़कर 8.65 फीसदी हो गई हैं। ये भी जरुर पढ़ें।
एसबीआई ने विभिन्न अवधि वाले कर्ज की दरों में 0.2 फीसदी तक की बढ़ोतरी की है। हालांकि बैंक की वेबसाइट के अनुसार, एसबीआई ने तीन वर्ष तक की मैच्योरिटी पीरियड है। वहीं भारतीय रिजर्व बैंक आरबीआई के रेपो रेट बढ़ाने के करीब एक महीने बाद एसबीआई ने एमसीएलआर बढ़ाया है।
हालांकि आरबीआई ने अगस्त के पहले हफ्ते में रेपो रेट 0.25 फीसदी बढ़ाकर 6.5 फीसदी कर दिया था। इससे पहले केंद्रीय बैंक ने जून में रेपो रेट बढ़ाया था। तब उसने इसे 6 फीसदी से बढ़ाकर 6.25 फीसदी कर दिया था। तब से बैंकों के अपने बेंचमार्क लेंडिंग रेट बढ़ाने का सिलसिला जारी है।
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