कई व्यक्तियों का पब्लिक प्रोविडेंट फण्ड अकाउंट होता है, लेकिन वे यह नहीं जानते कि इससे अधिकतम लाभ कैसे मिल सकता है, तो आपको बता दें कि इसके लिए कुछ विवेकपूर्ण कदम उठाने की आवश्यकता होती है। यह देश का सबसे लोकप्रिय और सुरक्षित पूंजी-निवेश साधन है, इतना ही नहीं इसमें अधिक ब्याज-दर भी मिलता है और यह बैंक खाते से भी अधिक उपयोगी माना जाता हैं। क्या आप जानते हैं कि आप भविष्य निधि से अपने धन को और अधिक बढ़ा सकते हैं? कुछ उदाहरण के साथ हम यहां आपको बताएंगे कि यह कैसे संभव है।
अधिकतर व्यक्ति नहीं जानते, पब्लिक प्रॉविडेंट फंड के ब्याज का हिसाब लगाने के लिए पिछले महीने के 5 तारीख के गणना की शेष राशि से ली जाती है। साधारण शब्दों में आपको बताते हैं इसका मतलब यह है, कि अगर आप 5 तारीख के बाद पैसे जमा करेंगे तो उस महीने आपको ब्याज कम मिलेगी।
PPF खाते से अच्छा रिटर्न पाने का सबसे सही तरीका यह है कि 1 अप्रैल को पैसा जमा कर दें। हमारा सुझाव है कि सारा धन एकमुश्त राशि के साथ जमा करें। अगर आपके पास एकमुश्त राशि नहीं है तो 5 तारीख से पहले ही पैसे जमा कर दें। हमारा सुझाव है कि एकमुश्त राशि को 1 अप्रैल को जमा कर दें, क्योंकि भविष्य निधि में सबसे ज्यादा ब्याज-दर वर्तमान में 7.60 प्रतिशत है, जबकि सरकारी जमा पूंजी में यह सिर्फ 7.5 प्रतिशत है।
ऐसे कई व्यक्ति है जो पूछते है: मुझे कितना नुक्सान होगा, अगर मैंने हर महीने के 5 तारीख के पहले जमा नहीं किया तो? अगर आप इस कार्य पर अनुमान लगा के चले कि पूरा पैसा जो 1.5 लाख अनुमति प्राप्त रकम को जमा करना है और 15 वर्ष की अवधी के लिए, वह भी 5 तारीख के बाद आपने पैसे जमा किया तो आपको रूपए 31,000/- का नुकसान होगा।
यदि आपकी उम्र 20 से 30 वर्ष है और आपने कभी भी पीपीएफ में पैसे नहीं जमा किए हैं तो आपको यह काम करना चाहिए। क्योंकि यहां पर बैंक से भी ज्यादा ब्याज दर मिलेगी। स्टेट बैंक ऑफ़ इंडिया में सबसे अधिक ब्याज 7.50 प्रतिशत है। मगर भविष्य निधि में आजकल, 7.60 प्रतिशत ब्याज दर है। वैसे तो सरकार ब्याज-दर के मामले में समीक्षा करती रहती है, हालांकि हर तिमाही में सरकार छोटी बचत पर ब्याज दर की समीक्षा करती है, लेकिन हमें यह नहीं लगता कि PPF की ब्याज दरें बैंक जमा दरों से नीचे आती हैं।
अपने देश में ऐसे बहुत कम उपकरण हैं जो कि टैक्स में दो तरह से बचत का लाभ देते हैं। पीपीएफ आपको आयकर अधिनियम की धारा 80 सी के तहत टैक्स लाभ की अनुमति देता है और ब्याज आय भी कर से मुक्त है। हर तरफ से आपका ही लाभ है। पीपीएफ में एक समय पर आप अधिकतम रकम 1.5 लाख रुपए ही जमा कर सकते हैं। इसलिए हमारा सुझाव है कि आप इस पूरे रकम, 1.5 लाख को एक ही जगह रखे, जिससे आपको आयकर में सुविधा और अधिक ब्याज दर भी मिले।
यह याद रखना भी महत्वपूर्ण है कि लॉक-इन अवधि और 15 साल का कार्यकाल के साथ, आप अपने लिए एक कॉर्पस बना रहे हैं तो, आगे बढ़ो और देश में सबसे अच्छा निर्धारित ब्याज मिलने वाले उत्पादों में से एक का निवेश करें।
यह एक सरकारी स्वामित्व वाली योजना है और इसलिए देश में सबसे सुरक्षित निवेश योजनाओं में से एक है। इसलिए जाइए और ज्यादा बचत के लिए पब्लिक प्रोविडेंट फंड में निवेश कीजिए।
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