हो सकता है कि आपने हाल ही में अपनी नौकरी छोड़ दी हो या फिर अपना खुद का छोटा बिजनेस शुरु करने वाले हों। क्या आप अपने छोटे से शहर की छोटी खुशियों का मजा लेते हैं और अपने कारोबारी विचार के साथ बड़े शहर में जाने के बजाए इसमें योगदान करना चाहते हैं?

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प्रधानमंत्री रोजगार योजना (PMRPY) को देश के युवा शिक्षित आबादी के लिए बनाया गया था जो कि बेरोजगार हैं। इस योजना के तहत, आपको अपने पिछला वेतन जमा करने, अपने क्रेडिट स्कोर का मूल्यांकन करने और अपने लोन को मंजूरी देने के लिए ज्‍यादा भागदौड़ करने और परेशान होने की जरुरत नहीं है।

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प्रधानमंत्री रोजगार प्रोत्‍साहन योजना क्या है?

इस ऋण योजना का उद्देश्य विनिर्माण, व्यापार, सेवा या व्यापार उद्यम शुरू करने के एकमात्र उद्देश्य के लिए भारत के शिक्षित लेकिन बेरोजगार युवाओं को सब्सिडी वाले वित्त सहायता देना है।

योग्‍यता

इस योजना का लाभ पाने के लिए आपको 18 से 35 वर्ष की उम्र के बीच होना चाहिए। महिलाओं, एससी / एसटी, पूर्व सैनिकों और शारीरिक रूप से विकलांगों के लिए 10 वर्ष की उम्र में छूट लागू है। तो वहीं उत्तर-पूर्वी राज्यों के नागरिकों के लिए आयु वर्ग की सीमा 18 से 40 वर्ष है।

 

  • इसके अलावा आपको कम से कम 3 वर्षों के लिए अपने क्षेत्र के स्‍थायी निवासी होना चाहिए। 
  • आपको कम से कम 80वीं पास होना चाहिए। 
  • कम से कम 6 महीने के लिए सरकारी मान्यता प्राप्त व्यापार संस्थान में प्रशिक्षित उम्मीदवारों को प्राथमिकता प्राप्त होनी चाहिए।
  • पति / पत्नी और माता-पिता के साथ आवेदक की कुल वार्षिक आय 1 लाख से अधिक नहीं होनी चाहिए।
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    ये लोग नहीं ले सकते योजना का लाभ

    आप किसी भी राष्ट्रीयकृत बैंक या वित्तीय संस्था के भुगतान में एक डिफॉल्‍टर रह चुके हैं। आपको यह योजना तब भी नहीं मिलेगी अगर आप पहले से ही किसी अन्य सरकारी सब्सिडी योजना से सहायता प्राप्त कर चुके हैं।

    सभी आर्थिक रूप व्‍यवहारी व्‍यवसायों को इस योजना के अंतर्गत शामिल किया गया है। प्राथमिक कृषि संचालन जिसमें उत्पादन या प्रत्यक्ष रूप से फसलों की पैदावार के साथ प्रत्यक्ष संबंध शामिल है, इस योजना का हिस्सा नहीं हैं। हालांकि, कृषि व्यवसाय और संबंधित गतिविधियों इसमें शामिल हैं।

     

    इस योजना के तहत मिलने वाला कवरेज

    PMRPY के तहत अलग-अलग सेक्‍टर में मिलने वाली अधिकतम राशि कुछ इस प्रकार से है। बिजनेस सेक्‍टर में 2 लाख, सर्विस सेक्‍टर में 5 लाख, इंडस्‍ट्री सेक्‍टर में भी 5 लाख है। तो वहीं पाटर्नशिप के लिए अगर दो या दो से अधिक लोग शामिल हैं तो 10 लाख का लोन मिल सकता है।

     

    • व्यवसाय और सेवा क्षेत्र से एकल व्यक्तियों द्वारा 2 लाख रुपये की लागत वाली परियोजनाओं के लिए कोई गारंटी या सुरक्षा आवश्यक नहीं है। प्रत्येक पार्टनर को 2 लाख रुपये तक की छूट दी गई है।
    • लघु उद्योगों (एसएसआई) के लिए प्रति व्यक्ति 5 लाख रुपये मूल्य तक का कवरेज दिया गया है।
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      ब्‍याज दर

      इस योजना में ब्‍याज दर समय-समय पर बदलती रहती है। जब आप लोन के लिए आवेदन करते हैं तो समय दिशानिर्देश आपको प्रदान किए जाएंगे।

      सब्सिडी

      प्रधानमंत्री रोजगार योजना के तहत सब्सिडी 15% तक मिलती है जो प्रति व्यक्ति 12,500 रुपये तक सीमित है। उत्तर-पूर्व राज्यों, हिमाचल प्रदेश, उत्तरांचल और जम्मू और कश्मीर क्षेत्रों के लिए सब्सिडी 15,000 रुपये तक सीमित है। स्व-सहायता समूह प्रति लाभार्थी 15,000 रुपये तक सब्सिडी का लाभ उठा सकते हैं, जो प्रति समूह 0.25 लाख रुपए तक सीमित है।

      कार्यकाल और प्रशिक्षण

      इस योजना के लिए कार्यकाल 3 से 7 साल का है। तो वहीं
      व्यापार और सेवा क्षेत्र के लिए प्रशिक्षण 7 से 10 दिनों तक रहेगा। यह औद्योगिक क्षेत्र के लिए 15 से 20 दिन का होगा। प्रधानमंत्री रोजगार प्रोत्‍साहन योजना के लिए आवेदन करने के लिए आपको अपने निवास क्षेत्र के डीआईसी के महाप्रबंधक से संपर्क करना होगा।