प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना स्किल डेवलपमेंट की शुरुआती योजना है। मेक इन इंडिया के तहत बेरोजगारी की समस्या को देखते हुए इस योजना का आरंभ किया गया था। आपको बता दें कि इस योजना को 2015 में नई नेशनल स्किल डेवलपमेंट और इंटरप्रोनरशिप पॉलिसी के तहत लॉन्च किया गया था। इस योजना का लक्ष्य था कि देश से गरीबी को दूर किया जाए। तो आइए जानते हैं प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना के बारे में विस्तार से। आपको यहां पर यह भी बताएंगे कि इस योजना से आप किस तरह से लाभ प्राप्त कर सकते हैं।
प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना का मुख्य उद्देश्य देश में सभी युवा वर्ग को संगठित करके उनके कौशल को निखार कर उनकी योग्यतानुसार रोजगार देना है। इस योजना के अंतर्गत पहले वर्ष में 24 लाख वर्कर्स को शामिल किया जाएगा इसके बाद 2022 तक यह संख्या 40.2 करोड़ ले जाने की योजना है। इसके अलावा इस योजना से लोग अधिक से अधिक जुड़ सकें इसके लिए युवाओं को लोन प्राप्त करने की भी सुविधा है।
इस काम के लिए और लोगों को इस योजना से जोड़ने के लिए सरकार ने कई टेलीकॉम कंपनियों को इस कार्य के लिए अपने साथ जोड़ रखा है। यह मोबाइल कंपनियां मैसेज के द्वारा इस योजना को सभी लोगों तक पहुंचाने का कार्य करती हैं।
इस योजना के तहत मोबाइल कंपनियां योजना से जुड़े लोगों को मैसेज करके एक फ्री ट्रोल नंबर देंगी जिस पर कैंडिडेट को मिस कॉल देना होता है। मिस कॉल के तुरंत बाद आपके पास एक नंबर से फोन आएगा जिसके बाद आप आईवीआर (IVR) सुविधा से जुड़ जाएंगे।
इसके बाद कैंडिंडेट को अपनी जानकारी निर्देशानुसार भेजनी होगी। आपके द्वारा भेजी गई जानकारी कौशल विकास योजना के सिस्टम में सुरक्षित रख ली जाएगी। यह जानकारी मिलने के बाद आवेदनकर्ता को उसी के क्षेत्र में यानी कि उसके निवास स्थान के आस-पास ट्रेनिंग सेंटर से जोड़ा जाएगा। जहां से आपको पूरी जानकारी दी जाएगी।
इस योजना के अंतर्गत उम्मीदवार का जो भी खर्च होगा उसके पैसे सरकार देगी और वो पैसे सीधा ट्रेनिंग देने वाले ट्रेनिंग सेंटर के अकाउंट में ट्रांसफर कर दिए जाएंगे। इसके लिए सरकार ने कुछ नियम भी बनाए हैं जिसके अंतर्गत हर उम्मीदवार का आधार वैलिडेशन होना जरुरी है।
सबसे पहले तो आपको भारत का नागरिक होना पड़ेगा। उसके बाद आवेदक को किसी एक स्कीम के तहत एक साल के लिए पंजीकरण कराने की आवश्यकता होगी। जो युवा नौकरी करने के योग्य हों वो इस कौशल विकास योजना के लिए आवेदन कर सकते हैं। मान लीजिए आपने 12 वीं पास कर लिया है या फिर ग्रेजुएशन कर लिया तो आप प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना के लिए आवेदन कर सकते हैं। एक बार ट्रेनिंग पूरी हो जाने के बाद सरकार द्वारा तय किया रिवॉर्ड दे दिया जाएगा। सारा रिवॉर्ड एक बार में ही दे दिया जाएगा।
प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना के अंतर्गत नौकरी या ट्रेनिंग के लिए आपको इन दस्तावेजों की आवश्यकता होती है-
- आधार कार्ड
- पासपोर्ट साइज के दो फोटोग्राफ
- परिवार के किसी एक सदस्य का आधार कार्ड
सबसे पहले आपको कौशल विकास योजना की ऑफिसियल वेबसाइट http://pmkvyofficial.org/पर जाकर ऑनलाइन फॉर्म जमा करना होगा। आवेदन फॉर्म जमा करते समय अपनी पूरी डिटेल भरनी होगी।
फॉर्म भर जाने के बाद आवेदक को अपने पसंद के तकनीकि क्षेत्र का चयन करना होगा, जिस तकनीकि क्षेत्र में वह ट्रेनिंग लेना चाहता है।
सारी जानकारी भरने के बाद ट्रेनिंग सेंटर का चयन करना होगा। ट्रनिंग सेंटर चुनने के बाद आपको सबमिट बटन पर क्लिक करना होगा।
आपको बता दें कि कैबिनेट के द्वारा इस योजना के लिए 120 बिलियन का फंड प्रस्तावित किया गया था। जिसमें से 1 करोड़ भारतीय युवाओं को 2016-2020 तक प्रशिक्षित करने का लक्ष्य रखा गया है।
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