हाल ही में केंद्र सरकार ने छोटी बचत योजनाओं की ब्याज दरों में कटौती की है। इसमें डाकघर बचत योजना से जुड़ी महत्वपूर्ण स्कीम राष्ट्रीय बचत पत्र या नेशनल सेविंग सर्टिफिकेट (National Savings Certificates) भी शामिल है। अब यहां ये जानना जरूरी है कि क्या ब्याज दरों में कटौती के बाद भी राष्ट्रीय बचत पत्र में निवेश करना फायदेमंद है या फिर उसके स्थान पर म्यूचुअल फंड में निवेश करना ज्यादा लाभकारी रहेगा। आइए देखते हैं।
राष्ट्रीय बचत पत्र एक लंबी अवधि के निवेश का माध्यम है। इसके जरिए एक निश्चित ब्याज दर पर निवेशक को रिटर्न मिलता रहता है। खास बात ये है कि इसे भारत सरकार की डाकघर योजना के तहत जारी किया जाता है। राष्ट्रीय बचत पत्र आप अपने नजदीकी डाकघर से खरीद सकते हैं। एक जरूरी बात ये है कि ये योजना पूरी तरह से टैक्स फ्री है इसमें आपको टैक्स सेविंग के साथ सुरक्षित निवेश और गारंटी रिटर्न का लाभ मिलता है। आइए देखते हैं ब्याज दरों में कटौती के बाद राष्ट्रीय बचत पत्र पर कितने फीसदी का रिटर्न मिल रहा है।
छोटी बचत योजनाओं की ब्याज दर घटाने की लिस्ट में राष्टीय बचत पत्र या नेशनल सेविंग सर्टिफिकेट भी शामिल है। राष्ट्रीय बचत पत्र में 0.2 फीसदी की कटौती की है। अब राष्ट्रीय बचत पत्र पर आपको 7.6 फीसदी की दर ब्याज मिलेगा।
राष्ट्रीय बचत पत्र में निवेश करने वाला व्यक्ति अपना टैक्स बचा सकता है, ये एक टैक्स सेविंग स्कीम है। राष्ट्रीय बचत पत्र बॉन्ड खरीदने की कोई सीमा नहीं है, इसमें 1 लाख रुपए तक के निवेश पर आप आयकर के अधिनियम 80C के तहत टैक्स बचा सकते हैं। राष्ट्रीय बचत पत्र के बॉन्ड्स की कीमतों में अब 2012 के बाद उछाल आया है। अब राष्ट्रीय बचत पत्र के बॉन्ड 100 रुपए की बजाय 147.61 रुपए में खरीदे जा सकते हैं।
राष्ट्रीय बचत पत्र की मेच्योरिटी 5 साल की है। अच्छी बात ये है कि अगर आप कुछ शर्तों को पूरा करते हैं तो 1 साल की परिपक्वता अवधि के बाद खाते की राशि को निकाल सकते हैं। राष्ट्रीय बचत पत्र में ब्याज दर हर 3 महीने में बदली या निर्धारित की जाती हैं। इसलिए लिए निवेशक को घटते बढ़ते ब्याज दरों के साथ निवेश की राशि में भी बदलाव करना चाहिए।
राष्ट्रीय बचत पत्र में निवेश की राशि की कोई सीमा नहीं है। राष्ट्रीय बचत पत्र में आपको न्यूनतम 100 रुपए और फिर इसी राशि के गुणांक में 100, 500, 5000, 10000 रुपए तक की राशि में निवेश कर सकते हैं।
खास बात ये है कि इस योजना का लाभ 18 साल से कम उम्र के लोगों को भी मिल सकता है यानि कि इस योजना से नाबालिगों को भी लाभ मिलेगा। इसके लिए उनके अभिभावकों को अपने 18 साल से कम उम्र के बच्चों के नाम पर राष्ट्रीय बचत पत्र खरीदना होगा। इसमें दो वयस्क ज्वाइंट स्कीम के जरिए भी निवेश कर सकते हैं। वहीं NRI (अप्रवासी भारतीय) और हिंदू अनडिवाइडेड फैमिली (HUF) को इस स्कीम का लाभ नहीं मिल सकता है।
राष्ट्रीय बचत पत्र आप एक पोस्ट ऑफिस से दूसरे पोस्ट ऑफिस में ट्रांसफर कर सकते हैं। राष्ट्रीय बचत पत्र के प्रमाण पत्र को आप किसी एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति को हस्तांतरित तक सकते हैं।
राष्ट्रीय बचत पत्र खरीदना एक सरल प्रक्रिया है, इसे आप किसी भी पोस्ट ऑफिस से खरीद सकते हैं। हां ये ध्यान रखें कि आपको राष्ट्रीय बचत पत्र खरीदने के लिए कुछ आवश्यक दस्तावेज अपने साथ रखने होंगे।
फॉर्म के जरिए अपनी जानकारी देनी होगी, जिसमें आपको नाम और निवेश की राशि के बारे में बताना होगा। राष्ट्रीय बचत पत्र खरीदने के लिए आपको सपोर्टिंग दस्तावेज की जरूरत पड़ सकती है। आप राष्ट्रीय बचत पत्र चेक या फिर कैश के जरिए खरीद सकते हैं। इसमें चेक से भुगतान करने पर खाता तभी खुलेगा जब चेक का भुगतान सफल हो जाएगा।
सबसे अच्छी बात ये है कि राष्ट्रीय बचत पत्र में आपको टैक्स सेविंग का विकल्प मिलता है। आयकर अधिनियम 80C के तहत आपको टैक्स में छूट का लाभ मिलता है। राष्ट्रीय बचत पत्र में निवेश करने पर आपका टीडीएस नहीं कटता है। इसमें आप समय से पहले धनराशि निकाल सकते हैं पर उसके लिए आपको पेनाल्टी देनी होगी। एनएससी यानि नेशनल सेविंग सर्टिफिकेट पर बैंक और फाइनेंशियल संस्थानों से लोन लिया जा सकता है। इसके अलावा राष्ट्रीय बचत पत्र में चेकबुक की सुविधा भी मिलती है।
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