अपने बच्चों को फाइनेंस के बारे में कैसे सिखाएँ? समृद्ध होने के लिए और बड़ी सफलता के लिए संसाधन पाने के लिए पैसा बहुत ज़रूरी है। छोटी-छोटी बचत और निवेश से आगे जाकर बड़ा पैसा इकट्ठा किया जा सकता है और बड़े सपने पूरे किए जा सकते हैं।
हर व्यक्ति को निवेश और पैसा इकट्ठा करने के तरीके और इस बारे में जागरूकता ज़रूरी है। छोटी-छोटी बचत की आदत डालने से और चरणबद्ध तरीके से पैसे को निवेश करना और निवेश पर फायदा पाना - जैसे कि बोनस क्लेम' और बुकिंग प्रॉफ़िट या निवेश की गई राशि का सावधि रूप में निकासी आदि निवेश की कुछ नीतियाँ है, जो आप अनुभव के साथ सीखते हैं।
लक्ष्य-आधारित निवेश, एक निश्चित उद्देश्य आधारित निवेश रणनीति होती है जिसमें कि थोडी-थोड़ी राशि अलग-अलग परिसंपत्तियों में निवेश की जाती है ताकि ज़िंदगी भर के विभिन्न उद्देश्य आसानी से पूरे किए जा सकें, जैसे कि पढ़ाई, प्रोफेशनल शिक्षा, शादी, स्थिर संपत्ति खरीदना, वाहन, प्रॉपर्टी खरीदना, बीमा, हेल्थ चेक-अप, लाइफ स्टाइल के खर्चे और ज़िंदगी भर चलने वाले खर्चे आसानी से वहन किए जा सकें।
बच्चे के दिमाग में कई सपनों और आशाओं की उपज होती है। बच्चे को विवेकपूर्ण निवेश के लिए लगातार सीखने और सही दिशा ही आवश्यकता होती है। एक बच्चे को पैसे का महत्व समझने, फाइनेंशियल प्लानिंग करने और निवेश प्रबंधन करने के लिए सही राह दिखाना ज़रूरी है। हम आपको कुछ ऐसे बिन्दु बता रहे हैं जो फाइनेंशियल प्लानिंग और निवेश प्रबंधन जैसी चीजों पर आपके बच्चे की समझ को बढ़ाने में काम आएंगे।
एक बच्चे को पैसे के महत्व को समझने के लिए सही शब्दों में और सही सलाह की ज़रूरत है क्यों कि आगे जाकर अगले चरण में उसे भी पैसे कमाने और अन्य आर्थिक गतिविधियों में उतरना है। उसे यह बात साफ तरीके से समझाई जाये कि पैसे से ही पैसा बनाया जा सकता है। आपकी छोटी से सीख उसका आत्म-विश्वास बढ़ाते हुये उसे भविष्य में सफल बना सकती है। इससे आपका बच्चा आगे जाकर बेकार के खर्चों के प्रति जागरूक होगा और उन्हें नज़रअंदाज़ करेगा।
आप समयावधि निवेश और आकस्मिक खर्चों के बारे में बच्चे के निर्णय और योजना को बेहतर बनाने में मदद कर सकते हैं, आप उसे समझा सकते हैं कि निवेश खर्चों के अनुसार करें। जब आपका बच्चा थोड़ा बड़ा हो जाये या आपको लगे कि बच्चा अब परिपक्व उम्र का है और उसे अब एक निवेश सलाहकार की ज़रूरत है तो आप उसे लक्ष्य आधारित निवेश की बारीकियाँ समझा सकते हैं।
एक किशोर युवक का दिमाग सही ध्यान और सलाह से बदला जा सकता है और सीजनल जॉब करने में कोई बुराई नहीं है। समर्पित तरीके से काम करते हुये मेहनत और पसीने की कमाई करना अपने आप में एक अच्छा अनुभव है। पढ़ाई के साथ खाली समय में जॉब करते हुये बच्चा नियमित आय की कीमत समझने लगता है। कमाई की यह धारा उसे आगे कॉलेज के दिनों में भी करियर की शुरुआत में जॉब करने के लिए प्रेरित करेगी। इसके अलावा आपका बच्चा पढ़ाई के साथ जॉब करने से निवेश के विकल्प, परिसंपत्तियाँ, निवेश की रणनीति जैसी कई चीजें सीखता है।
बच्चे की सोच अपरिपक्व होती है, इसलिए फाइनेंशियल प्लानिंग की गलतियों को समझने के लिए उसे सही दिशा निर्देश की ज़रूरत है। छोटे रिवार्ड्स अच्छी यादों और अच्छे आचरण में बदल सकते हैं। हर छोटी बचत पर आप टोकन रिवार्ड दे सकते हैं। पॉकेट मनी, पार्ट टाइम जॉब्स, सीजनल जॉब्स से बचे पैसों को रिवार्ड में काम लिया जा सकता है। इससे उसको आगे बड़े खर्चों के लिए छोटी और सिस्टेमेटिक सेविंग्स की प्रेरणा मिलेगी।
आप अपने बच्चे को पैसा कमाने की मेहनत का पाठ पढ़ा सकते हैं। ये बातें आप उसे छोटी-छोटी बातों में बता सकते हैं। इस तरह की बातचीत में अच्छे उदाहरण देकर भी उन्हें प्रेरित किया जा सकता है।
कई बार ऐसा होता है कि बच्चों की जिद के आगे माता-पिता की एक नहीं चलती है।बच्चा आपसो जो भी खरीदने के लिए कहता है वह आप उसे लाकर दे देते हैं। पालन-पोषण और माता-पिता के प्यार के नजरिए से तो सही है लेकिन इससे आपके बच्चे में हर बार जिद करके चीजें लेने की एक गलत आदत पड़ जाएगी। जब बचपन से ही आपके बच्चे को हर चीज आसानी से मिलने लगेगी तो बाद के वक्त में आपका बच्चा समाज के संघर्ष में पिछड़ जाएगा।
भविष्य के नुकसान से बचने के लिए आपके बच्चे के दिमाग में विभिन्न कामों और नुकसान से जुड़े शॉर्टकट भी पता हों। इन सबसे आपका बच्चा आगे जाकर पैसा कमाने में अच्छे प्रयास करेगा और बेहतर योगदान देगा।
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