प्रधानमंत्री आवास योजना केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी योजनाओं में से एक है। तमाम लोग प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतरगत घर खरीदना चाहते हैं पर उन्हें पता नहीं होता है कि वह कैसे इस योजना के लिए आवेदन करें। तो आपकी इस समस्या को आज हम यहां दूर कर देंगे और आपको बताएंगे कि पीएम आवास योजना के लिए कैसे आवेदन करें और इसके आवेदन की जरूरी शर्तें क्या है साथ ही आपको ये भी बताएंगे कि पीएम आवास योजना के लिए आवेदन करने के लिए कौन-कौन से दस्तावेज जरूरी हैं।
इसके लिए आप ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों तरीकों से फॉर्म पा सकते हैं। ऑनलाइन आवेदन के लिए आपको प्रधानमंत्री आवास योजना की वेबसाइट http://pmaymis.gov.in/ पर जाना होगा वहां आपको सिटिजन एसेसमेंट का विकल्प मिलेगा। फिर वहां से आपको बेनिफिट अंडर 3 कंपोनेंट पर क्लिक करना होगा। इसके बाद आपके सामने एक नया पेज खुल जाएगा। जिसमें अपना आधार नंबर दर्ज करना होगा।
इस प्रक्रिया के बाद आपके सामने पीएम आवास योजना का ऑनलाइन फॉर्म खुल जाएगा। ये फॉर्म हिंदी और अंग्रेजी दोनों भाषाओं में होगा। इस फॉर्म को भरते हुए आप हर छोटी बड़ी बारीकी का ध्यान रखें और सही जानकारी दें। इसके बाद आप फॉर्म को सबमिट कर दें। इसके बाद आपका फॉर्म जमा हो जाएगा।
अब अगर आप ऑफलाइन ये फॉर्म भरना चाहते हैं तो आप अपने नजदीकी बैंक शाखा में जाकर फॉर्म ले आएं। अपने नजदीकी बैंक में इस योजना के बारे में पता करें। फिर बैंक से फॉर्म मांग ले या फिर आवेदन फॉर्म डाउनलोड कर लें। फॉर्म डाउनलोड करने के बाद आपको मांगे गए विवरणों के बारे में जानकारी देनी होगी। इस फॉर्म के आवेदन की फीस 25 रुपए है।
प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ उठाने के लिए मध्यम वर्ग (MIG) के लिए दो कटेगरी बनाई गई है। इसमें 6 लाख रुपए से लेकर 12 लाख रुपए तक की पहली कटेगरी है जबकि दूसरी कटेगरी 12 लाख रुपए से 18 लाख रुपए की है। अब आगे पढ़िए कि 6 से 18 लाख सालाना आय वर्ग के लोग कैसे प्रधानमंत्री आवास योजना के लिए आवेदन कर सकते हैं और क्या है इस योजना की शर्तें।
पीएम आवास योजना का उद्देश्य है कि सभी को पक्का मकान मिले। हां इस योजना की कुछ शर्तें जरूर हैं जिन्हें जानना आपके लिए बेहद जरूरी है। सबसे पहले तो ऐसे लोग जिनके पास इस पहले से घर है वह इस योजना का लाभ नहीं उठा सकता है। प्रधानमंत्री आवास योजना का नियम है कि लाभ उसे ही मिलेगा जिसके पास पहले से कोई पक्का मकान नहीं होगा।
इस योजना की दूसरी शर्त है कि परिवार के किसी सदस्य को भारत सरकार की किसी योजना के तहत आवास योजना का लाभ ना मिला हो। यदि परिवार में किसी सदस्य को सरकारी योजना के तहत आवास का लाभ मिला है उसके किसी अन्य सदस्य को प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ नहीं मिल सकता है।
इस योजना के लिए आवेदन के वक्त अविभाजित परिवार के सभी सदस्यों का आधार कार्ड का नंबर देना जरूरी है। इसमें पति-पत्नी, और अविवाहित बेटे और बेटी शामिल हैं। शादी के बाद बेटा या बेटी इस योजना के लिए अलग से आवेदन कर सकते हैं।
प्रधानमंत्री आवास योजना की शर्तों में यह भी कहा गया है कि कमाई करने वाले किसी विवाहित या अविवाहित बालिग सदस्य को अलग परिवार माना जा सकता है, बशर्ते उसके नाम पर देशभर में कहीं कोई पक्का मकान नहीं हो। यानी, पक्का मकान वाले माता-पिता के नौकरीपेशा बेटा और बेटी भी प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ ले सकते हैं, बशर्ते खुद उसके नाम पर देश भर में कहीं कोई पक्का मकान नहीं हो।
पक्के घर का लाभ उठाने वाले माता-पिता के विवाहित बेटे-बेटियां तो वैसे भी अलग परिवार माने जाते हैं। हालांकि, पति-पत्नी दोनों PMAY का लाभ नहीं ले सकते। यानी, बेटे-बहू या बेटी-दामाद के नाम पर हर हाल में एक ही मकान पर सब्सिडी मिल सकती है। यह उनकी मर्जी होगी कि मकान का मालिकाना हक कोई एक अपने पास रखें या दोनों साथ-साथ। आगे पढ़ें कितनी ब्याज पर कितनी सब्सिडी देगी सरकार।
इसी तरह 12 लाख प्रतिवर्ष की आय वाले लोगों को 9 लाख रुपए तक लोन मिलेगा जिसमें ब्याज दर पर 4 फीसदी की सब्सिडी मिलेगी इसमें मासिक ईएमआई पर 2,158 रुपए की बचत होगी जो कि 20 वर्ष की अवधि में 2 लाख 39 हजार 843 रुपए तक होगी।
यदि आपकी सालाना आय 12 से 18 लाख रुपए के बीच है तो आपको 12 लाख रुपए तक के लोन पर ब्याज दरों में 3 फीसदी की छूट मिलेगी। ये 110 स्क्वायर मीटर में हो रहे घर के निर्माण को लेकर दिए गए लोन पर निर्भर करेगा। 12 लाख रुपए पर 3 फीसदी की सब्सिडी को 20 साल में चुकाना होगा जिसके ब्याज पर मिली कुल छूट 2.30 लाख रुपए होगी। इस तरह से देखा जाए तो सरकार आपके लोन के लिए 2.30 लाख रुपए देगी जो कि आज के वक्त में बड़ी बचत है।
6 लाख रुपए की वार्षिक आय वालों को 6 लाख रुपए तक का होम लोन मिल सकता है और ब्याज दर पर सरकार की तरफ से 6.5 फीसदी की सब्सिडी मिलती है। जिससे मासिक EMI में 2,219 रुपए की बचत होती है, ये बचत 20 वर्ष की अवधि में 2 लाख 46 हजार 625 रुपए तक होती है।
इसे ऐसे समझें मान लीजिए आपकी वार्षिक आय 18 लाख रुपए है तो आपको 12 लाख रुपए तक लोन मिलेगा जिस लोन पर सरकार आपको ब्याज दर पर 3 फीसदी की सब्सिडि देगी। इससे प्रतिमाह आपको 2,200 रुपए की बचत होगी जिसका 20 वर्ष में कुल 2 लाख 44 हजार 468 रुपए लाभ मिलेगा।
आप कमर्शल बैंकों, हाउजिंग फाइनैंस कंपनियों, क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों, राज्य सहकारी बैंकों, शहरी सहकारी बैंकों, छोटे वित्तीय बैंकों, गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों आदि से लोन लेकर ब्याज पर उचित सब्सिडी पा सकते हैं। आपको किसी तरह का प्रोसेसिंग चार्ज भी नहीं देना होगा। हां, आप योजना के तहत जितना लोन लेने के योग्य हैं, उससे ज्यादा लोन ले रहे हैं तो अतिरिक्त रकम पर आपको नॉर्मल प्रोसेसिंग फी देनी पड़ सकती है।
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