छोटी बचत योजनाओं पर ब्याज दरें नहीं घटने से निवेशकों ने राहत की सांस ली है। इसकी वजह है पिछले तीन महीनों में बॉन्ड्स यील्ड्स में गिरावट आई है जिस वजह से आशंका जताई जा रही थी कि सरकार छोटी बचत योजनाओं पर भी ब्याज दरें घटाएगी। अगर स्माल सेविंग्स को बॉन्ड यील्ड से जोड़ने वाले फॉर्मूले पर जाएं तो पीपीए पर 7 प्रतिशत से ज्यादा ब्याज नहीं मिलना चाहिए, लेकिन ऐसा नहीं हुआ है। यहां पर आपको कुछ लोकप्रिय बचत योजनाओं को बताएंगे जहां पर आप निवेश कर सकते हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि छोटी बचत योजनाओं पर ब्याज दरें अगली कुछ तिमाहियों तक नहीं घटेंगी। निवेशकों को बिना सोचे-समझे किसी भी स्मॉल सेविंग्स स्कीम में पैसे नहीं लगा देना चाहिए। चूंकि हर स्कीम की अलग-अलग खासियत है, इसलिए पैसे लगाने से पहले यह अच्छे से विचार कर लेना चाहिए कि किस जरुरत के लिए निवेश किया जा रहा है। यहां पर आपको कुछ लोकप्रिय बचत योजनाओं को बताएंगे जहां पर आप निवेश कर सकते हैं।
ब्याज दर- 7.8%
अवधि- पहली बार निवेश करने से 15 वर्ष तक
यह स्कीम उनके लिए है जो निवेश में जोखिम नहीं उठाना चाहते। टैक्स फ्री होने की वजह से यह फिक्स्ड डिपॉजिट से बेहतर है। पूरी तरह टैक्स योग्य होने की वजह से फिक्सड डिपॉजिट पर मिलने वाला 7.5 प्रतिशत ब्याज सबसे बड़े टैक्स ब्रैकेट में आने पर घटकर 5.25 प्रतिशत पर पहुंच जाता है। पीपीए में सिर्फ एक ही परेशानी है कि एक व्यक्ति एक साल में 1.5 लाख रुपए से ज्यादा निवेश नहीं कर सकता।
ब्याज दर- 8.3%
अवधि- 14 वर्ष
अगर आपकी 10 साल से कम उम्र की बेटी है तो सुकन्या समृद्धि योजना पीपीएफ से बेहतर विकल्प है क्योंकि इसमें पीपीएफ के मुकाबले ज्यादा ब्याज मिलता है। पीपीएफ की तरह ही यह भी टैक्स फ्री है और इसमें भी साल में 1.5 लाख रुपए से ज्यादा निवेश नहीं कर सकते। कम से कम 1000 रुपए के साथ इसका खाता किसी भी पोस्ट ऑफिस या निर्धारित बैंक में खुलवा सकते हैं। माता-पिता सिर्फ दो बेटियों के लिए ही खाते खुलवा सकते हैं, लेकिन दोनों खातों में कुल मिलाकर 1.5 लाख से ज्यादा का सालाना निवेश नहीं किया जा सकता। सुकन्या स्कीम लंबी अवधि के निवेश के लिहाज से सर्वोत्तम नहीं है। अच्छी बात यह है कि सुकन्या समृद्धि योजना से बेटी की शिक्षा और उसके विवाह में बड़ी मदद मिल जाती है
ब्याज दर 7.8 पर्सेंट
अवधि 5 साल
PPF की तरह NSC में निवेश के लिए कोई सीमा नहीं है, लेकिन यहां ब्याज पूरी तरह से टैक्स के दायरे में आता है। उच्चतम 30% ब्रैकेट में पोस्ट टैक्स रिटर्न 5.38% है, जिसकी तुलना बैंक फिक्स के FD रिटर्न से की जा सकती है। फर्क सिर्फ इतना है कि हर साल एनएससी पर कमाया गया ब्याज भी टैक्स कटौती के दायरे में आता है। सामान्य निवेशकों के लिए लिए जमा दर अब 7-7.2% है। इसलिए यह एनएससी को और आकर्षक बनाता है लेकिन इस योजना में तभी निवेश करें जब पोस्ट ऑफिस में लंबी लाइन लगाने के लिए आप तैयार हों।
ब्याज दर- 8.3%
अवधि 5 साल
पोस्ट ऑफिस की तरफ से दी जाने वाली यह एक बहुत ही अच्छी स्कीम है। इस स्कीम से रिटायर हुए लोगों को सामान्य इनकम दी जाती है। इस स्कीम की अवधि 5 साल है, जो बाद में 3 साल के लिए आगे बढ़ाई जा सकती है। यहां पर निवेश के लिए प्रति व्यक्ति 15 लाख रुपए की सीमा तय की गई है। इसके अलावा यह स्कीम सिर्फ उन लोगों के लिए है जिनकी उम्र 60 साल से ज्यादा है। साथ ही जिन लोगों ने VRS लिया है और वे कोई और काम भी नहीं कर रहे हैं, ऐसे लोगों के लिए उम्र में 2 साल की छूट दी गई है। तो वहीं सेना के लोगों के लिए कोई उम्र सीमा नहीं है। वे इस स्कीम में 60 साल की उम्र के पहले भी निवेश कर सकते हैं।
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