अब बिजनेस के लिए लोन लेना आसान हो गया है। अब कई बैंक ऐसा लोन मुहैया करा रहै है जिसमें आपको कोई नयी कंपनी शुरु करने या नये व्यापार के लिए उत्पाद की खऱीद के लिए पैसों की जरूरत होती है। नया बिजनेस शुरु करने के लिए खुद की जमा राशि या मित्रों से लिया गया उधार का पैसा पर्याप्त नहीं होता है। लिहाजा बैंकों ने अब बिजनेस लोन की प्रक्रिया को आसान कर दिया है।

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बहुत कम हैं ऐसे बैंक

आप बड़ी आसानी से बिजनेस के लिए लोन ले सकते हैं, हालांकि इन बैंकों की संख्या बहुत अधिक नहीं है लेकिन ऐसे बैंक जरूर हैं जो पहले से ही स्थापित बिजनेस के लिए लोन मुहैया कराते हैं। अगर आप लोन के लिए आवेदन कर रहे हैं तो आपको कुछ बातों को विशेष ख्‍याल रखना चाहिए।

इन जानकारियों का ज्ञान आपको होना चाहिए

आपके पास बिजनेस शुरु करने के लिए साफ सुधरा प्लान होना चाहिए साथ ही आपके पास इन जानकारियों को होना जरूरी है

 

  • कंपनी का आर्थिक उद्देश्य क्या है
  • बिजनेस का प्लान, इसको प्रमोट करने वालों का बैकग्राउंट और निवेश का मॉडल
  • बिजनेस का स्वरूप और कितना बड़ा होगा
  • बिजनेस में विकास और भविष्य की योजना
  • कैपिटल मार्केट के नियम
  • सरकारी नियम
  • सिबिल स्कोर
  • सभी जानकारियों विस्तार से होनी चाहिए जिससे की बैंक को सहमत होने में सोचना ना पड़े। आपकी जानकारी बैंक को इस बात का आश्वासन जरूर दे सके कि आप बैंक का ब्याज समय पर दे सकते हैं।
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    बैंक जाने से पहले इन नियमों का पालन करना जरुरी है

     

     

    पहला चरण

    बैंक के पास लिखित बिजनेस प्लान के साथ जायें। आप चाहें तो बिजनेस प्लान लिखने वालों की मदद ले सकते हैं। लोन की राशि आपके बिजनेस के स्वरूप पर निर्भर करता है साथ ही आप बिजनेस में कितना कमा सकते हैं।

    दूसरा चरण

    हर बैंक का लोन देने का अपना नियम होता है ऐसे में लोन के लिए आवेदन करने से पहले बैंक के बारे में जानकारी जरूर प्राप्त करें, कि क्या बैंक आपकी जरूरत के हिसाब से लोन दे सकता है या नहीं। कई बैंकों की स्कीम की खोजबीन करें, माइक्रो, छोटे और मध्यम वर्ग के व्यापार के लिए अलग-अलग नियम लागू होते हैं ऐसे में इन नियमों की जानकारी प्राप्त करें।

    तीसरा चरण

    सभी दस्तावेज तैयार रखें, अगर आप बिजनेस लोन के लिए गारंटी स्वरूप कुछ दे सकते हैं तो लोन लेना आसान हो सकता है। ऐसे में अगर आप डिफाल्टर होते हैं तो उस संपत्ति से बैंक पैसे वसूल सकती है।

    चौथा चरण

    एक बार दस्तावेजों के जमा होने के बाद यह बैंक पर निर्भर करता है कि वह लोन देना चाहता है या नहीं। लोन की धनराशि कितनी होगी इस बात का भी फैसला बैंक आपके बिजनेस के स्वरूप के आधार पर देगी।