विदेशी नागरिक जो भारत में किसी काम या बिजनेस के कारण लंबे समय तक रुकते हैं उन्हें पैसे का लेन-देन करना पड़ता है। इसलिए भारत में बैंक खाता खोलना उनके लिए अच्छा आइडिया है। लेकिन जानकारी न होने के कारण उन्हें कई बार इधर-उधर भटकना पड़ सकता है। लेकिन हम आपको यहां पर बताएंगे कि विदेशी नागरिक भारत में खाता कैसे खोल सकते हैं।
विदेशी नागरिक एफए रेसिडेंट सेविंग या करंट अकाउंट खोल सकते हैं, इसके लिए वे अपने केवाईसी डॉक्यूमेंट दे सकते हैं। उन्हें बैंक में केवल एक साधारण फॉर्म भरने की जरुरत है।
विदेशी नागरिकों को बैंक खाता खोलने के लिए ये दस्तावेज चाहिए:
- मान्य विदेशी पासपोर्ट
- मान्य भारतीय वीजा (यह लंबी अवधि का होना चाहिए, 182 दिनों से ज़्यादा का)
- फ़ोरेनर्स रजिस्ट्रेशन ऑफिस (एफआरओ) परमिट की कॉपी
- विदेशी एड्रेस प्रूफ
- भारतीय एड्रेस प्रूफ
- पासपोर्ट साइज फोटो
- पैन या फॉर्म 60 की कॉपी
जहां वे काम कर रहे हैं वहां का लेटर या कोंट्रेक्ट लैटर भी चाहिए। बिजनेस विजिट के लिए, आरबीआई अप्रूवल भी चाहिए।
विदेशी नागरिकों को भारत से अपनी कमाई की राशि विदेश में परिवारजनों को भेजने की आवश्यकता पड़ सकती है। ऐसे में, उन्हें प्रत्यावर्तन या रिपाट्रिएशन फॉर्म भरना होता है, सेलरी स्लिप या आय प्रमाण जमा करवाना होता है साथ ही पासपोर्ट की कॉपी जमा करवानी होती है।
विदेशी नागरिक भारत में काम खत्म होने और वापस अपने देश लौटने पर अपने खाते को एनआरओ स्टेटस में बदल सकते हैं।
1- रेसिडेंट सेविंग अकाउंट खोलने के लिए 82 दिन रुकने वाली शर्त पूरा करना ज़रूरी नहीं है।
2- विदेशी नागरिक जो भारत में पर्यटक के तौर पर आते हैं वे NRO अकाउंट खोल सकते हैं जो कि 6 महीने तक मान्य होता है।
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