माता-पिता की उम्र जैसे-जैसे बढ़ती है वैसे-वैसे उनका मेडिकल ट्रीटमेंट भी बढ़ता जाता है। हमें अपने माता-पिता का ख्याल भी छोटे बच्चों जैसा रखना पड़ता है। जब हम उनकी बीमारी का इलाज करवाते हैं तो हजारों लाखों रुपए खर्च हो जाते हैं। जो कि आपके फायनेंशियल कंडीशन को बिगाड़ सकता है। लेकिन आप इस स्थिति को बहुत ही आसान तरीके से स्मार्टली हैंडल कर सकते हैं। यहां पर आपको ऐसे ही तरीके बताएंगे जिससे आप अपने माता-पिता के मेडिकल के खर्चों को आसानी से मैनेज कर सकते हैं।
अगर आप नौकरी करते हैं तो आपकी कंपनी ने आपको हेल्थ इंश्योरेंस दिया होगा। कुछ कंपनियों की पॉलिसी में आपकी पत्नी और बच्चों के साथ माता-पिता भी कवर रहते हैं। वहीं कुछ कंपनियां माता-पिता को कवर कराने का ऑप्शन देती हैं। हालांकि इसके लिए आपको अलग से प्रीमियम चुकाना होता है। कंपनी आपको हेल्थ इंश्यारेंस पॉलिसी के तहत देती है। ऐसे में यह प्रीमियम आपके लिए सस्ता पड़ता है।
उम्रदराज माता-पिता को बार-बार मेडिकल हेल्प की जरुरत पड़ सकती है। ऐसे में कंपनी की ओर से हेल्थ इंश्योरेंस पॉलिसी आपके लिए काफी मददगार साबित हो सकती है। कंपनी की पॉलिसी में ज्यादातर बीमारियां कवर होती हैं और इसमें इंडीविजुअल हेल्थ इंश्यारेंस पॉलिसी के तहत लेने से पहले मेडिकल टेस्ट कराने की भी जरुरत नहीं होती है।
अगर आप अपने माता-पिता के लिए अलग से इंडीविजुअल हेल्थ इंश्योरेंस पॉलिसी लेते हैं तो अधिक उम्र की वजह से यह बहुत मंहगी पड़ेगी। इसके अलावा अगर आपके माता-पिता को पहले से कोई बीमारी है तो इसका प्रीमियम देना शायद आपके लिए संभव न हो।
आप जितना जल्द मेडिकल कवर लेते हैं आपको उतना ही कम प्रीमियम देना होगा। उम्र बढ़ने के साथ ही बीमारियों का जोखिम बढ़ता जाता है। ऐसे में मेडिकल कवर का प्रीमियम बढ़ता जाता है।
आप कंपनी के मेडिकल कवर में अगर माता-पिता को कवर करवाते हैं तो आपको अलग से एक फैमिली फ्लोटर हेल्थ इंश्योरेंस पॉलिसी लेनी चाहिए। इस पॉलिसी में आप आपके बच्चे और आपकी पत्नी कवर होंगी। इससे आपके पास दो मेडिकल कवर रहेंगे और आपकी फैमिली को ज्यादा राशि का मेडिकल कवर उपलब्ध होगा।
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