शेयर बाजार में ऑनलाइन व्यापार करने में कुछ समस्याएं सामने आ सकती हैं, जिसमें से एक समस्या खास रुप से यह आती है कि ब्रोकर व्यापार के लिए अलग-अलग सॉफ्टवेयर प्रस्तावित करते हैं। ऐसे में जब भी आप अपना ब्रोकर बदलते हैं तो हर बार नया सॉफ्टवेयर प्रयोग करना मुश्किल सा हो जाता है। हालांकि ब्रोकर के ऑनलाइन पोर्टल ने व्यापार में परेशानी कम कर दी हैं, इसे अपेक्षाकृत सरल बना दिया है क्योंकि इससे आपको व्यापार तंत्र का एक नमूना मिल जाता है जो आपके लिए सहायक होता है।
सबसे पहले आपको लॉगिन करना होता है, हालांकि इस प्रक्रिया में अलग-अलग ब्रोकर ऑनलाइंस शेयर के व्यापार के लिए अलग-अलग प्लेटफॉर्म देते हैं। अपनी आईडी से लॉगिन करने के बाद , कुछ ब्रोकिंग प्लेटफॉर्म आपसे कुछ पसंददीदा सवाल भी कर सकते हैं, जिसे आप पहली बार अपनी लॉगिन आईडी में संग्रहित करके रखते हैं। कुछ ब्रोकर जैसे शेयरखान का सीधा लॉगिन, ट्रेडिंग पासवर्ड और अकाउंट पासवर्ड है।
इसके बाद आप एक मार्केट वॉच सेट कर सकते हैं, अगर आप किसी चयनित शेयर के सेट को बेचने का सोच रहे हैं तो आपको इसके लिए एक मॉर्केट वॉच बनाना होगा। कई बोर्किंग टर्मिनल पर आप देखते होंगे कि उनकी मॉर्केट वॉच सबसे ऊपर रहती है। इस पर क्लिक कीजिए तो आपको कुछ कंपनियों के नाम दिखाई देंगे, यहां से आप अपनी पसंद के अनुसार कम्पनी चुन सकते हैं। इस तरह से आप शेयर की चालु कीमतों का पता भी लगा सकते हैं।
ऑनलाइन शेयर खरीदने के लिए आपके बैंक अकाउंट में पैसा होना चाहिए। आप ट्रेडिंग सॉफ्टवेयर पर फंड ट्रांसफर देख सकते हैं, जिसपर कि आप लॉगऑन हैं। ट्रांसफर फंड पर क्लिक करें, जिस बैंक से आपने अपना अकाउंट लिंक किया है उसका चयन करें और इससे आप आप अपने बैंक से लॉगिन रहेंगे। अपनी लॉगिन आईडी से और ट्रांजेक्शन पासवर्ड से लॉगिन करें और फंड ट्रांसफर करें। जब फंड ट्रांसफर की प्रक्रिया पूरी हो जाए, उसके तुरंत बाद ही आपके ब्रोकर के अकाउंट में फंड क्रेडिट हो जाता है। अब आप स्टॉक बाजार से ऑनलाइन शेयर खरीद सकते हैं।
अगर आपने एक मार्केट वॉच बनाया है, तो इस पर क्लिक करने का और शेयर खरीदने का विकल्प मौजूद रहता है। एक पॉपअप अंतिम कीमतों को, मात्राओं को, सीमित मूल्यों को दर्शाता है। अगर आप एक मार्केट ऑर्डर करते हैं, तो शेयर का क्रय तुरंत होता है । अगर आप सीमित ऑर्डर करते हैं तो आप देख सकते हैं कि अगर आपका ऑर्डर ट्रैक कर सकते हैं या नहीं।
जब शेयर खरीद लिया जाता है तो यह टर्नओवर रिपोर्ट में अंकित हो जाएगा। आप यहां क्रयमूल्य और लाभ और हानि देख सकते हैं।
3 दिन के बाद डीपी रिपोर्ट से आप अपने शेयर अकाउंट में बैलेंस चेक कर सकते हैं।
माई अकाउंट पर क्लिक कर के ब्रोकर के साथ अपने अकाउंट में कैश बैलेंस को चेक करें, जैसा कि पहले ही बताया गया है कि अलग-अलग ब्रोकर के हिसाब से सॉफ्टवेयर भी अलग-अलग होता है ऐसे में इससे परिचित होने में थोड़ा समय लग सकता है। अच्छा होगा कि आप कुछ घंटों के लिए ब्रोकर के ऑफिस में बैठें जिससे आप आसानी से सॉफ्टवेयर से परिचित हो सकते हैं।
ऑनलाइन व्यापार से पहले ब्रोकर के सॉफ्टवेयर से परिचित होना बहुत जरूरी है। अन्यथा आप द्वारा गलत ऑर्डर होने की आशंका हो सकती है जिससे आप को नुकसान झेलना पड़ सकता है। यह कोई बहुत जटिल तंत्र नहीं लेकिन इतना आसान भी नहीं है।
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