हर किसी के लाइफ में पैसे की अलग-अलग अहमियत होती है। कोई पैसे को यूं ही उड़ा देता है तो कोई उसे संभाल-संभाल कर खर्च करता है। जिस तरह से पैसे कमाने के अलग-अलग तरीके हैं ठीक उसी तरह से पैसे खर्च करने और उसका इस्तेमाल करने के भी अलग-अलग तरीके हैं। आपको यहां पर बताएंगे कि दुनिया के सबसे धनवान व्यक्ति किस तरह से अपने पैसों को इस्तेमाल करते हैं। कब, कहां और किस तरीके से वो अपने पैसे का उपयोग करते हैं।
सैकड़ों कंपनियों का समूह बर्कशियर हैथवे के चेयरमैन और सीईओ बफेट दुनिया के सबसे धनी व्यक्तियों में शुमार हैं। इन्होंने 1958 में महज $31,500 में घर खरीदा और अब तक उसी में रह रहे हैं। इनके पास कोई सेलफोन नहीं है और ना ही कोई कंप्यूटर। साल 2014 में शेयरहोल्डरों की मीटिंग में बफेट ने कहा कि उनकी क्वॉलिटी ऑफ लाइफ इस बात पर निर्भर नहीं करती कि उनके पास पैसे कितने हैं। इनका कहना है कि मेरी जिंदगी ज्यादा खुशनुमा नहीं होती, बल्कि यह खराब हो जाती अगर मेरे पास छह आठ घर होते। इसलिए मेरे पास वह सभी चीजें हैं जो जरुरी हैं और अब मुझे कुछ नहीं चाहिए क्योंकि एक खास बिंदू के बाद ये सब मायने नहीं रखते हैं।
सोशल मीडिया फेसबुक के फाउंडर और सीईओ जकरबर्ग को दुनिया का सबसे धनी टेक मुगल कहा जाता है। लेकिन, वह अपनी पत्नी प्रिसिला और बेटी के साथ बिल्कुल साधारण सी जिंदगी जीते हैं। उन्होंने अक्सर सामान्य से टी-शर्ट और जीन्स में देख सकते हैं। उनका कहना है कि मैं सचमुच में जिंदगी जीना चाहता हूं जिसमें मुझे कम से कम फैसले लेने पड़ें, सिवाय इसके कि मैं कैसे मानव समुदाय की सेवा कर सकता हूं। दौलत की चकाचौंध उन्हें कभी अपनी ओर खींच नहीं पाई। यही वजह है कि उन्होंने दिसंबर 2015 में घोषणा कर दी कि वह अपनी जिंदगी की पूरी कमाई का 99% हिस्सा दान करेंगे।
दिग्गज इंडियन आईटी कंपनी इंफोसिस के फाउंडर नारायण मूर्ति अपनी पर्सनल लाइफ को हमेशा सिंपल रखते हैं। मूर्ति आजतक सिंपल मिडल क्लास मकान में रहते हैं और इकोनॉमी क्लास में सफर करते हैं। शुरुआती दिनों में वह मारुति ओम्नी चलाते थे, अब ड्राइवर के साथ स्कोडा में चलते हैं। इनकी नेट वर्थ 1.91 अरब डॉलर है।
ग्रुप कार्सो के फाउंडर कार्लोस 40 से भी ज्यादा सालों से अपने 6 बेडरुम वाले घर में ही रह रहे हैं। अपनी अपार संपत्ति खुद की शानो-शौकत पर खर्च करने बजाय वह इसे अपनी कंपनी में लगाते हैं। एक बार इन्होंने समाचार एजेंसी रॉयटर्स से कहा कि दौलत एक बगीचे की तरह होती है क्योंकि आप इसे पैदा करते हैं। बार-बार निवेश कर बढ़ाते हैं या अलग-अलग फंडों में जमा करते हैं। वह अपनी कंपनी को भी बड़ी किफायत से संचालित करते हैं। इनका कहना है कि समृद्धि के दौर में एंप्लॉयीज को ज्यादा संयम बरतना चाहिए।
यूरोप के सबसे अमीर लोगों में से एक है कैमप्रैड आपको इकोनॉमी क्लास में सफर करते मिल जाएंगे। इन्हें सामान्य से कैफे में भी लंच करते देखा जा सकता है। 90 साल के कैंप्रैड के पास 39०3 बिलियन डॉलर की संपत्ति है। ये दशकों पुरानी वॉल्वो चलाते हैं। शायद इसीलिए इन्हे बिलियन्स वाला गरीब भी कहते हैं।
डिश नेटवर्क के चेयरमैन चार्ली लंच बैग खुद ही रोज पैक करते हैं। वह किफायत बरतने के लिए मशहूर हैं। उन्होंने बताया कि उन्होंने अपनी मां से मितव्ययिता सीखी है। फाइनैंशियल टाइम्स में एक बार उन्होंने बताया कि मेरी मां डिप्रेशन में पली बढ़ीं हैं। मेरे पास महोगनी डेस्क नहीं है। वह जब भी यात्रा पर बाहर जाते हैं तो अपने कॉलीग के साथ होटल रुम शेयर करते हैं।
इंडिटेक्स के फाउंडर अमांसियो अब भी सरा हेडक्वॉर्टर कैफिटीरिया में एंप्लॉयीज के साथ ही भोजन करते हैं। फैशन चेन सरा के संस्थापक अमांसियो दुनिया के दूसरे सबसे धनी व्यक्तियों की लिस्ट में शामिल हैं। इसके बावजूद व्यक्तिगत खर्च की उनकी आदतों में शायद ही बदलाव आए। अर्टिगो हैं तो फैशन मैग्नेट लेकिन मार्क जकरबर्क के तरह ही खुद साधारण पोशाक में रहते हैं। वह हर दिन नीले रंग के ब्लेजर, सादे शर्ट और भूरे पैंट्स में ही दिखते हैं।
भारत के सबसे धनी लोगों में से एक हैं टेक टाइकून प्रेमजी की संपत्ति 16.6 अरब डॉलर है लेकिन इतना पैसा उन्हें ऑटोरिक्शा में एयरपोर्ट से घर जाने से नहीं रोकता। यहां तक कि अपनी कंपनी विप्रो में यूज होने वाले टॉयलेट पेपर का भी हिसाब रखते हैं। प्रेमजी इकोनॉमी क्लास में सफर करते हैं और सेकंड हैंड कार से चलते हैं। इसके अलावा वह अपने ऑफिस वालों को लाइट बंद करने को भी कहते हैं।
मीडिया से दूर रहने वाली जूडी ने प्राइवेट हेल्थकेयर कंपनी बनाई जो मेडिकल रिकॉर्ड सॉफ्टवेयर बनाती है। 1979 में शुरु हुई कंपनी 70 हजार डॉलर के कैपिटल से शुरु की थी। 72 साल की जूडी ने हमेशा सादा जीवन ही बिताया है। रिर्पोट्स के अनुसार जुडी पिछले 15 सालों में केवल दो कार रखी हैं और अपने पति के साथ 30 सालों से एक घर में रह रही हैं। 2015 में अपनी आधी संपत्ति चैरिटी में देते हुए जूडी ने लिखा मेरे अंदर कभी अरबपति बन कर आराम से जीने की चाह नहीं रही। इसके बजाय मैं अपने पैसों को दूसरों की मदद में लगाना चाहती हूं जिनको खाने के लाले हैं।
More Articles
- भारी बारिश का अलर्ट: बाढ़ में डूबी कार को स्टार्ट न करें, क्लेम पाने का सही तरीका जानें
- Manipal Health IPO: ₹9,275 करोड़ का बड़ा दांव, क्या आपको अप्लाई करना चाहिए?
- ITR फाइल करने का आज आखिरी मौका: क्या आज के बाद लगेगा जुर्माना? जानें बचने का तरीका
- US Fed का फैसला आज रात: क्या भारतीय बाजार में आएगी बड़ी हलचल? जानें ट्रेडर्स के लिए खास रणनीति
- GST QRMP स्कीम: PMT-06 पेमेंट में 35% चालान चुनें या सेल्फ-असेसमेंट? ब्याज से बचने का पूरा गणित
- ITR फाइलिंग की डेडलाइन: 31 जुलाई से पहले निपटा लें ये जरूरी काम, वरना होगा नुकसान