इनकम टैक्‍स रिटर्न फाइल करते समय कभी-कभी आप से गलती भी हो जाती है तो आप टेंशन मत लीजिए। इनकम टैक्‍स रिटर्न फाइल करने के बाद इसे इनकम टैक्‍स डिपार्टमेंट के सेंट्रल प्रोसेसिंग सेंटर द्वारा प्रोसेस किया जाता है। लेकिन अगर प्रोसेसिंग होने के बाद आपको लगता है कि आपने ने कोई चीज भरते समय छोड़ दिया है या कोई और गलती हो गई है तो ऐसे में रेक्टिफिकेशन रिक्‍वेस्‍ट फाइल कर सकते हैं।

Advertisement

ये है नियम

संशोधन के खातिर आवेदन करने के लिए ऑरिजनल रिटर्न का असेसमेंट सेंट्रल प्रोसेसिंग सेंटर बैंग्‍लोर में प्रोसेस्‍ड होना चाहिए। रिवाइज्‍ड रिटर्न फाइल करने के बाद इनकम टैक्‍स अथॉरिटीज इंटीमेशन या ऑर्डर को रिवाइज कर सकते हैं।

ऑनलाइन पोर्टल

इनकम टैक्‍स रिटर्न में संशोधन इनकम टैक्‍स के ऑनलाइन पोर्टल https://incometaxindiaefiling.gov.in/ पर भी किया जा सकता है। टैक्‍स रिटर्न फाइल करने वाले व्‍यक्ति को अपने लॉग-इन नेम और पासवर्ड का इस्‍तेमाल करते हुए लॉग-इन करना चाहिए और ई-फाइल टैब के त‍हत रेक्टिफिकेशन ऑप्‍शन पर जाना चाहिए।

यह जानकारी भी उपलब्‍ध कराएं

आप जिस तरह का रिटर्न फाइल कर रहे हैं और संशोधन से जुड़े असेसमेंट ईयर को ऐड किया जाना चाहिए। साथ ही करेंट रिफरेंस नंबर का भी जिक्र किया जाना चाहिए। यह इनकम टैक्‍स डिपार्टमेंट की तरफ से मिले पिछले कम्‍यूनिकेशन का नंबर होगा।

संशोधन का अनुरोध

अपने डिटेल्‍स प्रमाणित करने के बाद, टैक्‍स रिटर्न फाइल करने वाले व्‍यक्ति को रेक्टिफिकेशन रिक्‍वेस्‍ट टाइप और जरुरी ब्‍योरा देना चाहिए। आप जिन डिटेल्‍स में संशोधन चाहते हैं उन्‍हें भरने और सबमिट करने के बाद एक एकनॉलेजमेंट नंबर जनरेट होगा।

सत्‍यापन

रेक्टिफिकेशन रिक्‍वेस्‍ट फाइल करने के बाद इसे टैक्‍स रिटर्न फाइन करने वाले व्‍यक्ति के नेट बैंकिंग पोर्टल या आधार OTP इनकम टैक्‍स वैरिफिकेशन मैकेनिज्‍म का इस्‍तेमाल करते हुए प्रमाणित करना होगा। फाइल किया गया रिवाइज्‍ड रिटर्न ई-मेल के जरिए एक्‍सेसीज के रजिस्‍टर्ड ई-मेल आईडी पर भेजा जाएगा।

जरुरी बिंदु

फिजिकल मोड के जरिए भी रेक्टिफिकेशन अप्‍लीकेशन फाइल की जा सकती है।
इनकम टैक्‍स डिपार्टमेंट में निधार्रित तारीख के बाद भी रिटर्न में संशोधन की इजाजत दी है।