पब्लिक प्राविडंट फंड या पीपीएफ (PPF) निवृत्ति की जरूरतों को ध्यान में रखकर बनाया गया है। लेकिन अब आप इस रकम का इस्तेमाल कभी भी कर सकते हैं। नए नियमों के तहत चिकित्सा एवं शिक्षा की जरूरतों के लिए पांच साल पुराने खातों से रकम निकाली जा सकती है।
लेकिन सवाल यह है कि क्या इससे रकम निकालना इतना आसान है? क्या रकम किसी भी बैंक खाते से निकाली जा सकती है या पीपीएफ वाली आधार शाखा से ही निकाली जा सकती है? हालांकि कुछ सरकारी बैंक किसी भी बैंक शाखा से पीपीएफ रकम को निकालने की सुविधा प्रदान करते हैं। परंतु डाकघर के साथ खोले गए पीपीएफ खाते यह सुविधा उपलब्ध नहीं कराते।
तो आपको यहां पर पूरी प्रक्रिया को विस्तार से समझाएंगे:
पीपीएफ निकालने के लिए फॉर्म C जमा करें, यदि आपके पास पीपीएफ पासबुक है तो उसकी भी एक कॉपी जमा कराएं। इसके अलावा आईडी और पते का प्रमाण भी उपलब्ध कराना होगा।
आप जिस खाते में अपनी पीपीएफ राशि प्राप्त करना चाहते हैं उस खाते का एक कैन्सल्ड चेक प्रदान करें। आप उस चेक ऑरिजनल और कॉपी दोनों ही साथ रखें।
बैंक को बताएं की आप अपनी पीपीएफ राशि क्यों निकालना चाहते हैं। बैंक आवश्यक सत्यापन करेगी और उनकी उपस्थिति में आपको कुछ दस्तावेजों पर हस्ताक्षर करने होंगे। साक्ष्य प्रक्रिया की पुष्टि के तौर पर बैंक, बैंक की मुहर भी लगाएगी। इसके लिए आपको अपने रीजनल बैंक की ब्रांच में जाना होगा।
आप खुद खोले गए पीपीएफ खाते वाली आधार शाखा में दस्तावेज भेज सकते हैं: ज्यादातर मामलों में बैंक खुद क्लेम की प्रक्रिया को आगे बढाने के लिए आधार शाखा में सभी दस्तावेज भेजती है। लेकिन फिर भी आगे की प्रक्रिया कहां तक पहुंची है यह जानने के लिए बैंक से पावती लेना ना भूलें।
एनईएफटी या आरटीजीएस (NEFT & RTGS) द्वारा आपकी पीपीएफ राशि स्थानान्तरित करती है। इस प्रक्रिया का इस्तेमाल पूरी रकम को निकालने के लिए नहीं बल्कि आंशिक रकम को निकालने के लिए भी किया जा सकता है।
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