मई और जून महीने में ही लगभग सभी कंपनियां अपने इंप्लाई को अप्रेजल प्रदान करती हैं। किसी को अच्छा अप्रेजल मिला होगा तो किसी को खराब। जिस तरह से सैलरी जरुरी होती है ठीक उसी तरह से अप्रेजल भी जरुरी होता है। लेकिन अगर अप्रेजल अच्छा न मिले तो पूरा साल इसी टेंशन में निकल जाता है कि आखिर हमने क्या गलती कर दी जिसकी वजह से हमारा अप्रेजल इस तरह से आया है। यहां पर आपको बताएंगे कि कैसे आप आने वाले साल में अपना अप्रेजल सुधार सकते हैं:
आप करेंट टाइम में क्या काम कर रहे हैं आपके बॉस को पता होना चाहिए। अगर पिछले महीने का काम अच्छा था और इस महीने का काम कुछ खराब चल रहा है तो उसे सुधारने का प्रयास करें और बॉस से अपनी समस्या के बारे में भी चर्चा करें। बॉस को बताएं कि पिछले कई महीनों में अपनी किस तरह काम किया और कौन सी उपलब्धि हासिल की क्योंकि इन छोटी-छोटी बातों का भी असर अप्रेजल पर पड़ता है।
कई बार ऐसा होता है कि शुरुआत के 1 से 2 महीने आप अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पाते हैं। तो ऐसे में बॉस आपके काम को उसी आधार पर जज करके एक निगेटिव छवि बना लेता है। लगातार ऑफिस से जल्दी निकल जाना और समय पर काम करके न देना ये सारी चीजें भी एक खराब छवि पैदा करती हैं।
आपकी कोई ऐसी आदत या व्यवहार जो कि बॉस को या टीम के लोगों को अच्छी न लगे उस आदत को हो सके तो बदल लीजिए क्योंकि एक बुरी आदत आपकी छवि उनके सामने खराब कर सकती है। अगर आपकी तरफ से कभी कोई गलती हो जाए तो माफी जरुर मांगे। सीनियर्स और जूनियर्स के साथ शालीनता से पेश आएं न कि उन पर अपनी पद का रौब झाड़ें।
कई बार ऐसा होता है कि आपसे काम के दौरान कई गलतियां भी होती हैं। लेकिन आप उन गलतियों को यह समझ कर नजर अंदाज कर देते हैं कि छोटी सी तो गलती हुई है। ऐसी सोच कभी न रखें और हो सके तो उन गलतियों को कभी दोहराएं नहीं क्योंकि बॉस के पास आपकी हर गलती का डाटा रहता है।
अगर आप ने अच्छा काम किया है तो उसे हर किसी के साथ शेयर करें। आपके काम को आपकी पूरी टीम जानती हो यह सुनिश्ति करें। अगर आपकी तारीफ सार्वजनिक रुप से होगी तो यह अप्रेजल के लिए बहुत ही प्रभावी होगा। खासकर आपके मैनेजर को आपके परफॉमेंस की जानकारी होना बहुत ही जरुरी है। इसलिए अपनी परफॉमेंस की जानकारी अपने सीनियर्स को देते रहें।
अपने टीम मेंबर्स के साथ अपने आयडिया शेयर करें और उनके साथ बातचीत करें। टीम के सभी सदस्यों के साथ मिलजुलकर रहें। दूसरों के कामों में भी रुचि लें और अपनी लीडरशिप क्वालिटी को साबित करें। इससे आपकी प्रोफेशनल छवि अच्छी बनेगी और इन सब छोटी-छोटी बातों का भी असर आपके अप्रेजल पर पड़ेगा।
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