आधार कार्ड और पैन कार्ड को लिंक कराने के लिए लोगों को एक परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। वह परेशानी यह थी कि या तो आधार कार्ड में सही नाम नहीं लिखा है या फिर पेन कार्ड का नाम आधार से मैच नहीं कर रहा। लेकिन अब इस मुसीबत का सामना नहीं करना पड़ेगा क्योंकि सरकार ने निर्देश दिये हैं कि नाम की स्पेलिंग गलत होने पर भी अब आधार और पैन आपस में लिंक कराये जा सकते हैं। लेकिन यह प्रक्रिया 1 जुलाई तक कम्प्लीट करना अनिवार्य है। क्योंकि अगर ऐसा नहीं होता है तो पैन कार्ड रिजेक्ट होने की संभावना है।
प्रत्येक व्यक्ति के लिए यह जानना आवश्यक है कि पैन कार्ड को आधार कार्ड के साथ कैसे जोड़ा जा सकता है। सरकार प्रत्येक आधिकारिक प्रक्रिया को डिजिटल बनाने के पूरा प्रयत्न कर रही है। ये सब इसलिए किया जा रहा है ताकि छल कपट को रोका जा सके या ऑफिस वर्क को कम किया जा सके, आधिकारिक कार्य को कम समय में संपन्न किया जा सके और भ्रष्ट्राचार को एक स्तर तक कम किया जा सके। सरकार ने पहले ही एलपीजी गैस कनेक्शंस को उपभोक्ता के आधार कार्ड से जोड़ने का काम कर दिया है।
सबसे पहले आपको अपने ई-फाइलिंग पोर्टल पर लॉग इन करना होगा।
जब आप ई-फाइलिंग पोर्टल खोल लेंगे तब स्क्रीन पर एक पॉप अप विंडो आता है जो आपको आपका आधार नंबर लिंक करने का संकेत देगा। यदि पॉप अप अपने आप नहीं आता है तो आप प्रोफाइल सेटिंग्स में जाकर में मेनू में ढूंढ सकते हैं और उस लिंक पर क्लिक कर सकते हैं जिसमें आधार नंबर को पैन से लिंक करने के लिए कहा जाता है।
आपको दी गयी फील्ड में आधार नंबर डालना होता है हालांकि ऐसा करने से पहले आपको जांच लेना चाहिए कि नाम, लिंग, जन्म तारीख और अन्य विवरण पैन कार्ड में दिए गए विवरण से मेल खा रहा है अथवा नहीं। यह महत्वपूर्ण है क्योंकि आयकर विभाग इन सभी विवरणों की जांच कर सकता है।
एक बार जब आप देख लेते हैं कि सारी सूचनाएं मेल खा रही हैं तो आप अपना आधार नंबर डालें और "लिंक नाउ" पर क्लिक करें।
एक बार जब वेलिडेशन हो जाता है तब आपका आधार नंबर पैन कार्ड के साथ लिंक हो जाता है। यहाँ इस बात का ध्यान रखना चाहिए कि आपका पैन कार्ड आधार नंबर के साथ तभी लिंक होगा जब पैन कार्ड के विवरण आधार कार्ड में दिए गए विवरणों से मेल खायेंगे।
अब पैन कार्ड भी आधार कार्ड से लिंक किये जायेंगे। संक्षेप में हम देख सकते हैं कि आधार कार्ड एक केंद्रीय दस्तावेज़ बन गया है जिसे आपको प्राप्त प्रत्येक उपयोगिता से जोड़ा जाएगा। उदाहरण के लिए आधार कार्ड को आपके राशन कार्ड, एलपीजी कनेक्शन पैन कार्ड, वोटर आईडी, पासपोर्ट आदि से जोड़ा जाएगा।
आज भी भारत में बहुत से लोग सोचते हैं कि पैन कार्ड को आधार कार्ड से कैसे लिंक किया जा सकता है और यह उनके प्रत्येक अकाउंट के साथ आधार कार्ड को जोड़ना क्यों महत्वपूर्ण है। इसका जवाब सरकार के उद्देश्य में है जिसमें हमारे देश के धोखाधड़ी के तरीकों को कम करना और डाटाबेस से धोखाधड़ी वाले खातों को निकालना शामिल है। हमने अक्सर ऐसे धोखा देने वाले लोगों के बारे में सुना है जिनके पास एक से अधिक पैन कार्ड या वोटर आईडी होते हैं। ये सभी लिंक इसलिए बनाये जा रहे हैं ताकि संभावित धोखाधड़ी के दुरूपयोग को रोका जा सके।
हम सभी को आश्चर्य हो रहा है कि केवल आधार कार्ड ही भारत में पहचान का आधार क्यों बनता जा रहा है। इसका उत्तर यह है कि केवल आधार कार्ड में ही व्यक्ति की संपूर्ण जानकारी उपलब्ध होती हैं जिसमें बायोमेट्रिक पहचान भी शामिल है। इसकी प्रतिलिपि नहीं बनाई जा सकती और इस तरह अन्य कोई अकाउंट जैसे पैन कार्ड या वोटर कार्ड जो किसी आधार कार्ड से जुड़े हुए नहीं हैं, स्वयं ही अवैध घोषित हो जायेंगे।
जब तक पैन कार्ड आधार कार्ड से नहीं जुड़े थे तब तक टैक्स देना आसान काम नहीं था। अब यदि आपका आधार नंबर पैन कार्ड से जुड़ा हुआ है तो आपको आईटीआर वी रसीद भेजने की आवश्यकता नहीं है। आयकर विभाग द्वारा यह सेवा शुरू कर दी गयी है, हालाँकि जल्द ही प्रत्येक व्यक्ति को अपने पैन कार्ड को आधार कार्ड से जोड़ना अनिवार्य हो जाएगा।
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