बीएसएनएल (भारत संचार निगम लिमिटेड) दूरसंचार कंपनी द्वारा हाल ही में सैटेलाइट सर्विस शुरू कर दी गई है। यह सर्विस इनमारसैट (INMARSAT) के द्वारा दी जा रही है। यह ब्रिटिश सैटेलाइट कम्यूनिकेशन कंपनी है इसके पास अपने 14 सैटेलाइट हैं। इसी के सहायता से BSNL ने भी सैटेलाइट फोन सर्विस शुरू कर दी है। लेकिन यह सर्विस अभी सिर्फ सरकारी एजेंसियों के लिए लागू की जाएगी बाद में आम आदमी को भी यह सुविधा दी जाएगी। अभी तक इस तरह का पहला फोन टेलीकॉम मंत्री मनोज सिंहा को प्रदान किया गया है। यहां पर आपको BSNL सैटेलाइट फोन सर्विस से जुड़ी हुई कई महत्वपूर्ण जानकारियों को बताएंगे।
जब किसी प्राकृतिक आपदा के चलते मोबाइल फोन, लैण्डलाइन फोन और इंटरनेट वगैरा काम काम करना बंद कर देते हैं तब उस जगह सैटेलाइट फोन काम करते हैं। सैटेलाइट फोन से उस जगह रहकर भी पूरी दुनिया से संपर्क किया जा सकता है। सैटेलाइट फोन इमरजेंसी के समय बेहद कारगर साबित होते हैं किसी प्राकृतिक आपदा में फंसे व्यक्ति से बात करने का यह सबसे अच्छा माध्यम है।
बीएसएन सैटेलाइट फोन से बात करने पर 1 मिनट में 30 से 35 रुपए खर्च आएगा। इसमें कॉल करने की सुविधा के अलावा वॉयस और एसएमएस की भी सुविधा मिलेगी। अभी तक देश में 1532 अधिकृत सैटेलाइट फोन कनेक्शन हैं इनमें ज्यादातर का उपयोग सुरक्षा बलों के द्वारा किया जा रहा है। तो वहीं टाटा कम्यूनिकेशंस ने समुद्र से जुड़े समुदायों को जहाजों पर ऐसे फोन के उपयोग के लिए 4143 परमिट दिए हुए हैं।
टेलीकॉम विभाग के अनुसार यह सैटेलाइट फोन शुरूआत में सिर्फ आपदा नियंत्रण एजेंसियां, राज्य पुलिस, रेलवे, बॉर्डर सेक्योरिटी फोर्स और अन्य सरकारी एजेंसियों को दिया जाएगा। तो वहीं योजना के सफल होने पर बाद में प्लेन और शिप में यात्रा करने वाले लोगों को भी दिया जाएगा।
अभी तक इंडिया में सैटेलाइट सर्विस टाटा कम्यूनिकेशन्स द्वारा दी जाती थी लेकिन अब टीसीएल की सभी सर्विसेज खत्म करके बीएसएनएल को सौंप दिया जाएगा। जो कि INMARSAT के अंतर्गत काम करेगी।
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