प्रधानमंत्री जनधन योजना की शुरूआत 28 अगस्‍त 2014 से हुई थी जो कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के द्वारा लॉन्‍च की गई थी। तब से अब तक 28.63 करोड़ रुपये लोगों ने बैंकों में धनराशि जमा की है। तो वहीं सरकार के मुताबिक अब तक खाते में 64,364.91 करोड़ रुपये की राशि जमा है एवं उप सेवा क्षेत्रों में 1.26 लाख बैंक मित्र शाखा रहित बैंकिंग सेवाएं प्रदान कर रहे हैं। आपको यहांं पर बतायेंगे कि ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में अब तक कितनी प्रगति हुई है, कितने लोग इससे जुड़ चुके हैं और कितने पैसे लोगों के अकांउट में हैं। साथ ही आपको प्रधानमंत्री जन धन योजना के तीन साल पूरे होने से पहले प्रगति के कुछ बिंदु दिखाने वाले है। यह भी पढ़ें: प्रधानमंत्री जनधन योजना से जुड़े अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

Advertisement

सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक

ग्रामीण- 12.57
शहरी- 10.45
कुल- 23.02
रूपे कार्ड की संख्‍या- 17.84
खाते में शेष- 50519.75

क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक

ग्रामीण-3.98
शहरी-0.71
कुल- 4.68
रुपे कार्ड की संख्‍या- 3.54
खाते में शेष- 11780.21

निजी बैंक

ग्रामीण- 0.56
शहरी- 038
कुल- 0.93
रुपे कार्ड की संख्‍या- 0.86
खाते में शेष- 2064.95

कुल

ग्रामीण- 17.10
शहरी- 11.53
कुल- 28.63
रुपे कार्ड की संख्‍या- 22.24
खाते में शेष- 64364.91

प्रधानमंत्री जन धन योजना के ये सारे आंकड़े 28 अगस्‍त 2014 से लेकर 17 मई 2017 तक के हैं। इन आंकड़ों को देखकर यह लगता है कि यह योजना अपने उद्देश्‍यों को पूरा करते हुए लक्ष्‍य तक अवश्‍य पहुंचेगी।

 

इस योजना का उद्देश्‍य

प्रधानमंत्री जन धन योजना का उद्देश्‍य वंचित वर्गों जैसे कि कमजोर वर्ग और कम आय वाले वर्ग को विभिन्‍न वित्‍तीय सेवाएं जैसे मूल बचत बैंक खाते की उपलब्‍धता, आवश्‍यकता आधारित ऋण की उपलब्‍धता, बीमा और पेंशन उपलब्‍ध कराना सुनिश्चित करना है। यह एक राष्‍ट्रीय मिशन है जो कि आर्थिक रुप से लोगों को मदद पहुंचाने का कार्य करता है।