केंद्र सरकार अपनी महत्वाकांक्षी योजना प्रधानमंत्री आवास योजना के जरिए मौजूदा वित्तवर्ष में और 12 लाख नए घर बनाएगी। ये घर पीएम आवास योजना के अंतर्गत बनाए जाएंगे और इस योजना से सबसे ज्यादा लाभ मध्यम वर्ग और बीपीएल परिवारों को होगा। इस योजना को लेकर लोगों के मन में एक सवाल बार-बार उठता है, ये सवाल है पीएम आवास योजना के अंतरगत मिलने वाले लोन को लेकर और लोन पर मिलने वाली सब्सिडी को लेकर। कई बार लोगों को ये पता नहीं चल पाता है कि उन्हें कितनी राशि पर कितनी सब्सिडी मिलेगी। केंद्र सरकार 3 लाख से लेकर 18 लाख रुपए की राशि पर ब्याज में सब्सिडी का लाभ देती है। इसमें अलग अलग कटेगरी में राशि और मिलने वाली सब्सिडी को बांटा गया है। आगे पढ़ें पीएम आवास योजना के अंतरगत मिलने वाली राशि और सब्सिडी से जुड़े प्रमुख बिंदु।
अगर आप पीएम आवास योजना के अंतरगत घर लेना चाहते हैं तो सबसे पहले ये देखें कि आप किस आयवर्ग में आते हैं। अगर आप 3 से 6 लाख रुपए तक के आयवर्ग में आते हैं तो आपको ब्याज पर ज्यादा सब्सिडी मिलेगी, वहीं 6 से 12 लाख रुपए और 12 से 18 लाख रुपए सालाना आय वर्ग के लोगों का सब्सिडी कम होगी। 1 जनवरी 2017 से इस योजना के लाभ का दायरा बढ़ा दिया गया है।
प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ उठाने के लिए मध्यम वर्ग (MIG) के लिए दो कटेगरी बनाई गई है। इसमें 6 लाख रुपए से लेकर 12 लाख रुपए तक की पहली कटेगरी है जबकि दूसरी कटेगरी 12 लाख रुपए से 18 लाख रुपए की है। अब आगे पढ़िए कि 6 से 18 लाख सालाना आय वर्ग के लोग कैसे प्रधानमंत्री आवास योजना के लिए आवेदन कर सकते हैं और क्या है इस योजना की शर्तें।
पीएम आवास योजना का उद्देश्य है कि सभी को पक्का मकान मिले। हां इस योजना की कुछ शर्तें जरूर हैं जिन्हें जानना आपके लिए बेहद जरूरी है। सबसे पहले तो ऐसे लोग जिनके पास इस पहले से घर है वह इस योजना का लाभ नहीं उठा सकता है। प्रधानमंत्री आवास योजना का नियम है कि लाभ उसे ही मिलेगा जिसके पास पहले से कोई पक्का मकान नहीं होगा।
इस योजना की शर्त है कि परिवार के किसी सदस्य को भारत सरकार की किसी योजना के तहत आवास योजना का लाभ ना मिला हो। यदि परिवार में किसी सदस्य को सरकारी योजना के तहत आवास का लाभ मिला है उसके किसी अन्य सदस्य को प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ नहीं मिल सकता है।
इस योजना के लिए आवेदन के वक्त अविभाजित परिवार के सभी सदस्यों का आधार कार्ड का नंबर देना जरूरी है। इसमें पति-पत्नी, और अविवाहित बेटे और बेटी शामिल हैं। शादी के बाद बेटा या बेटी इस योजना के लिए अलग से आवेदन कर सकते हैं।
पक्के घर का लाभ उठाने वाले माता-पिता के विवाहित बेटे-बेटियां तो वैसे भी अलग परिवार माने जाते हैं। हालांकि, पति-पत्नी दोनों PMAY का लाभ नहीं ले सकते। यानी, बेटे-बहू या बेटी-दामाद के नाम पर हर हाल में एक ही मकान पर सब्सिडी मिल सकती है। यह उनकी मर्जी होगी कि मकान का मालिकाना हक कोई एक अपने पास रखें या दोनों साथ-साथ। आगे पढ़ें कितनी ब्याज पर कितनी सब्सिडी देगी सरकार।
12 लाख प्रतिवर्ष की आय वाले लोगों को 9 लाख रुपए तक लोन मिलेगा जिसमें ब्याज दर पर 4 फीसदी की सब्सिडी मिलेगी इसमें मासिक ईएमआई पर 2,158 रुपए की बचत होगी जो कि 20 वर्ष की अवधि में 2 लाख 39 हजार 843 रुपए तक होगी।
यदि आपकी सालाना आय 12 से 18 लाख रुपए के बीच है तो आपको 12 लाख रुपए तक के लोन पर ब्याज दरों में 3 फीसदी की छूट मिलेगी। ये 110 स्क्वायर मीटर में हो रहे घर के निर्माण को लेकर दिए गए लोन पर निर्भर करेगा। 12 लाख रुपए पर 3 फीसदी की सब्सिडी को 20 साल में चुकाना होगा जिसके ब्याज पर मिली कुल छूट 2.30 लाख रुपए होगी। इस तरह से देखा जाए तो सरकार आपके लोन के लिए 2.30 लाख रुपए देगी जो कि आज के वक्त में बड़ी बचत है।
वहीं 6 लाख रुपए की वार्षिक आय वालों को 6 लाख रुपए तक का होम लोन मिल सकता है और ब्याज दर पर सरकार की तरफ से 6.5 फीसदी की सब्सिडी मिलती है। जिससे मासिक EMI में 2,219 रुपए की बचत होती है, ये बचत 20 वर्ष की अवधि में 2 लाख 46 हजार 625 रुपए तक होती है।
इसे ऐसे समझें मान लीजिए आपकी वार्षिक आय 18 लाख रुपए है तो आपको 12 लाख रुपए तक लोन मिलेगा जिस लोन पर सरकार आपको ब्याज दर पर 3 फीसदी की सब्सिडि देगी। इससे प्रतिमाह आपको 2,200 रुपए की बचत होगी जिसका 20 वर्ष में कुल 2 लाख 44 हजार 468 रुपए लाभ मिलेगा।
अगर आपकी सालाना आय 18 लाख रुपए है तो आपको पीएम आवास योजना पर 20 साल के होम लोन पर 2.4 लाख रुपए का लाभ मिल सकता है, बशर्ते आप पहली बार घर खरीदने जा रहे हों। पहले लोन चुकाने की सीमा 15 वर्ष थी जिसे बढ़ाकर अब 20 साल कर दिया गया है। सरकार अब आपके ब्याज पर सब्सिडी देगी जिससे मिलने वाली छूट का लाभ बढ़ जाएगा। इसके लिए सरकार ने रियल स्टेट मार्केट को चुना है।
आप कमर्शल बैंकों, हाउजिंग फाइनैंस कंपनियों, क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों, राज्य सहकारी बैंकों, शहरी सहकारी बैंकों, छोटे वित्तीय बैंकों, गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों आदि से लोन लेकर ब्याज पर उचित सब्सिडी पा सकते हैं। आपको किसी तरह का प्रोसेसिंग चार्ज भी नहीं देना होगा। हां, आप योजना के तहत जितना लोन लेने के योग्य हैं, उससे ज्यादा लोन ले रहे हैं तो अतिरिक्त रकम पर आपको नॉर्मल प्रोसेसिंग फी देनी पड़ सकती है।
अधिकारी ने बताया कि पिछले वित्तवर्ष में भूमि अधिग्रहण में देरी की वजह से इस योजना की गति थोड़ी धीमी हो गई थी। उन्होंने बताया कि योजना में देरी के चलते वित्तवर्ष 2016-17 में सिर्फ 1.49 लाख घर ही बन सके वहीं पीएम आवास योजना के तहत अब तक 18.76 लाख घरों के निर्माण को मंजूरी दी जा चुकी है और 13.06 लाख घरों के लिए राशि जारी की जा चुकी है। आपको बता दें कि केंद्र सरकार का लक्ष्य है कि साल 2022 तक देश में सबको घर मिल सके। आगे पढ़ें, इस योजना के लिए कैसे आवेदन करें और योजना के अंतरगत किस कटेगरी को सब्सिडी में कितनी छूट मिलेगी।
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