लाइफ इंश्योरेंस कॉरपोरेशन (LIC),इंडिया में बीमा योजना के लिए सबसे ज्यादा जानी जाती है। अलग-अलग जरुरतों के हिसाब से एलआईसी के द्वारा अलग-अलग बीमा की योजनायें लागू की जाती हैं प्रत्येक व्यक्ति को अपनी जरुरतों के हिसाब से सही पॉलिसी और प्रोडक्ट यूज करने की जरुरत होती है।
यहां पर कुछ ऐसे ही सामान्य सवालों के बारे में बताया जा रहा है जो कि अक्सर लोग एलआईसी के बारे में पूछते हैं-
एलआईसी पारंपरिक योजनाओं, एंडॉमेंट प्लान, बचत योजना आदि प्रदान करता है, जो उनके उद्देश्य से भिन्न होती है। पॉलिसी ऑनलाइन खरीदने के लिए बेहतर है क्योंकि ग्राहक मूल वार्षिकी दर में बढ़ोतरी के जरिए 1 प्रतिशत की छूट का आनंद ले सकते हैं। यह पॉलिसी बहुत ही ज्यादा लोगों के बीच जानी जाती है। एलआईसी जीवन आनंद, एलआईसी मनी बैंक प्लान कुछ ऐसे ही एलआईसी के प्लान हैं जो कि बहुत ही अच्छे ऑफर प्रदान करती हैं।
यदि आप सही वजह से इंवेस्टमेंट करना चाहते हैं तो दोनों ही ऑप्शन अच्छे हैं। लेकिन किसी भी व्यक्ति को एक साथ निवेश और बीमा की सुविधा नहीं मिलनी चाहिए। एलआईसी पॉलिसी खरीदने से आपको लाइफ कवर और निवेश की सुविधा मिलती है यदि आप एंडॉमेंट प्लान और सेविंग प्लान को बचाने का ऑप्शन चुनते हैं। हालांकि, रिटर्न और रिस्क तुलनात्मक रूप से कम होगा। म्यूचुअल फंड में इकाइयों को खरीदना निवेश उद्देश्य के लिए है, म्यूचुअल फंड निवेश से बीमा कवर की उम्मीद नहीं कर सकते।
शुरू में एलआईसी के प्लान जानने के लिए न तो कोई ऑनलाइन सुविधा थी और न ही कोई प्राइवेट इंश्योरेंस कंपनी। कोई भी इंश्योरेंस प्लान लेने के लिए पूरी तरह से एलआईसी कंपनी के एजेंट पर निर्भर रहना पड़ता था। यहां तक कि अभी भी ऐसी कुछ LIC पॉलिसी थीं जिनके लिए एजेंट पर निर्भर रहना पड़ता था लेकिन अब कई सारे ऐसे टर्म प्लान हैं जो कि ऑनलाइन लिए जा सकते हैं।
हां ऐसा हो सकता है, ऐसे पॉलिसी होल्डर जिनके पास तीन साल से एलआइसी की पॉलिसी है वो लोन ले सकते हैं। लोन की राशि पॉलिसी के अमाउंट और समय पर निर्भर करती है, अन्य लोन की तुलना में यह एक सुरक्षित और कम ब्याज वाला लोन होता है। अगर पॉलिसी लेने वाला व्यक्ति लोन सही समय पर नहीं दे पाता है तो लोन अमाउंट और ब्याज क्लेम की गई राशि से काट ली जायेगी और राशि दावेदार को दी जायेगी।
LIC के लिए प्रीमियम का भुगतान करने वाले को धारा 80 सी के तहत 1.5 लाख तक कर लाभ के लिए योग्य होता है। इसके साथ ही बीमा पॉलिसी की धारा 10D के तहत मौत होने पर भी टैक्स में लाभ मिलता है। नियम के मुताबिक, बीमा पॉलिसी उन करों के लिए 2 फीसदी टीडीएस कटौती कर सकती है जो कर योग्य होती हैं। यह ध्यान देने की आवश्यकता है कि 1 लाख रुपये से कम राशि वाले परिपक्वता की आय के लिए कोई टीडीएस लागू नहीं होगा।
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