एटीएम भी एक मिनी बैंक की तरह काम करता है। एक एटीएम हमें इतनी सुविधाएं देता है जिससे हमारा काफी समय बच सकता है, लेकिन हमें इन सुविधाओं के बारे में पता नहीं होता है, एटीएम, ग्राहकों को उनके खातों तक आसान पहुंच प्रदान करता है। कोई भी व्यक्ति जिसके आपस क्रेडिट या डेबिट कार्ड हो, वह एटीएम में प्रवेश करके ट्रांसजेक्शन (लेनदेन) कर सकता है। खाते से पैसा निकालने के अलावा एटीएम में अन्य कई सुविधाएं भी उपलब्ध होती हैं। आप एटीएम के अन्य कितने उपयोगों के बारे में जानते हैं?
आप बैंक के ग्राहकों या अन्य बैंकों के ग्राहकों के बीच पैसे का लेनदेन कर सकते हैं। यूनियन बैंक ऑफ़ इंडिया, केनरा बैंक, आन्ध्रा बैंक, सारस्वत को-ऑपरेटिव बैंक और यस बैंक डेबिट कार्ड के माध्यम से इंटर बैंक फंड ट्रांसफर की सुविधा प्रदान करते हैं। इस कार्ड टू कार्ड ट्रांसफर के लिए ग्राहक को एटीएम जाना पड़ता है और जिस व्यक्ति के खाते में पैसे जमा करने होते हैं उसका डेबिट कार्ड नंबर पंच करना पड़ता है। इसके लिए आपको उस व्यक्ति का 16 अंकों वाला डेबिट कार्ड नंबर और ट्रांसफर की जाने वाली राशि को टाइप करना पड़ता है। जैसे ही आप ओके का बटन प्रेस करते हैं वैसे ही तुरंत आपके खाते से पैसा निकल जाता है और दूसरे व्यक्ति के खाते में जमा हो जाता है।
आप एक ही सेंटर से या देश के किसी भी सेंटर से एक ही ग्राहक के विभिन्न खातों या विभिन्न ग्राहकों के खातों में इंटर अकाउंट ट्रांसफर कर सकते हैं। कई बैंक जैसे आईसीआईसीआई बैंक और एसबीआई बैंक यह सुविधा प्रदान करते हैं। आपके पास आपका डेबिट कार्ड, पिन नंबर और लाभार्थी का डेबिट कार्ड नंबर होना चाहिए।
अब कई एटीएम मशीनों पर नकद जमा करने (कैश डिपॉजिट)की सुविधा भी उपलब्ध है। आप एटीएम में पैसा जमा करके अपने अकाउंट में पैसा जमा कर सकते हैं। कई स्थानों पर एसबीआई द्वारा यह सुविधा प्रदान की गयी है। नकद निकासी की सुविधा के अलावा आप एटीएम में पैसे जमा भी कर सकते हैं।
ग्राहक एटीएम काउंटर पर मोबाइल बैंकिंग रजिस्ट्रेशन भी कर सकते हैं। एसबीआई और आईसीआईसीआई बैंक, ग्राहकों को इन बैंकों के एटीएम का उपयोग करके अपने मोबाइल बैंकिंग एप्लीकेशन को रजिस्टर या डिरजिस्टर करने की सुविधा प्रदान करती हैं।
यह सुविधा केवल सभी निवासी भारतीय व्यक्ति जो किसी भी आईसीआईसीआई बैंक के वेतन खाते या बचत खाते के उपभोक्ता हैं और जिनके पास डेबिट कार्ड और पिन है, उनके लिए उपलब्ध है।
एटीएम में कर भुगतान सुविधा उपलब्ध है। इस सुविधा का लाभ उठाने के लिए आपको अपने डेबिट कार्ड को बैंक की वेबसाइट पर रजिस्टर करना होगा। यूनियन बैंक ऑफ़ इंडिया और एचडीएफसी बैंक अपने ग्राहकों को यह सुविधा प्रदान करते हैं। कर का भुगतान करने पर एटीएम एसआईएन नंबर जनरेट (उत्पन्न) करता है। आपको चालान डाउनलोड़ करने के लिए 24 घंटे बाद इस एसआईएन नंबर को बैंक की वेबसाइट पर सबमिट (प्रस्तुत) करना होता है।
अपने क्रेडिट कार्ड भुगतान की अंतिम तिथि के बारे में चिंता न करें। आप एटीएम काउंटर पर डेबिट कार्ड का उपयोग करके आप अपने क्रेडिट कार्ड के बिल का भुगतान कर सकते हैं। एसबीआई सहित कई बैंक यह सुविधा प्रदान करते हैं। आप एक इंस्टेंट पेमेंट रसीद भी प्राप्त कर सकते हैं। एटीएम मशीन में डेबिट कार्ड डालने के बाद आप इस सर्विस टैब के बटन को दबाएँ और "बिल पे" विकल्प ढूंढें। फिर अपना कार्ड नंबर डालें और बिल का भुगतान करें।
आपको प्रीमियम के भुगतान के लिए बीमा एजेंट के पास या इंश्योरेंस ऑफिस जाने की ज़रुरत नहीं होती। आपके पास के एटीएम में आप अपना बीमा प्रीमियम जमा कर सकते हैं। आएसीआईसीआई और एसबीआई बैंकों में पहले से ही यह सुविधा उपलब्ध है। बीमा प्रीमियम के भुगतान के लिए कार्ड डालने के बाद सर्विस के विकल्प पर जाएं।
आपको चेक बुक की मांग के लिए निवेदन करने करने हेतु बैंक जाने की आवश्यकता नहीं है। आप एटीएम सेंटर जाकर नई चेक बुक के लिए आवेदन दे सकते हैं। ध्यान रहे कि बैंक की शाखा में अपना रजिस्टर्ड एड्रेस (घर का पता) अपडेट करवाएं क्योंकि चेक बुक आपके द्वारा रजिस्टर्ड पते पर ही भेजी जायेगी। आईसीआईसीआई बैंक और एसबीआई बैंकों के एटीएम में यह सुविधा पहले से ही उपलब्ध है।
यदि आपके मोबाइल में बैलेंस कम है तो आपको किसी दुकान में जाने की ज़रूरत नहीं है। आप एटीएम काउंटर से भी अपना मोबाइल रिचार्ज कर सकते हैं। आपको कन्फर्मेशन एसएमएस भी आता है। एसबीआई सहित कई एटीएम यह सुविधा प्रदान कर रहे हैं।
एटीएम की सबसे लोकप्रिय सेवा नकद निकालना है। विमुद्रीकरण के बाद नकद निकालने के लिए कुछ प्रतिबंध लगाए गए थे। 28 फरवरी से नकद निकासी की सीमा 24,000 रूपये से बढ़ाकर 50,000 रूपये प्रति सप्ताह कर दी गयी है।
बैंक के ग्राहक अपने खाते में उपलब्ध जमाराशि की जानकारी के लिए इस सेवा का उपयोग कर सकते हैं। एटीएम कार्ड स्वाइप करने के बाद आपको स्क्रीन पर बैलेंस इन्क्वायरी विकल्प दिखता है। आप व्यू विकल्प चुनकर गो ग्रीन के बन सकते हैं जिससे केवल स्क्रीन पर ही आपका बैलेंस दिखाई देता है अन्यथा प्रिंट विकल्प चुनने पर आपको एक रसीद भी मिलती है।
अपने खाते के में हुए लेनदेन पर नज़र रखने के लिए आप अपने खाते का मिनी स्टेटमेंट प्राप्त कर सकते हैं। मिनी स्टेटमेंट में अंतिम 10 लेनदेनों की जानकारी मिलती है।
बैंक के ग्राहक एटीएम काउंटर पर अपना 4 अंकों का पिन नंबर बदल सकते हैं। यह सुविधा सभी एटीएम केन्द्रों पर उपलब्ध है। यह नियमित अंतराल पर किया जा सकता है।
एटीएम के माध्यम से आप पैसे का डोनेशन (दान) भी कर सकते हैं। एसबीआई जैसे बैंक एटीएम के माध्यम से मंदिरों या चैरिटी में पैसे दान करने की सुविधा प्रदान करते हैं। आप अपने प्रिय चैरिटी को दान कर सकते हैं। उदाहरण के लिए एटीएम के माध्यम से आप तिरुपति, पलानी, रामकृष्ण मिशन, काशी विश्वनाथ आदि को दान दे सकते हैं। आपको इस दान की रसीद भी दी जाती है जिसका उपयोग आप टैक्स कम करने के लिए भी कर सकते हैं।
कुछ शैक्षणिक संस्थाएं एटीएम के माध्यम से ट्यूशन फीस भुगतान का विकल्प प्रदान करती हैं। इस सुविधा का लाभ उठाने के पहले आपको अपना नाम रजिस्टर (पंजीकृत) करना पड़ता है। यह सुविधा सीमित स्थानों पर ही उपलब्ध है। एसबीआई के एटीएम के माध्यम से ग्राहक अपने यूटिलिटी बिल का भुगतान भी कर सकते हैं। बैंगलोर/हुबली/चामुंडेश्वरी इलेक्ट्रिसिटी सप्लाय कंपनी, कर्नाटक और छत्तीसगढ़ स्टेट इलेक्ट्रिसिटी बोर्ड के बिलों का भुगतान भी एटीएम के माध्यम से किया जा सकता है।
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