ऐसा अंदाजा लगाया जा रहा है कि नरेंद्र मोदी सरकार भारतीय वित्तीय वर्ष को अगले सत्र में बदल दे। जैसा कि आप सब जानते हैं कि अभी तक अपने देश में वित्तीय वर्ष यानी फायनेंशियल ईयर 1 अप्रैल से 31 मार्च तक माना जाता है लेकिन नए वित्तीय कैलेंडर में यह सत्र बदलकर 1 जनवरी से 31 दिसम्बर तक होने का कयास लगाया जा रहा है। अगर ऐसा होता है तो यह 150 साल पुरानी प्रथा में एक नया बदलाव दर्शाएगा, जो कि ब्रिटिश शासन के दौरान 1867 में शुरु हुआ था। यहां पर हम आपको कुछ ऐसे देशों के बारे में बताने जा रहे हैं जो कि भारत के ही तरह अप्रैल से मार्च वित्तीय वर्ष का पालन करते हैं।
यूनाइटेड किंगडम में 1 अप्रैल से 31 मार्च तक वित्तीय वर्ष के रुप में लागू किया गया है यह एक ऐसा अभ्यास है जो अब देश में कई शताब्दियों पुराना है। इसलिए सरकारी निगम और सार्वजनिक संस्थाएं बजट के उद्देश्य से हर साल 1 अप्रैल से 31 मार्च तक वित्तीय वर्ष को फॉलो करते हैं। जबकि व्यक्तिगत टैक्स के लिए वित्तीय वर्ष 6 अप्रैल से शुरु होता है और अगले साल 5 अप्रैल को समाप्त होता है।
कनाडा भी एक ऐसा ही देश है जहां पर वित्तीय वर्ष 1अप्रैल से 31 मार्च तक फॉलो किया जाता है ताकि सरकारी निगमों और संस्थाओं के लिए बजट प्लान में मदद मिल सके। तो वहीं यहां पर व्यक्तिगत कर के लिए कैलेंडर वर्ष को ही वित्तीय वर्ष माना जाता है। तो अगर आप वह व्यक्ति हैं जो अपना टैक्स भरना चाहते हैं तो इसके लिए 1 जनवरी से 31 दिसम्बर के बीच आपको टैक्स भरना अनिवार्य होगा।
जापान में सरकारी वित्तीय वर्ष 1 अप्रैल से शुरु हुआ और 31 मार्च 2017 में समाप्त हुआ। इनकम टैक्स को भरने के लिए वित्तीय वर्ष, कैलेंडर वर्ष यानी कि 1 जनवरी से 31 दिसम्बर को ही फॉलो किया जाता है। कॉपोरेट टैक्स के लिए, कंपनी के वार्षिक अवधि के आधार पर शुल्क लगाया जाता है।
न्यूजीलैण्ड में किसी कारण से कैलेंडर वर्ष नहीं फालो किया जाता है। यहां कि गर्वमेंट 1 जुलाई से लेकर अगले जून तक रिर्पोटिंग और बजट के लिए वित्तीय वर्ष के रुप में मनाती है। तो वहीं कंपनियों और व्यक्तिगत लोगों के लिए वित्तीय वर्ष 1 अप्रैल से 31 मार्च तक माना जाता है।
ऐसे बहुत सारे देश हैं जहां पर फायनेंसियल ईयर बहुत ही अलग समय में फॉलो किया जाता है। उदाहरण के तौर पर कोस्टा रिका में वित्तीय वर्ष 1 अक्टूबर से शुरु होता है और अगले वर्ष 30 सितम्बर को समाप्त होता है। तो वहीं दूसरी तरफ इजिप्ट में 1 जुलाई से 30 तक फॉलो किया जाता है। ईरान में वित्तीय वर्ष 21 मार्च में शुरु होकर अगले वर्ष 20 मार्च को समाप्त होता है।
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