वित्त वर्ष 2016-17 समाप्त होने वाला है। अब समय आ गया है कि टैक्स के दायरे में आने वाले लोग अपनी छूट और कटौती को पेपर्स तैयार कर लें ताकि उन्हें टैक्स देनदारी में छूट मिल सके। जब आप प्रभावी टैक्स प्लानिंग रणनीति अपनाते हैं तो आपके पास बचत/निवेश अथवा दोनों के ही लिए अधिक धनराशि होती है। आयकर विभाग आपसे जटिल जानकारी नहीं मांगता है। लेकिन इस समय टैक्स को फाइल करना बेहतर है क्योंकि टैक्स की प्लानिंग करने से हम आपके लेन-देन को इस प्रकार से व्यवस्थित कर सकते हैं जिससे कि टैक्स स्थगित हो जाए अथवा आप इससे लगभग पूरी तरह से बच जाएं।
धारा 80 C के तहत कर राहत के लिए, आप अपने नियोक्ता के लिए निवेश का प्रमाण प्रस्तुत करें।
- बीमा प्रीमियम की रसीद
- पीपीएफ खाते में किए गए निवेश
- इक्विटी लिंक्ड सेविंग स्कीम में निवेश (ईएलएसएस)
- बच्चों की ट्यूशन फीस की रसीद
- राष्ट्रीय बचत प्रमाण पत्र की खरीद (एनएससी)
- लीज़ पर लेन-देन
- किराए की रसीद
- निर्धारिती तथा परिवार के स्वास्थ्य बीमा के लिए अदा किए गए प्रीमियम पर 25,000रुपए
- यदि बीमित व्यक्ति वरिष्ठ नागरिक है तो यह सीमाराशि 30,000रुपए होगी।
मकान किराया भत्ता और यात्रा की रसीद के तहत कटौती के लिए आपको नियोक्ता को निम्न दस्तावेज़ जमा कराने होंगे-
आपको बैंक तथा अपने पिछले नियोक्ता (एम्पलॉयर) से अपने सभी टीडीएस प्रमाण पत्र (स्रोत पर कर की कटौती) इकट्ठे करने चाहिए। इससे आपको बैंक में जमा राशि पर ब्याज आय पता लगाने और बकाया कर अदा करने में मदद मिलेगी।
होम लोन की पुनर्भुगतान करने पर आपको टैक्स में कटौती मिलती है। यदि आपने गृह ऋण लिया है, तो जिस बैंक से आपने ऋण लिया है, उससे पुनर्भुगतान प्रमाण पत्र प्राप्त करें। कटौती के लिए दावा करने के लिए आपको ब्याज के प्रमाण और मूल पुनर्भुगतान के साथ 'गृह संपत्ति' शीर्षक के तहत अपनी आय को निर्दिष्ट करते हुए अपने नियोक्ता को अभिकलन जमा करना होगा।
प्रतिबंधित हो चुके 1000 रुपए और 500 रुपए के नोट 31 मार्च तक भारतीय रिजर्व बैंक के चुनिंदा कार्यालयों पर बदले जा सकते हैं। यह समय-सीमा पुराने नोटों को बदलने के लिए है।
आप दान की गई राशि पर भी टैक्स में कटौती प्राप्त कर सकते हैं। आपको यह कटौती तभी मिलेगी यदि दान लेने वाला ट्रस्ट या संस्थ धारा 80G के तहत पंजीकृत हो। कटौती का दावा करने के लिए दान की रसीद प्राप्त करें।
आप अपनी स्वास्थ्य बीमा पॉलिसी के लिए दिए गए प्रीमियम के लिए टैक्स में कटौती का दावा कर सकते हैं। धारा 80D के तहत दी जाने कटौती में शामिल है-
31 मार्च से पहले आपको अपनी राष्ट्रीय पेशन योजना क्रियान्वित करनी होगी। एनपीएस टियर1 अकाउंट धारकों को प्रति वित वर्ष न्यूनतम योगदान 1000रुपए देना होगा। 31 मार्च से पहले 2016-17 के लिए योगदान न करें। ऐसा करने पर आपका अकाउंट फ्रीज़ हो सकता है।
यदि आपने वित्तीय वर्ष के दौरान कोई अचल संपत्ति, म्युचुअल फंडए शेयर आदि बेचे या हस्तांतरित किए हैं, तो आपको इस लेन-देन पर पूंजी लाभ अथवा हानि की गणना करनी होगी।
यदि आपने वित्तीय वर्ष में रोज़गार बदला है तो आपको अपने पिछले नियोक्ता से फार्म 16 लेना होगा।
शिक्षा ऋण के लिए दिया गया ब्याज टैक्स कटौती का पात्र है। यदि आप शिक्षा ऋण पर दिए गए ब्याज पर टैक्स कटौती का दावा कर रहे हैं तो आपको वित्तीय वर्ष में किए गए पुनर्भुगतान का प्रमाण पत्र प्राप्त करना होगा जिसमें ब्याज अलग से दर्शाया गया हो।
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