नोटबंदी के बाद से देश में डिजिटल पेमेंट तेजी से बढ़ रहा है। भारत सरकार भी लोगों को डिजिटल पेमेंट करने के लिए प्रोत्साहित कर रही है। इस सिलसिले में सरकार ने लोगों से यूपीआई के जरिए पैसों के लेन-देन करने की अपील की है। इस लेख में हम आपको बताएंगे कि यूपीआई क्या है, इसके जरिए लेन-देन कैसे करें और कौन-कौन से बैंक यूपीआई की सुविधा देते हैं।
यूपीआई यूनीफाईड पेमेंट इंटरफेस को कहते हैं जो पारंपरिक एनईएफटी या आईएमपीएस ट्रांसफर से अलग है। इसके माध्यम से किसी भी बैंक खाते से किसी अन्य बैंक खाते में मोबाइल फोन के माध्यम से तुरंत पैसे भेजे जा सकते हैं। यूपीआई को एनपीसीआई (भारतीय राष्ट्रीय भुगतान निगम) ने विकसित किया है जिसके एनईएफटी और आईएमपीएस प्रणाली पर फिलहाल बैंकों के बीच पैसों का लेन-देन किया जाता रहा है।
एनपीसीआई द्वारा विकसित यूपीआई एनईएफटी और आईएमपीएस से इस मामले में अलग है कि इन दोनों तरीकों से पैसा भेजने के लिए बैंक एकाउंट डिटेल के साथ आईएफसी कोड की जरूरत होती है। साथ ही रियल टाइम भुगतान भी नहीं होता। लेकिन यूपीआई से जैसे ही आप पैसे भेजेंगे, वैसे ही सामने वाले के बैंक खाते में पहुंच जाएगा।
यूपीआई से पैसे भेजने के लिए सबसे पहले आपको स्मार्टफोन में अपने बैंक का मोबाइल एप इंस्टाल करना होगा। जैसे एचडीएफसी का पेजैप, आईसीआईसीआई का पॉकेट एप आदि। इसके बाद आपको इस पर अपने मोबाइल नंबर को पंजीकृत करना होगा। साथ ही अपना आधार नंबर भी डालना होगा। इसके बाद आपके उस नंबर पर बैंक द्वारा यूनिक यूपीआई पहचान संख्या भेजी जाएगी। यही संख्या आपका बैंक पता होगा।
उदाहरण के लिए अगर आपका एकाउंट एसबीआई में है और आपका नंबर 987xxxxxxx है तो आपका पता 987xxxxxxx @ एसबीआई हो सकता है। यह पता बेहद आसान रखा जाएगा और इसमें आपके नंबर के साथ ही बैंक का नाम होगा। इसी प्रकार से जिसे आपको पैसे भेजना है उसका यूपीआई पहचान संख्या आपके पास होनी चाहिए।
यूपीआई से पैसे भेजने के लिए यूपीआई पहचान संख्या डालनी होगी, फिर जितनी रकम भेजनी है वह डालनी होगी। इसके बाद बैंक आपको एमपिन नंबर आपके फोन पर एसएमएस से भेजेगा। इस नंबर को डालने के बाद लेनदेन पूरा हो जाएगा। इस एप के माध्यम से एक दिन में 50 रुपए से लेकर एक लाख रुपए तक भेजे जा सकेंगे।
अब लगभग सभी बैंक यूपीआई की सुविधा दे रहे हैं। एसबीआई (SBI), ICICI और HDFC बैंक जैसे बड़े बैंक अपने एप के साथ यूपीआई की सुविधा दे रहे हैं। यूपीआई के जरिए आप पैसे ट्रांसफर भी कर सकते हैं और पैसे मंगा भी सकते हैं। इसके लिए आपको यूपीआई में जाकर कलेक्टिंग मनी या फिर रिक्वेस्ट कैश के विकल्प पर क्लिक करना होगा। आपको जिसके पास से पैसा मंगाना है उसका मोबाइल नंबर और राशि टाइप करना होगा।
मोबाइल खोने की स्थिति में, सबसे पहले अपने मोबाइल नंबर को ब्लाक करना होगा जिससे उस नंबर से कोई लेन-देन न कर सके जो डिवाइस ट्रैकिंग का भी हिस्सा है, इसके साथ ही एम पिन किसी प्रकार के लेन देन के लिए आवश्यक होगा जिसे किसी दूसरे के साथ साझा न करें।
इसका सबसे बड़ा फायदा इंटरनेट से खरीदारी में होगा, क्योंकि इसकी मदद से आप डिलिवरी करने वाले को बड़ी आसानी से भुगतान कर पाएंगे। केवल आपको उस ईकॉमर्स कंपनी का यूनिक पहचान संख्या डालना होगा। इसके माध्यम से फोन बिल, गैस बिल, फोन रिचार्ज जैसी सेवाओं का भुगतान भी किया जा सकेगा।
यूपीआई का इस्तेमाल करने के लिए अपने बैंक के एप को गूगल प्ले स्टोर में जाकर डाउनलोड करना होगा। फिलहाल आंध्रा बैंक, एक्सिस बैंक, बैंक ऑफ महाराष्ट्र, भारतीय महिला बैंक, केनरा बैंक, कैथोलिक सीरियन बैंक, डीसीबी बैंक, फेडरल बैंक, आईसीआईसीआई बैंक, टीजेएसबी सहकारी बैंक, ओरिएंटल बैंक ऑफ कॉमर्स, कर्नाटक बैंक, यूको बैंक, यूनियन बैंक ऑफ इंडिया, यूनाइटेड बैंक ऑफ इंडिया, पंजाब नेशनल बैंक, साउथ इंडियन बैंक, विजया बैंक और यस बैंक के एंड्रायड एप के साथ यूपीआई की सुविधा उपलब्ध है।
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