नोटबंदी के बाद से देश में भ्रष्टाचार के जरिए काली कमाई का पैसा रखने वालों की नींद उड़ी हुई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के एलान के बाद से काला धन रखने वाले लोग परेशान हैं। वह गूगल पर अपनी काली कमाई को सफेद करने का जरिए खोज रहे हैं। तमाम ऐसे लोग हैं जो गूगल पर ''काले धन को सफेद कैसे करें'' सर्च कर रहे हैं।
आपको बता दें कि गूगल पर काला धन सफेद करने के लोग हिंदी और अंग्रेजी दोनो ही भाषाओं में काले धन को सफेद करने के तरीके सीख रहे हैं। अब तक देश में करीब 86 फीसदी मुद्रा 500 और 1000 रुपए नोट की थी अब पीएम मोदी की घोषणा के बाद ये धन एकाएक खत्म हो गया है। बताया जा रहा है कि इस फैसले से सबसे ज्यादा नुकसान अघोषित स्रोतों से कमाई करने वालों को हुआ है।
दिलचस्प बात ये है कि काला धन सफेद कैसे करें इस कीवर्ड को सबसे ज्यादा गुजरात में सर्च किया गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गुजरात से आते हैं और उनके शासनकाल में गुजरात निवेश के मामले में देश के तमाम राज्यों से आगे निकल गया था। अब उसी राज्य के सबसे ज्यादा लोग काले धन को सफेद करने का तरीक सीख रहे हैं।
ऐसा नहीं है कि लोगों ने सिर्फ काले धन को सफेद करने का तरीका ही खोजा हो। लोगों ने नई मुद्रा को लेकर भी खूब सर्च किया है। 2000 रुपए के नए नोट के फीचर्स को जानने के लिए लोगों ने गूगल पर सर्च किया है वहीं 500 रुपए के नोट के फीचर्स को देखने के लिए भी लोगों ने गूगल का सहारा लिया है।
काले धन को सफेद करने के कई तरीके गूगल पर बताए गए हैं, इनमें अपनी संपत्ति के दाम को अधिक दाम में बेचना, हवाला के जरिए पैसे को विदेशी मुद्रा में तब्दील करना आदि है। लेकिन हम आपको बता दें कि अगर आपने कोई भी ऐसा तरीका अपनाया जिससे कालेधन को सफेद किया जा सकता है तो सरकार और आयकर विभाग को तत्काल इसकी जानकारी मिल जाएगी।
कई लोग जनधन खातों का सहारा लेकर अपने काले धन को सफेद करने की कोशिश कर रहे हैं लेकिन उनकी इस चालाकी को भी सरकार ने पकड़ लिया है। देश में 8 नवंबर के बाद से जनधन खातों में सबसे ज्यादा पैसा पश्चिम बंगाल में जमा हुआ है, वहीं कर्नाटक इस मामले में दूसरे नंबर पर है।
जिन लोगों के पास काला धन है वह जनधन खाता धारकों से संपर्क कर रहे हैं और उनके खाते में अपना पैसा जमा कर रहे हैं। जनधन खाते की सीमा 1 लाख रुपए है यह सीमा तब की है जब खाता धारक ने केवाईसी फॉर्म भर दिया हो। बिना केवाईसी फॉर्म के सिर्फ 50 हजार रुपए तक ही खाता धारक जनधन खाते में जमा कर सकता है।
तमाम लोगों ने अपनी काली कमाई को छुपाने के लिए सोना और हीरा खरीदना शुरु कर दिया है। वहीं सरकार ने ज्वैलर्स को और खरीददारों को आगाह किया है कि वह ऐसा ना करें। क्योंकि सरकार ज्वैलर्स से उन सभी ग्राहकों की लिस्ट का पूरा ब्यौरा मांगेगी जिन्होंने 8 नवंबर के बाद बल्क में सोना खरीदा था। साथ ही ज्वैलर्स से भी सोने को लेकर पूरा ब्यौरा लेगी। इसलिए जो लोग सोने के जरिए कालेधन को सफेद करने की कोशिश कर रहे हैं वह सावधान हो जाएं उन्हें वाकई अब कोई मौका नहीं मिलेगा जिससे वह अपना कालाधन सफेद कर सकें।
वहीं कुछ व्यापारी ऐसे भी हैं जिन्होंने चालाकी और प्रपंच को दरकिनार करते हुए सीधे अपनी अघोषित संपत्ति सरेंडर कर दी। गुजरात के हीरा व्यापारी लाल जी भाइ पटेल ने 6000 करोड़ रुपए की अघोषित संपत्ति को सरेंडर कर दिया जिसके बाद उन्होंने 4500 करोड़ रुपए का टैक्स चुकाया।
More Articles
- भारी बारिश का अलर्ट: बाढ़ में डूबी कार को स्टार्ट न करें, क्लेम पाने का सही तरीका जानें
- Manipal Health IPO: ₹9,275 करोड़ का बड़ा दांव, क्या आपको अप्लाई करना चाहिए?
- US Fed का फैसला आज रात: क्या भारतीय बाजार में आएगी बड़ी हलचल? जानें ट्रेडर्स के लिए खास रणनीति
- GST QRMP स्कीम: PMT-06 पेमेंट में 35% चालान चुनें या सेल्फ-असेसमेंट? ब्याज से बचने का पूरा गणित
- ITR फाइलिंग की डेडलाइन: 31 जुलाई से पहले निपटा लें ये जरूरी काम, वरना होगा नुकसान
- चेन्नई रेल अपडेट: आज रात कई ट्रेनें रद्द, सफर से पहले चेक करें अपना रूट और टाइमिंग