आज के दौर में युवा नौकरी करने की बजाय नया स्टार्टअप शुरु करने के बारे में सोचते हैं। भारत के सभी बड़े शहरों में युवा नौकरी को लेकर कम और स्टार्टअप को लेकर ज्यादा उत्साहित रहते हैं। कुछ नौकरीपेशा युवा ऐसे भी हैं जो अपनी नौकरी के दौरान ही स्टार्टअप शुरू करते हैं और कम समय देकर हर महीने अच्छी कमाई करते हैं।
युवाओं की इसी ललक को केंद्र की मोदी सरकार ने भी समझा और स्टार्टअप इंडिया और स्टैंडअप इंडिया नाम से योजना शुरू की है। इसके तहत आपके स्टार्टअप के लिए सरकार वित्तीय मदद करेगी साथ ही आपको टैक्स में छूट का फायदा भी मिलेगा। कई बिजनेस ऐसे हैं जिसपर सरकार बेहद कम दरों पर लोन मुहैया कराती है। हालांकि इसके लिए आपके पास बिजनेस को लेकर यूनीक आइडिया होना चाहिए ताकि सरकार आपकी मांग पूरी कर सके। यूनीक बिजनेस आइडिया के लिए सरकार 55 फीसदी तक सरकारी मदद मुहैया कराती है।
देश में सबसे ज्यादा रोजगार टैक्सटाइल सेक्ट में है। लाखों लोग इस सेक्टर में काम करके अपनी जीविका चला रहे हैं। केंद्र की मोदी सरकार ने इस साल जनवरी में कपड़ा सेक्टर के लिए उच्चस्तरीय तकनीक विकसित करने के लिए फंड की सीमा 30 करोड़ से बढ़ाकर 50 करोड़ रुपए कर दी है। अगर आप टेक्सटाइल उद्योग में हैं और आप नई और सस्ती तकनीन के जरिए उत्पादन कर रहे हैं तो आपको सरकार ये फंड देगी साथ ही 10 फीसदी की अतिरिक्त सब्सिडी भी दी जाएगी। इसके लिए आपको सरकार की कुछ पात्रता शर्तों को पूरा करना होगा।
देश को सोलर पॉवर बनाने के लिए 2010 में जवाहर लाल नेहरू सोलर मिशन बनाया गया था। इस योजना में सरकार लोन के साथ-साथ सब्सिडी भी मुहैया कराती है। सोलर लाइट सिस्टम इंस्टाल करने और छोटे कैपेसिटी के पीवी सिस्टम के लिए सरकार अप्रूव्ड यूनिट कास्ट का 40 फीसदी तक फंड देती है। इसके लिए सरकार 90 फीसदी तक कैपिटल सब्सिडी देती है। इसके लिए आपकी यूनिट अंडमान निकोबार या नॉर्थ ईस्ट बॉर्डर एरिया के पास होनी चाहिए। इस विषय में आप ज्यादा जानकारी भारत सरकार के ऊर्जा मंत्रालय की साइट पर जाकर ले सकते हैं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अप्रैल 2015 में इस योजना की घोषणा की थी। इस स्कीम में SC, ST और महिला एंटरप्रेन्योर को लोन मुहैया कराया जाता है। स्टैंडअप इंडिया योजना सरकार की स्टार्टअप इंडिया प्लान का हिस्सा है। इस योजना में बैंक का बिजनेस शुरु करने वाले लोगों के लिए 10 लाख रुपए से लेकर 1 करोड़ रुपए तक का ऋण दिया जाता है जो प्रोजेक्ट को 75 फीसदी तक पूरा करने के लिए काफी होता है। इस प्रोजेक्ट में कम से कम 10 फीसदी लागत आपको खुद लगानी होती है। इस स्कीम में आपको 3 फीसदी की दर से बैंक लोन मिलता है।
देश में स्टार्टअप को बढ़ावा देने के लिए मोदी सरकार ने 2015-16 के बजट में स्टार्टअप इंडिया योजना की घोषणा की थी। इसके तहत केंद्र की मोदी सरकार ने 10 हजार करोड़ रुपए के बजट का प्रावधान रखा था। इस योजना में राज्य भी अपने तरफ से स्टार्टअप शुरु करने वाले व्यक्ति की वित्तीय मदद कर सकता है। इस मामले में उत्तरप्रदेश की अखिलेश यादव सरकार ने स्टार्टअप इंडिया के लिए 100 करोड़ रुपए का फंड तैयार किया है। स्टार्टअप इंडिया में सरकारी मदद पाने के लिए आपके पास यूनीक आइडिया होना चाहिए। इसके बाद आप स्टार्टअप इंडिया के पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन कर सकते हैं।
देश में हर साल करोड़ो का अनाज बारिश या फिर सही रखरखाव न मिलने से खराब हो जाता है। एक आंकड़े के मुताबिक देश में हर साल 40 फीसदी अनाज खराब हो जाता है। अब सरकार अनाज को खराब होने से बचाने के लिए कोल्डस्टोरेज चेन को बढ़ावा दे रही है। सरकार कोल्ड स्टोरेज का बिजनेस शुरु करने वाले लोगों को 55 फीसदी तक की सब्सिडी देती है। मैदानी इलाकों में ये सब्सिडी 40 फीसदी और पहड़ी इलाकों में ये सब्सिडी 55 फीसदी तक है। इस योजना में सरकार 32 हजार प्रति टन के हिसाब से ऋण प्रदान करती है।
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