प्रधानमंत्री आवास योजना देश के उन तमाम नागरिकों के लिए है जो आर्थिक रूप से कमजोर हैं। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत 2022 तक देश भर में सभी नागरिकों के लिए घर का लक्ष्य रखा गया है। साथ ही जो लो कच्चे मकान या झोपड़ी में रहते हैं उनके लिए पक्के मकान की व्यवस्था के लिए वित्तीय सहायता दी जाएगी।
इस पूरी परियोजना में 81975 रुपए खर्च होंगे, साथ ही इस बात का भी लक्ष्य रखा गया है कि 2016 से 2019 के बीच एक करोड़ घरों को पक्का बनाने में आर्थिक मदद की जाएगी। आपको बता दें कि देश के दो हिस्सों दिल्ली और चंडीगढ़ को छोड़कर बाकी पूरे देश में ये योजना चलाई जाएगी। इस योजना के अंतर्गत मकानों की कीमत केंद्र और राज्यों के बीच बांटी जाएगी।
मई 2014 को संसद के संयुक्त सत्र में राष्ट्रपति के अभिभाषण में सरकार ने घोषणा की कि "जब तक देश स्वतंत्रता के 75 वर्ष (2022 में) पूरे करेगा, हर परिवार के पास पानी के कनेक्शन, शौचालय की सुविधा, चौबीस घंटे एवं सातों दिन विद्युत की आपूर्ति समेत एक पक्का मकान होगा।" इसके बाद केंद्रीय वित्त मंत्री ने 2015-16 के वार्षिक बजट को पेश करते वक़्त सरकार की '2022 तक सबके लिए मकान के इरादे' की घोषणा की।
Read in English:Pradhan Mantri Awas Yojana: Great Scheme To Own A Home
किसे मिल सकता है आवास योजना का लाभ
1- अगर आप आर्थिक रूप से कमजोर हैं और आप कम आय वर्ग में आते हैं तो आप इस योजना का लाभ उठा सकते हैं। कम आय वर्ग में आपकी सालाना आय तीन लाख रुपए से कम होनी चाहिए।
2- जो लोग झुग्गियों में रहते हैं उनके लिए भी ये योजना कारगर है। इस योजना में आप अपनी भागीदारी देकर अपने लिए एक पक्के मकान की व्यवस्था कर सकते हैं।
3- अगर कोई व्यक्ति अपने कच्चे मकान को पक्का बनाने में आर्थिक रूप से कमजोर हैं तो इसके लिए भी सरकार उसकी मदद करेगी। बस इसके लिए व्यक्ति खुद को आर्थिक रुप से कमजोर वर्ग में दर्शाना होगा।
4- यदि किसी के पास केवल प्लॉट है और मकान बनाने की स्थिति नहीं तो उसे बैंक से कम ब्याज पर लोन दिलवाया जाएगा। उसमें से डेढ़ लाख रुपए सरकार वहन करेगी।
प्रधानमंत्री आवास योजना से लाभ
1- आर्थिक रुप से कमजोर तबके के लोगों को कम ब्याज दर पर और सब्सिडी के साथ होम लोन दिया जाएगा। सब्सिडी के बाद होम लोन की दर 6.5 प्रतिशत होगी जिसे 15 वर्षों में चुकाना होगा। प्रधामंत्री आवास योजना के अंतर्गत लाभार्थी बाजार रेट पर होम लोन सकते हैं फिर बाद में ब्याज पर मिलने वाली सब्सिडी लाभार्थी के खाते में दे दी जाएगी। ऋण आधारित सब्सिडी केवल 6 लाख रू. तक की ऋण राशि के लिए उपलब्ध होगी और 6 लाख रुपए से अधिक का ऋण गैर सब्सिडीकृत दर पर होगा। ब्याज सब्सिडी ऋणदाता संस्थाओं के माध्यम से लाभार्थियों के ऋण खाते में पहले से जमा कर दी जाएगी, इससे प्रभावी आवास ऋण और समान मासिक किस्त (ईएमआई) में कमी आएगी।
2- इस योजना के तहत सरकार ऐसे लोगों की मकान बनाने में वित्तीय मदद करेगी जो आर्थिक रुप से कमजोर (सालाना पारिवारिक आय 3 लाख रुपए से कम हो) हैं। ऐसे आय वर्ग के लोगों की सरकार प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत 1.5 लाख रुपए तक की आर्थिक सहायता देगी। जो भी व्यक्ति इस योजना का लाभ उठाना चाहते हैं उन्हें आय संबंधी प्रमाण पत्र संबंधित विभाग में जमा कराना होगा। अगर राज्य सरकार भी इस योजना में मदद करती है तो घर कम खर्चे में बनकर तैयार हो सकता है।
3- इस योजना के अंतर्गत केंद्र और राज्य की आपसी साझेदारी हो सकती है जिसके जरिए लाभार्थी के खर्चों में काफी कमी होगी। इस योजना में आर्थिक रुप से कमजोर आय वर्ग के लोगों के लिए केंद्र सरकार 1.5 लाख रुपए तक की वित्तीय सहायता करती है साथ ही राज्य के साथ साझेदारी करने पर मकान की लागत 'नो प्रॉफिट नो लॉस' पर आधारित हो जाती है। इससे आगे आने वाले खर्चों में कटौती की जा सकती है।
4- झुग्गी-झोपड़ी के इलाके में रहने वाले लोगों के लिए प्रधानमंत्री आवास योजना वाकई कारगर है। इसमें केंद्र सरकार, राज्य या फिर निजी क्षेत्र की जमीन पर ऐसे लोगों के पुनर्स्थापन के लिए मकान बनाएगी साथ ही जो लोग पुनर्स्थापित किए जाएंगे उन्हें एक लाख रुपए तक की आर्थिक सहायता दी जाएगी।
इस योजना के दो पहलू हैं, योजना का पहला पहलू ये है कि झुग्गी-झोपड़ी में रहने वाले लोगों के लिए मकान की व्यवस्था के साथ नागरिक सुविधाएं भी दी जाएंगी। वहीं दूसरी ओर इस परियोजना को प्राइवेट सेक्टर को बेचने में मदद मिलेगी। इससे परियोजना के लिए एक क्रास सब्सिडी की शुरुआत होगी। इस प्रक्रिया के लिए निजी क्षेत्र के बिल्डरों का चयन बोली के जरिए किया जाएगा।
निष्कर्ष
प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत तमाम लोगों को लाभ मिलेगा। खासकर ऐसे वर्ग के लोगों को जिनकी आय बहुत कम है, या सालाना तीन लाख रुपए से कम है वह इस योजना का लाभार्थी होंगे। देश में ऐसे करोड़ों लोग हैं जिनके पास रहने के लिए घर नहीं है और वह बहुत कम आय वर्ग के हैं ऐसे में तीन लाख तक की आय के लोगों के लिए ये योजना बेहद कारगर है। वहीं क्रॉस सब्सिडी से इस योजना को और बल मिलेगा। जब इस में 3 लाख आय वर्ग से लेकर 6 लाख आय वर्ग तक के लोगों को शामिल कर लिया जाए। ऐसे में 6 लाख तक की आय के तमाम लोग जिनके पास अपना घर नहीं है उनका सपना साकार हो सकता है।
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