वर्तमान समय में पब्लिक प्रोविडेंट फंड यानि पीपीएफ पर 8.1 प्रतिशत की ब्‍याज दर ऑफर की जा रही है, जिसका फैसला तिमाही आधार पर किया जाएगा। कोई भी व्‍यक्ति, पीपीएफ खाते के खुलने के कुछ वर्ष पश्‍चात्, उस खाते से ऋण ले सकता है।

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अगर आप भी इसका लाभ उठाना चाहते हैं तो कुछ विशेष बातों को ध्‍यान में रखें:

समय - अगर आपके पीपीएफ खाते को खुले हुए कुल 3 वर्ष हो चुका है तो आप अपने खाते से ऋण को 6 वर्ष तक प्राप्‍त कर सकते हैं। पीपीएफ खाते में 3-6 वर्ष की अवधि में ऋण देने की सुविधा है।

अधिकतम राशि - ऋण की राशि, पहले वित्‍तीय वर्ष के अंत में खाताधारक के खाते में बैलेंस के अधिकतम 25 प्रतिशत हेतू प्रतिबं‍धित है, जहां धारक तीसरे वर्ष में ऋण लेने के लिए योग्‍य होता है। जिसका अर्थ है कि चौथे वर्ष में, दूसरे वर्ष का बैलेंस, खाते में रखा जाना होगा।

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अर्हता- पीपीएफ खाते में सात वर्ष की अवधि बीम जाने पर कोई ऋण नहीं दिया जा सकता है।

ऋण भुगतान - ध्‍यान दें कि 36 महीनों के भीतर ऋण का भुगतान किया जाना अनिवार्य है। एक बार ऋण चुकता करने के बाद ही दुबारा ऋण मिलेगा। मूलधन का पुनर्भुगतान, एकमुश्‍त या मासिक किश्‍तों में किया जा सकता है।

ऋण पर ब्‍याज दर - ऋण पर ब्‍याज दर, पीपीएफ ब्‍याज दर से 2 प्रतिशत अधिक होगा। अगर ऋण को सही समय पर चुकता नहीं किया जाता है तो धारक द्वारा जमा राशि पर 6 प्रतिशत का अतिरिक्‍त ब्‍याज लगेगा।

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मूलधन और ब्‍याज का भुगतान - मूलधन का भुगतान, 36 महीनों के भीतर किश्‍तों में या लगभग पूरी राशि देकर किया जा सकता है। जबकि, ब्‍याज को एक बार मूलधन का भुगतान हो जाने के बाद, दो महीने की किश्‍तों में पुर्नभुगतान किया जा सकता है।

दूसरा ऋण - पीपीएफ खाते पर लिया जाने वाला ऋण, एक बार पूरी तरह से चुकता होने के बाद ही धारक को दुबारा ऋण दिया जा सकता है।

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निष्क्रिय खाता - निष्क्रिय खाताधारकों को पीपीएफ राशि पर उपलब्‍ध ऋण देने की सुविध नहीं है। अगर धारक को ऋण लेना है तो उसे अपने खाते को सक्रिय बनाना होगा और इसके लिए उसे पेनॉल्‍टी के साथ आवश्‍यक व अनिवार्य राशि को जमा करना होगा।