पिछले भाग में हमने पढ़ा नया बिजनेस शुरू करते वक्त कौन-कौन सी कानूनी मुद्दों को ध्यान में रखना चाहिये। अब हम बात करने जा रहे हैं मशीनों और औजारों की। यह आपके लिये तब ज्यादा महत्वपूर्ण है जब आप कोई फैक्ट्री लगा रहे हैं।
अगर आपका बजट कम है, तो आप सेकेंड मशीनें खरीद कर बिजनेस की शुरुआत कर सकते हैं। आगे चलकर बिजनेस बढ़ने पर नई मशीने लगा सकते हैं।
नई मशीनों के लिये भारत में छोटे व्यवसाय 30 माइक्रो से आवश्यक उपकरण और मशीनरी खरीद सकते हैं। लघु और मध्यम उद्यम विकास संस्थान (MSME-DIs) और 28 ब्रांच MSME-DIs राज्यों की राजधानियों में स्थापित किए गए हैं और देश भर में शररों को औद्योगिक रूप से अग्रणी बना रहे हैं।
राष्ट्रीय लघु उद्योग निगम लिमिटेड का प्राथमिक उद्देश्य मध्यम ब्याज दरों में और पुनर्भुगतान की लंबी अवधि में छोटे औद्योगिक संगठनों के लिए उपकरणों और मशीनों को उपलब्ध बनाना है।
भारत सरकार करती है मदद
भारत में, धन की कमी के कारण आधुनिक उपकरणों और मशीनों की खरीद करने में असमर्थ छोटी कंपनियों को देखा जा सकता है। भारत सरकार ऐसी कंपनियों की सहायता के लिए कई योजना को लेकर प्रस्तुत हुई है।
अब छोटी कंपनियां उच्च क्रय समझौते के माध्यम से औद्योगिक मशीनरी, वाहन, और कार्यालय उपकरणों के की खरीद के में सक्षम है, जिसका अर्थ है कि उन्हें एक साथ पूरा भुगतान नहीं करना होगा, इसकी आदायगी किस्तों में की जा सकती है।
अगर मशीनें खरीदने में दिक्कतें आयें तो आप जिला लघु उद्योग कार्यालय से या फिर उद्यमिता विकास संस्थान से संपर्क कर सकते हैं।
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