आप भारतीय हों या विदेशी, अगर आप टैक्‍स भरते हैं या भारत में वित्‍तीय लेन-देन करते हैं तो आपको पैन कार्ड की आवश्‍यकता पड़ती ही है। कार्ड है तो पैन नंबर भी होगा, लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि पैन नंबर की संरचना कैसे की जाती है। कैसे किसी व्यक्त‍ि का पैन नंबर बनता है। यहां पर यही हम आपको बताने जा रहे हैं।

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पैन क्‍या है?

पैन यानि परमानेंट एकाउंट नम्‍बर, दस डिजिट वाली अक्षरांकीय संख्‍या होती है जो भारत के आयकर विभाग के द्वारा एक लैमिनेटेड कार्ड के रूप में जारी किया जाता है। संख्‍याओं का प्रत्‍येक सेट, व्‍यक्तियों, एचयूएफ, कम्‍पनी आदि के लिए अलग-अलग होता है (एक क्षण के लिए सभी लोगों के कार्ड की अक्षरांकीय संख्‍या एक सी प्रतीत होती है लेकिन ऐसा होता नहीं है।)। पैन एक स्‍थायी संख्‍या होती है, जिस पर आपके पते के बदलने का प्रभाव नहीं पड़ता है, यहां तक कि राज्‍य बदलने पर भी पैन संख्‍या पर फर्क नहीं पड़ता है और इसे बदलवाने की आवश्‍यकता नहीं पड़ती है। एक से अधिक पैन कार्ड बनवाना गैर-कानूनी है।

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पैन का प्रमुख उद्देश्‍य, आपको भारत में एक यूनिवर्सल पहचान देना है; साथ ही साथ पैन कार्ड के जरिए प्रत्‍येक करदाता की वित्‍त सम्‍बंधी विभिन्‍न गतिविधियों, ऋण, निवेश, खरीद-फरोख्‍़त आदि पर निगरानी रखी जाती है और विभिन्‍न दस्‍तावेजों को लिंक भी किया जाता है। इसके जरिए कर चोरी पर भी लगाम लगाई जाती है।

भारत में बनने वाले पैन कार्ड की तरह ही अमेरिका में अमेरिकी नागरिकों और अन्‍य कानूनी निवासियों को सोशल सिक्‍योरिटी नम्‍बर जारी किया जाता है।

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पैन की सरंचना

पैन नम्‍बर की नई श्रेणी की सरंचना, फोनेटिक साउंडेक्‍स कोड एल्‍गोरिथम का इस्‍तेमाल करते हुए उस पर आधारित है जो सुनिश्चित करता है कि हर संख्‍या बिल्‍कुल भिन्‍न हों। निम्‍नलिखित सूची, ''सतत स्‍थायी पैरामीटर'' है जो कि फोनेटिक पैन (पीपीएएन) नम्‍बर के बनने में सहायक होती है:

1. करदाता का पूरा नाम
2. जन्‍मतिथि / निगमीकरण की तिथि
3. स्थिति
4. व्‍यक्तियों के मामले में लिंग; और
5. व्‍यक्ति के मामले में पिता का नाम (विवाहित महिलाओं के मामले सहित)

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पैन कार्ड को जारी करने की तिथि (डीओआई) को आप अपने पैन कार्ड पर दायें हाथ पर फोटो के नीचे देख सकते हैं।

10 डिजिट वाले अक्षरांकीय का क्रम होता है। आइए जानते हैं क्‍या होता है इन दस डिजिट का अर्थ:

1. पहली पांच डिजिट को कोर फील्‍ड कहा जाता है और ये अक्षर होते हैं न कि संख्‍या।
2. कोर फील्‍ड के पहले तीन शब्‍द, अक्षरों के रूप में होते हैं जैसे - AAA से ZZZ।
3. पैन का चौथा अक्षर निम्‍नलिखित में से किसी एक पर आधारित होता है जो प्रकार बतलाता है-
C - कम्‍पनी
P - व्‍यक्ति
H - एचयूएफ (हिंदू अविभाजित परिवार)
F - फर्म
A - व्‍यक्ति से सम्‍बंधित (एओपी)
T - एओपी (ट्रस्‍ट)
B - बॉडी ऑफ इंडीविजुअल (बीओआई)
L - स्‍थानीय प्राधिकरण
J - अवास्‍तविक कानूनी व्‍यक्ति
G - सरकार

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(उदाहरण के लिए - कम्‍पनी = AAACA; अवास्‍तविक कानूनी व्‍यक्ति = AAAJA; एचयूएफ = AAAHA; आदि)

4. पैन का पाचंवा अक्षर निम्‍नलिखित में से पहला अक्षर होता है:
क) आपके उपनाम का पहला अक्षर "P" होने के मामले में, या
ख) अन्‍य सभी के लिए आप, संस्‍था, ट्रस्‍ट, सोसायटी, संगठन, एचयूएफ आदि के नाम के पहले अक्षर का इस्‍तेमाल कर सकते हैं।

(उदाहरण के लिए - ankit tiwari (व्‍यक्तिगत) = AAAPT4444A; shivani kundan (एचयूएफ)= AAAHS444A; सामान्‍य फर्म = AAAFG444A आदि)

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5. अगली चार डिजिट, क्रमबद्ध संख्‍याओं 0001 से 9999 के बीच होती है।
6. अंतिम डिजिट, एक अक्षर वाली चेक डिजिट होती है।