हर साल जब आप इंकम टैक्स डिक्लेयरेशन भरते हैं तो उसी हिसाब से आयकर आपकी सैलरी से कट जाता है। कई बार आप डिक्लेयरेशन से ज्यादा निवेश कर देते हैं, जिसके बाद आयकर से आपका अतिरिक्त जमा कर वापस आ जाता है। इस रिफंड यानी वापस मिलने वाले धन की ऑनलाइन जांच कैसे करनी है, यह हम आपको यहां पर बताने जा रहे हैं।

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सबसे पहले आपको मालूम होना चाहिये कि इसकी जांच ऑनलाइन यानी इंटरनेट के माध्यम से कर सकते हैं, क्योंकि कई लोगों को यह नहीं पता है ऑनलाइन जाँच की जा सकता है और वे इंतज़ार करते हैं और उनकी स्थिति के बारे में चिंता करते हैं।

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स्थिति की जाँच कैसे करें?

आयकर विभाग की साइट पर जाएँ
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आपकी स्थिति कैसे जानें

स्थिति की जानने के लिए भारतीय स्टेट बैंक की हेल्प डेस्क नंबर 18004259760 कॉल करें या ईमेल करें itro@sbi.co.in या refunds@incometaxindia.gov.in पर ।

हालांकि, एक बात का ध्यान रखें वापसी की स्थिति की जाँच की जा सकती है जब के वापसी सही समय पर की गयी हो, ऑनलाइन विधि द्वारा बेहतर है।

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आपको क्या परेशानी हो सकती है?

अपनी स्थिति की जाँच करते समय आप विभिन्न प्रकार की स्थिति दिखा सकता है। नीचे कुछ आम स्थिति संदेश हैं:

पते में परिवर्तन: कई चेक वापस लौट आते हैं क्योंकि कई बार लोगों का पता बदलने के बावजूद आयकर विभाग को सूचित नहीं करते हैं। इसलिये सबसे पहले आप यह सुनिश्च‍ित कर लें कि आयकर विभाग को दिया गया पता वही है, जहां आप रह रहे हैं।

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Cheque encashed: यदि निर्धारिती द्वारा चेक भुनाया गया है तो वह स्थिति में दिखेगा।

महत्वपूर्ण बातें :

'रिफंड बैंकर स्कीम' में आकलन अधिकारियों CPC / बेंगलुरु द्वारा आयकर रिटर्न की प्रोसेसिंग पर उत्पन्न रिफंड प्रसंस्करण के अगले दिन करदाताओं को आगे वितरण के लिए स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, सीएमपी शाखा, मुंबई (रिफंड बैंकर) संचरित कर रहे हैं |

रिफंड निम्न दो मोड में भेजा जाता है:

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आरटीजीएस / NECS: करदाता के बैंक खाते में सीधे रिफंड पैसा जमा हो जाता है। जिसके लिये आपको अपना बैंक अकाउंट नंबर देना होता है। साथ में एमआईसीआर कोड भी अनिवार्य है।

चैक द्वारा: अगर आपने बैंक खाता अपने पैन नंबर से लिंक नहीं करवाया है, तो आपके पास रिफंड चेक के जरिये आयेगा। चेक आपके पते पर भेजा जायेगा।