व्यापार घाटा क्या होता है। आइए आपको बता ते हैं। दरअसल, किसी भी देश का निर्यात और आयात उस देश की अर्थव्यवस्था के विकास से जुड़ा होता है। अगर आयात में बढ़ोतरी हो जाए तो निर्यात कम होता है। यानी देश को बाहर से विेदेशी सामान खरीदने के लिए ज्यादा रुपया खर्च करना पड़ता है।
इसलिए हर देस की यह कोशिश होती है कि उस देश का निर्यात उसके अायात के बराबर हो या उससे ज्यादा ही हो। बाहर के देशों से कम से कम सामान खीरदना पड़े। नागरिकों को अगर ज्यादातर वस्तुएं देश में ही स्थित कम्पनियों के माध्यम से मिल जाएंगी तो वह विदेशी वस्तुओं को खरीदना कम कर देंगे। इससे आयात नहीं करना पड़ेगा।
गौरतलब है कि निर्यात और आयात में अंतर व्यापार घाटा है। भारत सबसे ज्यादा कच्चे तेल का आयात करता है। साल 2002-13 में कच्चे तेल का कुल आयात 169 अरब डालर रहा। उसके बाद स्थान है सोने का जो इसी साल 54 अरब डालर का आयात किया गया।
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