क्या आप आयकर नहीं देते। तो सावधान हो जाएं। नहीं देने पर जुर्माना और दंडित करने के अलावा कानूनी कार्रवाई भी की जाती है। दरअसल, आयकर कानून 1961 के सेक्शन 139 के अनुसार हर उस व्यक्ति के लिए आयक रिटर्न करना जरूरी होता है जिसकी आय इनकम टैक्स से छूट की मौजूदा सीमा से अधिक है।
आयकर नहीं भरा तो क्या हो सकता है?
जो व्यक्ति आयक नहीं भर रहे हैं उनके लिए कड़ी कार्रवाई के प्रावधान हैं। जिस वर्ष में आयकर नहीं दिया गया है उस आकलन वर्ष के दौरान उस पर पांच हजार रुपए का आर्थिक दंड लगा दिया जाएगा। इसके अलावा आयकर रिटर्न दाखिल न करना या कह सकते हैं कि आयकर देने में देरी होने पर सेक्सन 23A, 23B, 234C के तहत ब्याज भी लिया जाता है। अगर आप पर बकाया टैक्स तीन हजार रुपए से ज्यादा है तो आप पर कानूनी कार्रवाई के लिए केस किया जा सकता है।
आयकर भरते हैं तो क्या हैं फायदे?
क्या आपको पता है कि अगर आप आयकर भरते हैं तो आपको कितने फायदे होते हैं। दरअसल, आयकर नियमित भरने पर आयकर विभाग के साथ आपने वित्तीय रिकॉर्ड बनाने में आप सफल हो जाते हैं। इससे आयकर विभाग को आप पर संदेह भी नहीं रहता। क्योंकि वित्तीय रिकॉर्ड पर आयकर विभाग हमेशा नजर रखता है।
इसके अलावा इस रिकॉर्ड की रिसिप्ट से आप अपना बेहतरी रिकॉर्ड तैयार कर सकते हैं। ऐसे रिकॉर्ड और दस्तावेज अकसर लोन, होम लोन, वाहन लोन और बैंक से अन्य वित्तीय जरूरतों को पूरा करने के लिए किए आवेदन के साथ इस रिकॉर्ड को अकसर मांगा जाता है। अगर आपके पास ऐसे दस्तावेज होंगे तो आपको आसानी से बैंकिंग सुविधाएं मिल जाएंगी।
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