यह है गुड्स एंड सर्विस टैक्स
गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स (जीएसटी) अप्रत्यक्ष कर है। जीके एफर्टलेस वेबसाइट के अनुसार की माने तो सेल्स टैक्स, सर्विस टैक्स, एक्साइज ड्यूटी को हटाकर जीएसटी बनाया जाएगा। जीएसटी लागू होने के बाद सारे टैक्स हटा दिए जाएंगे।
जीएसटी टैक्स व्यवस्था किस तरह काम करेगी
आपको बता दें कि वर्ष 2006-07 के आम बजट में वित्त मंत्री प्रणव मुखर्जी ने कहा था कि सरकार 1 अप्रैल 2010 से जीएसटी लागू करेगी। लेकिन ऐसा नहीं हो सका। राज्यों के वित्त मंत्रियों के उच्चाधिकार प्राप्त समिति को जीएसटी का मॉडल और उसे लागू करने की जिम्मेदारी दी गई है।
जीएसटी से क्या हो सकता है लाभ
जीएसटी के तहत यह अनुमान लगाया जा रहा है कि पूरे देश में 12-16 फीसदी का टैक्स रेट होगा। इससे टैक्स चोरी कम होगी और टैक्स कलेक्शन बढ़ेगा। ऐसा भी माना जा रहा है कि जीएसटी आने के बाद टैक्स का ढांचा पारदर्शी होगा।
जीएसटी पर क्या है विवाद
जीएसटी को लेकर राज्य सरकारें एकमत नहीं हैं। इसमें कई तरह के मतभेद हैं। कई लोगों का मानना है कि यदि यह टैक्स लगाया जाता है तो इसका स्लैब क्या होगा। टैक्स पर निर्णय कौन लेगा। सभी राज्यों का एक टैक्स रेट होगा तो लोगों पर ज्यादा बोझ पड़ेगा। क्योंकि जीएसटी लागू होने पर सारे अधिकार केंद्र के पास होंगे।
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