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होम लोन से जुड़े टैक्स के 8 नियम, जिनके बारे में जानना है जरूरी

होम लोन से जुड़ी ऐसी तमाम बातें हैं जिन्हें हम नहीं जानते हैं। होम लोन लेने वाले को टैक्स में कितनी छूट मिलती है और टैक्स के क्या नियम हैं इसके बारे में ये लेख पढ़ें।

Written by: Ashutosh
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होम लोन उधारकर्ता के बोझ को कम करने और खरीदने की क्षमता को बढ़ाने के लिए सरकार होम लोन लेने वालों को विभिन्न रूप से प्रोत्साहन प्रदान करती है। आप एक वित्तीय वर्ष के दौरान अपने खुद के घर के होम लोन की मूल राशि के लिए किये गए पुनर्भुगतान के लिए धारा 80 सी के तहत 1.5 लाख रुपए तक की कटौती का दावा कर सकते हैं। इसके अलावा, आपको स्वयं के घर के लिए उस वर्ष के दौरान किये ब्याज भुगतान के लिए भी 2 लाख रुपए तक की कटौती का दावा करने की अनुमति है।

टैक्स में छूट की मांग कर सकते हैं

आप केवल संपत्ति के निर्माण के पूरा होने के बाद ही होम लोन पर ब्याज भुगतान पर मिलने वाली आयकर कटौती छूट का दावा कर सकते हैं। आप निर्माण अवधि के अन्तर्गत किये गए किसी भी मूल धन के पुनर्भुगतान पर किसी भी कटौती का दावा नहीं कर सकते, हालांकि पूर्व निर्माण के तहत चुकाए गए ब्याज का, संपत्ति का कब्जा प्राप्त करने के बाद, पांच समान किस्तों में दावा किया जा सकता है|

कितनी होती है कटौती

अगर संपत्ति का निर्माण ,ऋण लेने के बाद से, पांच साल के भीतर पूरा नहीं हुआ है (पिछले साल तीन वर्ष से बढ़ा दिया गया था) तो ब्याज पुनर्भुगतान के खिलाफ कटौती 2,00,000 रुपए प्रति वर्ष से घटकर 30,000 रुपए तक ही हो जाती है।

ये नियम जानना है जरूरी

यदि आप कटौती का दावा करने के पांच साल के भीतर संपत्ति बेचते हैं, तो पूरे मूल ऋण की चुकौती के खिलाफ कर में मिलने वाली कटौती वापस करनी पड़ती है| इसके तहत इस राशि को, जिस वर्ष में संपत्ति को बेचा गया है, उस वर्ष की आय के रूप में देखा जाता है और इस पर आयकर का भुगतान करना होता है।

अतिरिक्त कटौती का मिलेगा लाभ

इस साल से, घर खरीदारों के होम लोन पर चुकाए जाने वाले ब्याज पर 50,000 रुपए का अतिरिक्त कर कटौती का लाभ मिलेगा। इस अतिरिक्त कर कटौती का लाभ उठाने के लिए इन तीन शर्तों का पूरा होना ज़रूरी है।यह कटौती केवल पहली बार घर खरीदारों के लिए उपलब्ध है

  • घर की संपत्ति पर ऋण 35 लाख रुपए से अधिक नहीं होनी चाहिए
  • घर की संपत्ति का मूल्य 50 लाख रुपए से अधिक नहीं होनी चाहिए

 

ब्याज दर कटौती का पात्र

दूसरे घर के मामले में पूरे वर्ष के दौरान भुगतान किया गया ब्याज कर कटौती के लिए पात्र है। यह प्रभावी होम लोन की दर को काफी हद तक कम कर देगा क्योंकि इस पूरी राशि को आपकी आय से घटाया जायेगा।

संयुक्त होम लोन पर कर्ज चुकाने के नियम

यदि आप एक संयुक्त होम लोन लेते हैं, तो मूल ऋण चुकाने के साथ ही ब्याज पुनर्भुगतान चुकाने के लिए दोनों सह उधारकर्ताओं द्वारा आयकर में मिलने वाली छूट का अलग से दावा किया जा सकता है। इसके तहत, मूल ऋण चुकाने के खिलाफ 3 लाख रुपए की कटौती और होम लोन के ब्याज पुनर्भुगतान के खिलाफ 4 लाख रुपए तक की कटौती का दावा किया जा सकता है, लेकिन इस डबल कटौती का लाभ उठाने के लिए दो शर्तें हैं। सबसे पहले, सह उधारकर्ताओं को संपत्ति का सह मालिक होना चाहिए और दूसरा, वे समान मासिक किश्तों (ईएमआई) का भुगतान करते हों। यदि एक सह उधारकर्ता ईएमआई का भुगतान नहीं कर रहा है, तो वह किसी भी कटौती का दावा नहीं कर सकता।

80सी के तहत मिलेगी छूट

आप धारा 80 सी के तहत स्टांप शुल्क और पंजीकरण शुल्क के भुगतान के खिलाफ उसी वर्ष में, जिसमे भुगतान किया गया है, 1.5 लाख रुपए की अधिकतम सीमा तक कटौती का दावा कर सकते हैं।

होम लोन में कटौती का कर सकते हैं दावा

आप दोनों मकान किराया भत्ता (एचआरए) और होम लोन की कटौती का दावा कर सकते हैं अगर आपने एक होम लोन का उपयोग कर के खरीदा है, लेकिन काम की वजह से किराए पर दूसरे शहर में रह रहे हैं|

Read more about: home loan, होम लोन
English summary

Know The 8 Home Loan Tax Rules

Know The 8 Home Loan Tax Rules, Read Full Article In Hindi.
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